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Fatehabad News: डेंगू के दो आशंकित रोगी मिले विभाग करवाएगा एलाइजा टेस्ट
Fri, 03 Oct 2025 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 03 Oct 2025 10:41 PM IST
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शहर की एक कॉलोनी में पानी की टंकी की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत : स्वास्थ्य विभाग
फतेहाबाद। मौसम में बदलाव के साथ अब डेंगू और मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिले में शुक्रवार को डेंगू आशंकित दो रोगी मिले हैं। गांव फतेहपुरी निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति और गांव बबनपुर निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग की रेपिड कार्ड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित मरीजों के घरों का सर्वे किया और रिपोर्ट तैयार की है। मरीजों के विभाग अब एलाइजा टेस्ट करवाएगा। एलाइजा टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर विभाग डेंगू की पुष्टि करेगा। जिले में अब तक डेंगू के एक केस की पुष्टि हुई है।
विभाग ने रेपिड फीवर सर्वे एक अक्तूबर से शुरू कर दिया है। ये सर्वे 15 तक चलेगा और इस दौरान बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाई जाएंगी और लारवा ढूंढकर उसे नष्ट किया जाएगा। विभाग की तरफ से करीब 1.92 लाख घरों का लक्ष्य रखा गया है।
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डेंगू टेस्ट के 600 रुपये से ज्यादा नहीं ले पाएंगे अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल में ही एलाइजा जांच की सुविधा है। इसके अलावा निजी अस्पताल के लिए डेंगू टेस्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 600 रुपये तय कर रखे है, इससे ज्यादा नहीं ले सकते है। अगर कार्ड टेस्ट में पॉजिटव आता है तो एलाइजा करवाना जरूरी है। निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग को जानकारी भी देनी होगी।
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किस वर्ष कितने डेंगू रोगी मिले :
वर्ष रोगी
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 993
2022 154
2023 89
2024 129
2025 01 (अभी तक)
--
इन सात लक्षणों से पहचानें डेंगू
सिर दर्द होना।
मन का मिचलाना।
उल्टी होना।
मांस पेशियों और जोड़ों में दर्द।
आंखों के पीछे दर्द होना।
मांसपेशियों में दर्द होना।
त्वचा पर लाल चकते होना।
इन बातों का रखें ध्यान
- बिना चिकित्सक के परामर्श के कोई दवा न लें।
- घरों के अंदर, आसपास गड्डों में सात दिन से अधिक पानी न भरने न दें।
- पुराना सामान जैसे टायर, टयूब, खाली-डिब्बे, पॉलीथिन के लिफाफे खुल में न फेंके।
- हैंड पंप व नल के आसपास पानी न जमा होने दें
- घरों के आसपास गड्ढों में मिट्टी भरवा दें।
-कूलर, होदी या अन्य पानी से भरे हुए बर्तन सप्ताह में एक बार जरूर खाली करें।
- शरीर को ढक्कर रखें तथा मच्छर रोधी दवा या क्रीम व कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें एवं पूरी बाजू के वस्त्र पहनें।
- छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से टीमें लगातार डोर टू डोर सर्वे कर रही हैं। जहां लारवा मिल रहा है उसे नष्ट किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि अपने आसपास पानी इक्ट्ठा न होने दें।
डॉ.विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ
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विभाग ने रेपिड फीवर सर्वे एक अक्तूबर से शुरू कर दिया है। ये सर्वे 15 तक चलेगा और इस दौरान बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाई जाएंगी और लारवा ढूंढकर उसे नष्ट किया जाएगा। विभाग की तरफ से करीब 1.92 लाख घरों का लक्ष्य रखा गया है।
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डेंगू टेस्ट के 600 रुपये से ज्यादा नहीं ले पाएंगे अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल में ही एलाइजा जांच की सुविधा है। इसके अलावा निजी अस्पताल के लिए डेंगू टेस्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 600 रुपये तय कर रखे है, इससे ज्यादा नहीं ले सकते है। अगर कार्ड टेस्ट में पॉजिटव आता है तो एलाइजा करवाना जरूरी है। निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग को जानकारी भी देनी होगी।
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किस वर्ष कितने डेंगू रोगी मिले :
वर्ष रोगी
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 993
2022 154
2023 89
2024 129
2025 01 (अभी तक)
इन सात लक्षणों से पहचानें डेंगू
सिर दर्द होना।
मन का मिचलाना।
उल्टी होना।
मांस पेशियों और जोड़ों में दर्द।
आंखों के पीछे दर्द होना।
मांसपेशियों में दर्द होना।
त्वचा पर लाल चकते होना।
इन बातों का रखें ध्यान
- बिना चिकित्सक के परामर्श के कोई दवा न लें।
- घरों के अंदर, आसपास गड्डों में सात दिन से अधिक पानी न भरने न दें।
- पुराना सामान जैसे टायर, टयूब, खाली-डिब्बे, पॉलीथिन के लिफाफे खुल में न फेंके।
- हैंड पंप व नल के आसपास पानी न जमा होने दें
- घरों के आसपास गड्ढों में मिट्टी भरवा दें।
-कूलर, होदी या अन्य पानी से भरे हुए बर्तन सप्ताह में एक बार जरूर खाली करें।
- शरीर को ढक्कर रखें तथा मच्छर रोधी दवा या क्रीम व कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें एवं पूरी बाजू के वस्त्र पहनें।
- छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से टीमें लगातार डोर टू डोर सर्वे कर रही हैं। जहां लारवा मिल रहा है उसे नष्ट किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि अपने आसपास पानी इक्ट्ठा न होने दें।
डॉ.विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ