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हरियाणा लिंगानुपात में 9 अंक का उछाल: अवैध गर्भपात के मामलों में 23 फीसदी की गिरावट, 909 से बढ़कर 918 पहुंचा
Tue, 23 Dec 2025 07:30 PM IST
नवीन दलाल
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: नवीन दलाल
Updated Tue, 23 Dec 2025 07:30 PM IST
सार
बैठक में सचिव आरएस ढिल्लों ने राज्य में एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) किट की अवैध बिक्री व पीएनडीटी के मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन जिलों में पिछले वर्ष के मुकाबले में इस वर्ष कम लिंगानुपात सामने आया है।
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हरियाणा में लिंगानुपात में बढ़त
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा में लिंगानुपात में बढ़त देखी जा रही है। सरकार की सख्ती का असर है कि अवैध गर्भपात के मामलों में काफी कमी आई है। साल 2024 की तुलना में इस बार गर्भपात के मामलों में 23 फीसदी की कमी आई है जिसकी वजह से लड़कियों का लिंगानुपात 909 के मुकाबले इस वर्ष बढ़कर 918 तक पहुंच गया है। यह जानकारी प्रदेश सरकार की ओर से गठित स्पेशल टास्क फोर्स की मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान दी गई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के सचिव व नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के मिशन डायरेक्टर आरएस ढिल्लों ने की।
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बैठक में सचिव आरएस ढिल्लों ने राज्य में एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) किट की अवैध बिक्री व पीएनडीटी के मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन जिलों में पिछले वर्ष के मुकाबले में इस वर्ष कम लिंगानुपात सामने आया है उन जिलों के नोडल ऑफिसर अपने -अपने क्षेत्र में होने वाले अवैध लिंग जांच व उसके बाद होने वाले गर्भपात के मामलों पर नजर रखें।
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साथ ही उन्होंने गर्भपात के मामलों में रिवर्स ट्रैकिंग पर जोर दिया। उन्होंने अवैध एमटीपी व पीएनडीटी के कोर्ट केसों की मजबूती से पैरवी करने के भी निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. वीरेंद्र यादव, डॉ. सिम्मी वर्मा, डॉ. परवीन बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ अभियान के नोडल ऑफिसर जी.एल सिंगल के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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