फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Women farmers demonstrated

महिला किसान दिवस पर नारी शक्ति का आक्रोश प्रदर्शन

Tue, 19 Jan 2021 12:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2021 12:14 AM IST
विज्ञापन
Women farmers demonstrated
महिला किसान दिवस पर प्रदर्शन करतीं महिलाएं। - फोटो : Fatehabad
महिला किसान दिवस के मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा का विरोध प्रदर्शन महिलाओं के हाथ में रहा। किसानों के समर्थन में नारी शक्ति ने आवाज बुलंद की। लघु सचिवालय के सामने चल रहे धरने में पुरुषों की संख्या नाममात्र ही रही। विरोध प्रदर्शन की कमान महिलाओं ने ही संभाली। गांव धारसूल से अध्यापक संघ के जिला सचिव कृष्ण कुमार के परिवार की छह बेटियां एक साथ धरने पर पहुंची। उन्होंने किसानों के समर्थन में नारे लगाते हुए कहा कि अगर किसान कोई मांग कर रहे हैं तो सरकार को बात सुननी चाहिए। धरने पर पहुंची धारसूल की ज्योति, तृप्ति, सोफी, नेहा, नैंसी, पूनम, रत्ताथेह से उनके साथ आई वीरपाल व सहज ने बताया कि वे फिलहाल पढ़ाई कर रही हैं। उन्हें कृषि कानूनों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मगर किसान परिवारों में जन्मी हैं इसलिए किसानों की परेशानी को उनसे ज्यादा कोई नहीं समझ सकता। उन्होंने अपने बड़े बुजुर्गों को खेतों में संघर्ष करते हुए देखा है। उन्हें पता है कि बाजार में एक किसान को कैसे ठगा जाता है इसलिए वे किसानों के समर्थन में आवाज उठाने आई हैं।
विज्ञापन

महिला किसान दिवस के मौके के कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर अलग अलग गांवों से महिलाएं पहुंची। उन्होंने लघु सचिवालय पर इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन से पहले उपायुक्त कार्यालय पर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा चल रहे अनशन स्थल पर एक जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा की अध्यक्षता भादो देवी भूथन, कुलवंत कौर भिरड़ाना, श्योनंद धारसूल, महेंद्रों फुलां, माया पीलीमंदोरी, उषा गोरखपुर, मूर्ति जांडली, दर्शन ढाणी ईशर, कृष्णा कालीदास कॉलोनी, बचन कौर झलनिया ने संयुक्त रूप से की।
विज्ञापन

सभा का संचालन पूर्व जिला पार्षद सुनीता जांडली ने किया। जनसभा को महिला किसान नेत्री परमजीत भूथन कलां, कौशल्या भूथन कलां, जसवंत कौर, डॉ. ऊषा दहिया, वीना सहनाल, प्रोमिला जांडली खुर्द, सहजपाल कौर, कमलेश वशिष्ठ एडवोकेट, पूर्व जिला पार्षद सुमनलता सिवाच आदि महिला किसान नेत्रियों ने संबोधित किया। महिला किसान नेताओं ने जनसभा में कहा कि जब तक केंद्र सरकार खेती विरोधी लागू किए तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, यह आंदोलन जारी रहेगा और इस आंदोलन में महिलाएं भी भागीदारी करती रहेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed