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हरियाणा महिला आयोग की सिफारिश: गुरुग्राम के सामूहिक दुष्कर्म मामले में एसआईटी गठित करें डीजीपी
Thu, 28 Oct 2021 08:30 AM IST
प्रमोद कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: प्रमोद कुमार
Updated Thu, 28 Oct 2021 08:30 AM IST
सार
राज्य महिला आयोग ने निष्पक्ष जांच के लिए पत्र लिख हरियाणा के डीजीपी से सिफारिश की है। गुरुग्राम पुलिस आयुक्त से अब तक हुई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है। महिला आयोग ने कहा है कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी एसआईटी गठित कर जांच की जानी चाहिए। कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हरियाणा के गुरुग्राम में सामूहिक दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग ने एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच की सिफारिश की है। आयोग की कार्यवाहक अध्यक्ष प्रीति भारद्वाज ने डीजीपी पीके अग्रवाल को इस संबंध में बुधवार को पत्र लिखा है। उन्होंने मामले को गंभीर विषय बताते हुए कानून का दुरुपयोग होने की भी आशंका जताई है। प्रीति ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त से मामले में अब तक दर्ज केस पर हुई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। 24 अक्तूबर 2021 को भी पीड़िता ने एक अन्य थाने में यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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जिम्मेदार लोगों ने भी आयोग को भेजी शिकायत
इस पर गुरुग्राम के जिम्मेदार लोगों ने भी आयोग को शिकायत भेजी है। आयोग का मानना है कि महिला सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन ऐसे कुछ मामले आयोग के समक्ष आए हैं, जिनमें महिलाओं ने कानून का कहीं न कहीं गलत प्रयोग किया है। यह मामला भी उस तरह का हो सकता है। ऐसे में पुलिस विभाग एसआईटी गठित कर उचित जांच करे। एसआईटी को एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता गठित करने की सिफारिश आयोग ने की है, जिसमें एक पुरुष पुलिस अधिकारी सह अध्यक्ष और 3 अन्य अधिकारी शामिल होने चाहिए।
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भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए
प्रीति ने कहा कि इस अनोखे मगर अपवादजनक मामले का निपटान संतोषजनक रूप से भेदभाव रहित, सही तथ्यों और परिस्थितियों की तह तक जाकर और कानून के सही दायरे में होना चाहिए। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री को भी भेजी है।