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Fatehabad News: डीसी के 15 दिन के निर्देश के बाद भी 26 दिन बाद भी काम अधूरा
Sun, 06 Sep 2026 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 06 Sep 2026 11:10 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में जच्चा-बच्चा वार्ड का लटका काम संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड का मरम्मत कार्य उपायुक्त के निर्देश के बावजूद पूरा नहीं हो सका है। उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने 12 अगस्त को 15 दिन में काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। 26 दिन बाद भी वार्ड शुरू नहीं हुआ।
जच्चा-बच्चा वार्ड का काम अधूरा रहने से प्रसूताओं और नवजातों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। करीब ढाई माह से मरीजों को गैलरी और दूसरे कमरों में रखा जा रहा है। इससे अस्पताल में उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
एक ही परिसर में निर्माण कार्य और मरीजों की आवाजाही जारी है। इससे संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। मरीजों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि अधिकारियों के निर्देशों की समय सीमा का पालन नहीं हुआ है।
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12 अगस्त को उपायुक्त ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को 15 दिन में जच्चा-बच्चा वार्ड का काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। तय समय बीतने के बाद भी वार्ड तैयार नहीं हुआ।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि काम अंतिम चरण में है। दो से तीन दिन में इसे पूरा कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार शौचालयों के निर्माण के कारण काम में देरी हुई है। वार्ड शुरू होने के बाद प्रसूताओं और नवजातों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल मरीजों को अस्थायी व्यवस्था में उपचार करवाना पड़ रहा है।
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शौचालय फर्श बनने के बाद शुरू हुआ मरम्मत का काम
जच्चा-बच्चा वार्ड में शौचालय में फर्श निर्माण के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया। जबकि पहले खराब हुए प्लास्टर की मरम्मत के बाद फर्श बनाया जाना था लेकिन अब तोड़फोड़ की जा रही है। सिटी वेलफेयर क्लब के अध्यक्ष विनोद अरोड़ा का कहना है कि काम को लेकर कोताही बरती जा रही है। शौचालयों के ऊपर लगे रोशनदान बंद कर दिए गए हैं इसके अलावा गैलरी भी शीशे से बंद करने से उमस बढ़ गई है।
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लैब और जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र का काम भी अधूरा
अस्पताल में सिर्फ जच्चा-बच्चा वार्ड ही अधूरा नहीं है। लैब के कमरों का काम भी पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र के लिए तैयार किया जा रहा वार्ड भी अब तक पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में 14 महीने से चल रहे मरम्मत कार्य की रफ्तार पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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14 महीने से मरम्मत, फिर भी काम पूरा नहीं
नागरिक अस्पताल में करीब 14 महीने से मरम्मत का काम चल रहा है लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण हिस्से अधूरे पड़े हैं। डीसी के निरीक्षण के बाद उम्मीद जगी थी कि कम से कम जच्चा-बच्चा वार्ड को तय समय में शुरू कर दिया जाएगा लेकिन 15 दिन की समय सीमा खत्म होने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। अब 26 दिन बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
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जच्चा-बच्चा वार्ड का मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। दो से तीन दिन में काम पूरा हो जाएगा। शौचालयों के कारण दिक्कत आई है।
- कुलदीप कुमार, जेई, लोक निर्माण विभाग
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जच्चा-बच्चा वार्ड का काम अधूरा रहने से प्रसूताओं और नवजातों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। करीब ढाई माह से मरीजों को गैलरी और दूसरे कमरों में रखा जा रहा है। इससे अस्पताल में उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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एक ही परिसर में निर्माण कार्य और मरीजों की आवाजाही जारी है। इससे संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। मरीजों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि अधिकारियों के निर्देशों की समय सीमा का पालन नहीं हुआ है।
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12 अगस्त को उपायुक्त ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को 15 दिन में जच्चा-बच्चा वार्ड का काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। तय समय बीतने के बाद भी वार्ड तैयार नहीं हुआ।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि काम अंतिम चरण में है। दो से तीन दिन में इसे पूरा कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार शौचालयों के निर्माण के कारण काम में देरी हुई है। वार्ड शुरू होने के बाद प्रसूताओं और नवजातों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल मरीजों को अस्थायी व्यवस्था में उपचार करवाना पड़ रहा है।
शौचालय फर्श बनने के बाद शुरू हुआ मरम्मत का काम
जच्चा-बच्चा वार्ड में शौचालय में फर्श निर्माण के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया। जबकि पहले खराब हुए प्लास्टर की मरम्मत के बाद फर्श बनाया जाना था लेकिन अब तोड़फोड़ की जा रही है। सिटी वेलफेयर क्लब के अध्यक्ष विनोद अरोड़ा का कहना है कि काम को लेकर कोताही बरती जा रही है। शौचालयों के ऊपर लगे रोशनदान बंद कर दिए गए हैं इसके अलावा गैलरी भी शीशे से बंद करने से उमस बढ़ गई है।
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लैब और जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र का काम भी अधूरा
अस्पताल में सिर्फ जच्चा-बच्चा वार्ड ही अधूरा नहीं है। लैब के कमरों का काम भी पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र के लिए तैयार किया जा रहा वार्ड भी अब तक पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में 14 महीने से चल रहे मरम्मत कार्य की रफ्तार पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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14 महीने से मरम्मत, फिर भी काम पूरा नहीं
नागरिक अस्पताल में करीब 14 महीने से मरम्मत का काम चल रहा है लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण हिस्से अधूरे पड़े हैं। डीसी के निरीक्षण के बाद उम्मीद जगी थी कि कम से कम जच्चा-बच्चा वार्ड को तय समय में शुरू कर दिया जाएगा लेकिन 15 दिन की समय सीमा खत्म होने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। अब 26 दिन बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
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जच्चा-बच्चा वार्ड का मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। दो से तीन दिन में काम पूरा हो जाएगा। शौचालयों के कारण दिक्कत आई है।
- कुलदीप कुमार, जेई, लोक निर्माण विभाग