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सिविल अस्पताल में मुफ्त इलाज
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 01 Jan 2014 04:34 PM IST
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सिविल अस्पताल में आज से मरीजों को ओपीडी के साथ सभी प्रकार के टेस्ट की सुविधा मुफ्त में मिलेगी। मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने खासे इंतजाम किए हैं।
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जिला स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और एक्सरे की सुविधा सभी मरीजों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध होगी। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए सर्जिकल सुविधाएं भी मुफ्त रहेंगी।
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हालांकि अन्य मरीजों को सर्जिकल सुविधा मुफ्त में पाने के लिए हरियाणा की नागरिकता साबित करनी होगी। इसके साथ ही सभी बेसिक 30 टेस्ट भी मुफ्त कर दिए गए हैं। मरीजों को केवल पांच रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस चुकानी होगी, जिसके बाद वह इन सुविधाओं का मुफ्त लाभ ले पाएंगे।
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निगरानी कमेटी करेगी समीक्षा
वर्तमान में सिविल अस्पताल की रोज ओपीडी 1,200 के आसपास रहती है। फ्री इलाज के मद्देनजर इसमें 40 से 50 फीसदी के इजाफे का अनुमान लगाया गया है। ऐसे में वरिष्ठ अस्पताल प्रबंधन अधिकारी डॉ. मनीष राठी के नेतृत्व में निगरानी कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि मरीजों को फ्री इलाज के लिए किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। इसके अलावा मुख्यद्वार पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है।
यहां अभी भी संशय
सूत्रों की मानें तो इंडोर पेशेंट से वसूले जाने वाली 100 रुपये की फीस पर अभी तक असमंजस है। मुख्यालय स्तर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस राशि को पूरी तरह से मुफ्त करना है या नहीं। ऐसे में मरीजों और प्रबंधन के बीच तनाव की स्थिति बन सकती है।
डेंटल के चार टेस्ट छूटे
डेंटल में 23 प्रकार के टेस्ट होते हैं, जिनमें से 19 तरह के टेस्ट को नि:शुल्क किया गया है। शेष चार प्रकार के टेस्ट के बारे में अभी कोई निर्देश नहीं मिल पाया है।
सीमित संसाधन बनेंगे परेशानी का सबब
सिविल अस्पताल में पिछले आठ महीने से रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत केवल गर्भवती महिलाओं के ही अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। सामान्य मरीजों को महंगे दाम पर बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। एमआरआई है, लेकिन इसकी वेटिंग एक माह तक पहुंच जाती है।
चिकित्सकों पर भी बढ़ेगा बोझ
सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की भी कमी है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर चिकित्सकों पर काम का बोझ बढ़ जाएगा। फ्री इलाज का निर्णय केवल अस्पताल प्रबंधन के लिए राहत भरा होगा, क्योंकि उन्हें तमाम फीसों का रिकॉर्ड नहीं रखना होगा।
श्रेणी-------------फीस
दाखिल फीस-----100 रुपये प्रति बेड
एक्सरे------------50 से 100 रुपये
ईसीजी------------30 रुपये
एमआरआई--------1000 रुपये (दाखिल मरीज के लिए)
एमआरआई--------2500 रुपये (ओपीडी मरीज के लिए)
सर्जरी पैकेज------500 से 5000 रुपये
खून, पेशाब, हीमोग्लोबिन, रक्तचाप आदि 100 से 150 रुपये