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निगम आयुक्त ने दागी अफसरों की कुंडली मांगी
Gurgaon
Updated Tue, 05 Mar 2013 05:30 AM IST
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गुड़गांव। नगर निगम आयुक्त ने निगम के दागी अफसरों की सूची मांगी है। अब तक 25 अधिकारियों की सूची तैयार कर आयुक्त को सौंप दी गई है। इनमें सबसे अधिक अधिकारी इंजीनियरिंग विंग के हैं।
नगर निगम के आयुक्त अशोक सांगवान ने निगम के सभी दागी अफसरों की रिपोर्ट मांगी है। जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। उनकी फाइलों का रिकॉर्ड मांगा है। इन सभी का अध्ययन करने के बाद आगे फैसला लेंगे। जानकारी के अनुसार निगम की ओर से अब तक करीब 25 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसमें कुछ अधिकारियों को चार्जशीट किया गया है। कुछ को कारण बताओ नोटिस दिए गए थे। कई अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे गए थे। आयुक्त की ओर से अधिकारी का नाम, चार्जशीट का नंबर, मूल विभाग, अधिकारी का पद, चार्जशीट का विषय, वर्तमान में फाइल की स्थिति मांगी है।
निगम की ओर से तैयार की गई इस सूची से करीब 6 अधिकारी निगम से वापस उनके मूल विभाग में भेजे जा चुके हैं। कुछ अधिकारी दूसरी निगमों में स्थानांतरित हो चुके हैं। निगम आयुक्त ने अब तक दोषी पाए गए अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इस कारण उनकी मूल फाइल भी साथ में मांगी है।
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ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई कराने के लिए मुख्य सचिव के जरिए अधिकारियों पर शिकंजा कसा जाएगा। इनमें कुछ अधिकारियों को दो-दो बार कारण बताओ नोटिस जारी हुए। सहायक अभियंता राव भोपाल सिंह के खिलाफ सबसे अधिक दो चार्जशीट तथा एक एक्सपलेशन जारी की गई है। कार्यकारी अभियंता एमआर शर्मा, एके सिंगला को दो दो बार चार्जशीट किया गया। दागी अधिकारियों की इस सूची में इंजीनियरिंग विंग के 14 अधिकारी शामिल हैं। आईटी विभाग के दो, सफाई विंग के चार, कराधान विभाग के दो अधिकारियों के नाम हैं। निगम को सेवाएं देने वाली एक एजेंसी भी इसमें शामिल है। इस लिस्ट में एचसीएस स्तर की महिला अधिकारी का नाम भी है।
किन अधिकारियों की कुंडली मांगी
निगम की संयुक्त आयुक्त वीणा हुड्डा, कार्यकारी अभियंता एके सिंगला, कार्यकारी अभियंता एमआर शर्मा, कार्यकारी अभियंता राजेश बंसल, सहायक अभियंता केके यादव, राव भोपाल सिंह, राजीव यादव, विशाल गर्ग, एचएस खेड़ा, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी समीर श्रीवास्तव, राजेंद्र हुड्डा, आईटी मैनेजर रीटा दलाल, जूनियर इंजीनियर ललित मोहन, नरेश कुमार, आईटी के असिस्टेंट मैनेजर अनिल कुमार, फायर स्टेशन आफीसर सज्जन सिंह, सफाइकर्मी नवल, जगत सिंह, चांद सिंह, निगम के लिए काम करने वाली कंपनी सीई इंफोसिस।
जल्द फैसला लेंगे
निगम आयुक्त अशोक सांगवान ने कहा कि उन्होंने अधिकारियाें की सूची मंगाई है। किन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन फाइलों का स्टेटस पता किया जा रहा है। जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।
गैर हाजिर अफसरों को मिलेगा नोटिस
गुड़गांव। व्यवस्था को परखने के लिए सोमवार की सुबह नगर निगम आयुक्त निगम कार्यालयों में पहुंचे। यहां करीब 25 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं मिले। इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। निगम आयुक्त अशोक सांगवान सप्ताह के पहले ही दिन निगम कार्यालयों का निरीक्षण करने के लिए निकले। इसमें अधिकारियाें की बजाए कुर्सियां खाली नजर आई। अधिकारी अपनी कुर्सियों से गायब थे। अधिकारी ही नहीं, कर्मचारी भी गायब मिले। सबसे पहले निगम आयुक्त ने संयुक्त आयुक्त अंजू चौधरी के कार्यालय का दौरा किया। यहां खुद संयुक्त आयुक्त ही गायब मिलीं। साथ में दूसरे संयुक्त आयुक्त का कार्यभार संभाल रहे वाईके गर्ग भी अपनी कुर्सी से गायब मिले। आयुक्त ने काफी देर तक इन अधिकारियों के कक्षों का निरीक्षण किया। वहां पड़ी फाइलों पर भी नजर दौड़ाई। इन अधिकारियों का अधिकतर स्टाफ भी गैर हाजिर मिला।
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नगर निगम के आयुक्त अशोक सांगवान ने निगम के सभी दागी अफसरों की रिपोर्ट मांगी है। जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। उनकी फाइलों का रिकॉर्ड मांगा है। इन सभी का अध्ययन करने के बाद आगे फैसला लेंगे। जानकारी के अनुसार निगम की ओर से अब तक करीब 25 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसमें कुछ अधिकारियों को चार्जशीट किया गया है। कुछ को कारण बताओ नोटिस दिए गए थे। कई अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे गए थे। आयुक्त की ओर से अधिकारी का नाम, चार्जशीट का नंबर, मूल विभाग, अधिकारी का पद, चार्जशीट का विषय, वर्तमान में फाइल की स्थिति मांगी है।
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निगम की ओर से तैयार की गई इस सूची से करीब 6 अधिकारी निगम से वापस उनके मूल विभाग में भेजे जा चुके हैं। कुछ अधिकारी दूसरी निगमों में स्थानांतरित हो चुके हैं। निगम आयुक्त ने अब तक दोषी पाए गए अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इस कारण उनकी मूल फाइल भी साथ में मांगी है।
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ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई कराने के लिए मुख्य सचिव के जरिए अधिकारियों पर शिकंजा कसा जाएगा। इनमें कुछ अधिकारियों को दो-दो बार कारण बताओ नोटिस जारी हुए। सहायक अभियंता राव भोपाल सिंह के खिलाफ सबसे अधिक दो चार्जशीट तथा एक एक्सपलेशन जारी की गई है। कार्यकारी अभियंता एमआर शर्मा, एके सिंगला को दो दो बार चार्जशीट किया गया। दागी अधिकारियों की इस सूची में इंजीनियरिंग विंग के 14 अधिकारी शामिल हैं। आईटी विभाग के दो, सफाई विंग के चार, कराधान विभाग के दो अधिकारियों के नाम हैं। निगम को सेवाएं देने वाली एक एजेंसी भी इसमें शामिल है। इस लिस्ट में एचसीएस स्तर की महिला अधिकारी का नाम भी है।
किन अधिकारियों की कुंडली मांगी
निगम की संयुक्त आयुक्त वीणा हुड्डा, कार्यकारी अभियंता एके सिंगला, कार्यकारी अभियंता एमआर शर्मा, कार्यकारी अभियंता राजेश बंसल, सहायक अभियंता केके यादव, राव भोपाल सिंह, राजीव यादव, विशाल गर्ग, एचएस खेड़ा, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी समीर श्रीवास्तव, राजेंद्र हुड्डा, आईटी मैनेजर रीटा दलाल, जूनियर इंजीनियर ललित मोहन, नरेश कुमार, आईटी के असिस्टेंट मैनेजर अनिल कुमार, फायर स्टेशन आफीसर सज्जन सिंह, सफाइकर्मी नवल, जगत सिंह, चांद सिंह, निगम के लिए काम करने वाली कंपनी सीई इंफोसिस।
जल्द फैसला लेंगे
निगम आयुक्त अशोक सांगवान ने कहा कि उन्होंने अधिकारियाें की सूची मंगाई है। किन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन फाइलों का स्टेटस पता किया जा रहा है। जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।
गैर हाजिर अफसरों को मिलेगा नोटिस
गुड़गांव। व्यवस्था को परखने के लिए सोमवार की सुबह नगर निगम आयुक्त निगम कार्यालयों में पहुंचे। यहां करीब 25 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं मिले। इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। निगम आयुक्त अशोक सांगवान सप्ताह के पहले ही दिन निगम कार्यालयों का निरीक्षण करने के लिए निकले। इसमें अधिकारियाें की बजाए कुर्सियां खाली नजर आई। अधिकारी अपनी कुर्सियों से गायब थे। अधिकारी ही नहीं, कर्मचारी भी गायब मिले। सबसे पहले निगम आयुक्त ने संयुक्त आयुक्त अंजू चौधरी के कार्यालय का दौरा किया। यहां खुद संयुक्त आयुक्त ही गायब मिलीं। साथ में दूसरे संयुक्त आयुक्त का कार्यभार संभाल रहे वाईके गर्ग भी अपनी कुर्सी से गायब मिले। आयुक्त ने काफी देर तक इन अधिकारियों के कक्षों का निरीक्षण किया। वहां पड़ी फाइलों पर भी नजर दौड़ाई। इन अधिकारियों का अधिकतर स्टाफ भी गैर हाजिर मिला।