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तो बह जाएगा हथिनी कुंड बांध!
डॉ. सुरेंद्र धीमान, चंडीगढ़।
Updated Fri, 21 Jun 2013 12:04 PM IST
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश से अगर यमुना नदी में साढ़े आठ लाख क्यूसेक पानी एक साथ आया तो यमुनानगर जिले में यमुना नदी पर बना हथिनी कुंड बांध बह सकता है।
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पिछले दिनों हुई बारिश से यमुना नदी में 8.06 लाख क्यूसेक पानी आ गया था। बांध की बनावट इस तरह की है यह अधिकतम साढ़े आठ लाख क्यूसेक पानी ही झेल सकता है।
अगर इससे ज्यादा पानी आया तो उसका आकलन भी नहीं हो सकेगा क्योंकि बांध पर अधिकतम 8.5 लाख क्यूसेक पानी ही मापा जा सकता है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव एसएस ढिल्लों ने अमर उजाला को बताया कि हथिनी कुंड बांध जब बनाया गया था तब यह माना गया था कि यमुना नदी में अधिकतम 7.5 लाख क्यूसेक पानी एक साथ आ सकता है।
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उनके अनुसार बांध के नीचे से 8.5 लाख क्यूसेक पानी निकासी का प्रबंध किया गया था। सरकारी रिकार्ड में 70 साल का डाटा उपलब्ध है।
उसके अनुसार 1978 में अधिकतम 7.09 लाख क्यूसेक पानी आया था। उसके बाद 2010 में अधिकतम 7.44 लाख क्यूसेक पानी आया। अब इस साल 8.06 लाख क्यूसेक पानी आया।
70000 क्यूसेक से ऊपर खोल दिए जाते हैं गेट
यह बांध यमुना नदी के पानी को उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बांटने के लिए बनाया गया था। मानसून के बाद यमुना में नौ-दस महीने पानी कम रहता है इसलिए यूपी का पानी पूर्वी यमुना नहर और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान का पानी पश्चिमी यमुना नहर में तय मात्रा के अनुसार बांध के गेट बंद कर नहरों में छोड़ दिया जाता है।
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आज भर दी जाएंगी तटबंध की दरारें
प्रधान सचिव ने बताया कि करनाल, पानीपत और सोनीपत जिलों में यमुना के तटबंधों में आई दरारें शुक्रवार तक भर दी जाएंगी। वे खुद मौके पर जाकर देखेंगे।