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एक अस्पताल ऐसा जहां ढूंढना पड़ता है डॉक्टर

Wed, 25 Sep 2013 12:29 AM IST
कैथ्ाल
कैथ्ाल Updated Wed, 25 Sep 2013 12:29 AM IST
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Forty-six thousand of the population , only one doctor
हरियाणा के जिले कैथल में शहर से करीब बारह किलोमीटर दूर स्थित गांव क्योड़क में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। पीएचसी में र्प्याप्त बेड भी नहीं है।
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इसके अलावा सब-सेंटरों में भी स्टॉफ की कमी बनी हुई है। इसके कारण लोगों को शहर में आकर इलाज करवाना पड़ता है।

गांव क्योड़क में पिछले साल ही अत्याधुनिक ढंग से बनाए गए भवन को प्राथमिक चिकित्सा भवन को शिफ्ट किया गया है। इसमें पीएचसी के साथ-साथ गांव के ही सब-सेंटर भी चल रहे हैं।
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लगभग 46 हजार की आबादी के लिए बनाए गए पीएचसी में मात्र एक डॉक्टर इस समय काम कर रही हैं। इनके जिम्मे लगभग 13 गांव आते हैं। इन गांवों में 7 सब सेंटर स्थित हैं।
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पीएचसी में ही मात्र एक डॉक्टर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार यहां इस समय मात्र एक महिला चिकित्सक तैनात है। एक दंत चिकित्सक का पद खाली पड़ा हुआ है। वहीं एक अन्य डॉक्टर की वेयरहाउस में डेपूटेशन की गई है।

 यदि एक डॉक्टर छुट्टी पर चली जाए तो पीएचसी कर्मचारियों और स्वास्थ्य कर्मियों के भरोसे रहता है। यहां एक फार्मासिस्ट, 3 स्टॉफ नर्स, एक एमपीएचएस, 5 महिला एमपीएचडब्ल्यू, एक पुरूष एमपीएचडब्ल्यू, एक सूचना सहायक, एक चौकीदार और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है। गांव वासी महका सिंह, करनैल सिंह, राजेश कमार, गुरदीप सिंह ने कहा कि दांतों का डॉक्टर न होने के कारण काफी परेशानियां होती हैं।

चार बेडों की सुविधा वाले अत्याधुनिक ढंग से बने पीएचसी में मात्र 2 बेड है। जबकि यहां हर रोज लगभग 100 के आस-पास ओपीडी रहती है।

स्वास्थ्य वर्करों के पद खाली
पीएचसी के अंतर्गत आने वाले सब सेंटरों में जगदीशपुरा, बरोट, कुल्तारण, दयौरा, नौच सहित दो केंद्र क्योड़क में चल रहे हैं। इनमें से मात्र 2 में ही स्वास्थ्य वर्कर हैं। शेष में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


इसके अलावा फार्मासिस्ट को ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का काम करना पड़ता है। यहां अलग सेे कर्मचारी की आवश्यकता है। इसके अलावा बड़ा गेट जो दिन में हमेशा खुल रहता है, इसके कारण पशु अस्पताल परिसर में घुस जाते हैं। यहां छोटा गेट लगवाया जाना आवश्यक है।

सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता ने दिए जवाब

सवाल: क्योड़क पीएचसी में डॉक्टरों की कमी से लोग परेशान हैं
जवाब: डॉक्टरों की कमी जिलास्तरीय अस्पताल में भी है। इस बारे में विभाग को सूचित किया गया है।
सवाल- यहां केवल दो ही बेड हैं?
जवाब:  इसके लिए पीएचसी के डॉक्टर ही जिम्मेवार हैं। पीएचसी इंचार्ज अपने स्तर पर बेड खरीद सकता है। इसके लिए वार्षिक बजट जारी किया जाता है।

सवाल-
सब सेंटरों में पद खाली पडे़ हुए हैं?
जवाब: स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी कई जगह बनी हुई है। जैसे ही विभाग से कर्मचारियों की नियुक्ति मिलेगी, उसी अनुसार यहां कर्मचारी भेज दिए जाएंगे।
सवाल- अस्पताल में पशु घुस जाते हैं, गंदगी भी फैली रहती है
जवाब: यह काम भी पीएचसी इंचार्ज अपने स्तर पर करवा सकता है। इसके लिए वार्षिक बजट दिया जाता है।
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