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एक्सप्रेस वे की एंबुलेस में उपचार की सुविधा नहीं
Gurgaon
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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गुड़गांव। दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर अंधेरा होते ही नजारा बदल जाता है और वाहन दुर्घटना की संभावना दो गुना हो जाती है। सोमवार को डीएससी व एनएचएसआईए की हुई बैठक में पुलिस ने इस बात का खुलासा किया कि उसकी एंबुलेंस में उपचार के साधन ही नहीं हैं।
दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर कदम-कदम पर समस्याएं हैं। जिसे पुलिस ने सोमवार को हुई बैठक में उजागर किया है। अलग-अलग बनाए गए एक दर्जन से अधिक प्वाइंट में सबसे अहम बात है कि डीएससी की ओर से जो भी एंबुलेंस जिस प्वाइंट पर खड़ी की जाती है। उसमें चलने वाले लोगों को घायल को उठा कर निजी अस्पताल पहुंचाने से अधिक कुछ नहीं होता है। यदि कोई मामूली घायल हो जाये तो उसकी चोट पर लगाने की लिए दवाई तक नहीं है। इस बात का खुलासा पुलिस कमिशभनर केके संधू ने हाई पावर कमेटी के लोगों के साथ की है।
इसके साथ ही सिरहौल टोल प्लाजा से लेकर खेड़कीदौला की आधे से अधिक लाइटें बंद रहती हैं। इतना ही नहीं सर्विस रोड टूटी हुई है। इसके चलते सर्विस रोड पर चलने वाले भी जबरन एक्सप्रेस वे पर चढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं मौसम बदलने के बाद फॉग बढ़ने की संभावना है। पूरे एक्सप्रेस वे पर कैट आई नहीं लगी है।
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एसीपी ट्रैफिक रवींद्र तोमर ने बताया कि एक्सप्रेस वे पर बढ़ रही वाहन दुर्घटना व जाम लगने वाले एक दर्जन से अधिक कारणों की जानकारी हाईकोर्ट को भी दी जा चुकी है। बैठक में इस समस्या को समाप्त करने पर चर्चा हुई है। मंगलवार को होने वाले निरीक्षण पर इन प्वाइंट पर खास नजर रखी जाएगी।
टोल बूथ के दोनों तरफ लगेंगे कैमरे
गुड़गांव। हाईकोर्ट के आदेश के बाद टोल पर दोनों ओर चार सौ मीटर पर लगी लाल बत्ती के बाहर जाम लगता है कि नही यह अब तीसरी आंख नजर रखेगी। बैठक के दौरान पुलिस कमिशभनर की ओर से दोनों रेड लाइन पर कैमरे लगाने की बात कही जा रही है। इसके बाद डीएससी ने जल्द कैमरा लगवाने का आश्वासन दिया है
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दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर कदम-कदम पर समस्याएं हैं। जिसे पुलिस ने सोमवार को हुई बैठक में उजागर किया है। अलग-अलग बनाए गए एक दर्जन से अधिक प्वाइंट में सबसे अहम बात है कि डीएससी की ओर से जो भी एंबुलेंस जिस प्वाइंट पर खड़ी की जाती है। उसमें चलने वाले लोगों को घायल को उठा कर निजी अस्पताल पहुंचाने से अधिक कुछ नहीं होता है। यदि कोई मामूली घायल हो जाये तो उसकी चोट पर लगाने की लिए दवाई तक नहीं है। इस बात का खुलासा पुलिस कमिशभनर केके संधू ने हाई पावर कमेटी के लोगों के साथ की है।
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इसके साथ ही सिरहौल टोल प्लाजा से लेकर खेड़कीदौला की आधे से अधिक लाइटें बंद रहती हैं। इतना ही नहीं सर्विस रोड टूटी हुई है। इसके चलते सर्विस रोड पर चलने वाले भी जबरन एक्सप्रेस वे पर चढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं मौसम बदलने के बाद फॉग बढ़ने की संभावना है। पूरे एक्सप्रेस वे पर कैट आई नहीं लगी है।
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एसीपी ट्रैफिक रवींद्र तोमर ने बताया कि एक्सप्रेस वे पर बढ़ रही वाहन दुर्घटना व जाम लगने वाले एक दर्जन से अधिक कारणों की जानकारी हाईकोर्ट को भी दी जा चुकी है। बैठक में इस समस्या को समाप्त करने पर चर्चा हुई है। मंगलवार को होने वाले निरीक्षण पर इन प्वाइंट पर खास नजर रखी जाएगी।
टोल बूथ के दोनों तरफ लगेंगे कैमरे
गुड़गांव। हाईकोर्ट के आदेश के बाद टोल पर दोनों ओर चार सौ मीटर पर लगी लाल बत्ती के बाहर जाम लगता है कि नही यह अब तीसरी आंख नजर रखेगी। बैठक के दौरान पुलिस कमिशभनर की ओर से दोनों रेड लाइन पर कैमरे लगाने की बात कही जा रही है। इसके बाद डीएससी ने जल्द कैमरा लगवाने का आश्वासन दिया है