{"_id":"01519e27d9888de25ecad7c1a02ff1c0","slug":"haryana-lokayukta-justice-pritampal-singh-social-justice-empowerment-principal-secretary-of-the-department","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकायुक्त ने सामाजिक न्याय विभाग की प्रधान सचिव को दिया निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकायुक्त ने सामाजिक न्याय विभाग की प्रधान सचिव को दिया निर्देश
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 06 Jan 2014 11:36 PM IST
विज्ञापन
हरियाणा लोकायुक्त जस्टिस प्रीतम पाल सिंह ने सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की प्रधान सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे रिटायर्ड अफसर लाल चंद की चार्जशीट और पेंशन बहाल करने के मामले में दो सप्ताह के भीतर फैसला करें।
साथ में यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन अफसरों के कारण पेंशन बहाल नहीं हुई है उनकी जिम्मेवारी तय करें।
लोकायुक्त के सामने सोमवार को सुनवाई के दौरान लाल चंद की बेटी प्रोमिला हाजिर हुईं।
प्रोमिला ने उन्हें जानकारी दी कि उनके पिता का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके पिता 2005 में जिला समाज कल्याण अधिकारी पद से रिटायर हुए थे।
उनके खिलाफ 2003 में एफआईआर दर्ज हुई थी और 2004 में चार्जशीट जारी हुई थी। इस चार्जशीट की जांच 2010 में पूरी हो चुकी थी मगर उन्हें आज तक पेंशन लाभ नहीं दिए गए।
आज उन्हें पैसों की बेहद जरूरत है। विभाग के प्रशासनिक अफसर ने लोकायुक्त को जानकारी दी कि जांच रिपोर्ट प्रधान सचिव कार्यालय में सितंबर, 2013 से लंबित है।
विज्ञापन
इस पर लोकायुक्त ने प्रधान सचिव को दो सप्ताह के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
विज्ञापन
साथ में यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन अफसरों के कारण पेंशन बहाल नहीं हुई है उनकी जिम्मेवारी तय करें।
लोकायुक्त के सामने सोमवार को सुनवाई के दौरान लाल चंद की बेटी प्रोमिला हाजिर हुईं।
प्रोमिला ने उन्हें जानकारी दी कि उनके पिता का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके पिता 2005 में जिला समाज कल्याण अधिकारी पद से रिटायर हुए थे।
उनके खिलाफ 2003 में एफआईआर दर्ज हुई थी और 2004 में चार्जशीट जारी हुई थी। इस चार्जशीट की जांच 2010 में पूरी हो चुकी थी मगर उन्हें आज तक पेंशन लाभ नहीं दिए गए।
विज्ञापन
आज उन्हें पैसों की बेहद जरूरत है। विभाग के प्रशासनिक अफसर ने लोकायुक्त को जानकारी दी कि जांच रिपोर्ट प्रधान सचिव कार्यालय में सितंबर, 2013 से लंबित है।
विज्ञापन
इस पर लोकायुक्त ने प्रधान सचिव को दो सप्ताह के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।