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Fatehabad News: बाढ़ से बचाव में ढाल बनेगा दो किलोमीटर लंबा खाल
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नेशनल हाईवे के एक तरफ बाढ़ का पानी और दूसरी तरफ खड़े प्रशासनिक अधिकारी व लोग।
फतेहाबाद। जिले में आई बाढ़ के कारण फतेहाबाद में हालात काफी नाजुक स्थिति में हैं। बाढ़ का पानी शहर व गांवों की ओर न पहुंचे इसके चलते प्रशासन ने शुक्रवार को खान मोहम्मद के पास गांव दो किलोमीटर लंबा खाल बना दिया, जिससे पानी निकल रहा है। इसके आगे मुंशीवाली माइनर के भी एक और छोर को तोड़ दिया गया है। फतेहाबाद से निकल रहे फोरलेन के एक ओर अभी भी पानी भरा हुआ है और हाईवे को वन-वे कर दिया गया है। फतेहाबाद जिले में अब तक 121 गांव बाढ़ व बारिश के पानी से प्रभावित हो चुके हैं। एक गाय की मौत की भी सूचना आई है। झाड़ साहिब के पास विरोध कर रहे लोगों से पुलिस की झड़प भी हुई है। फतेहाबाद के फोरलेन पर माजरा रोड पर अंडरपास से पानी का रिसाव एक बार फिर शुरू हो गया है। एहतियात के तौर पर बड़े वाहनों को हाइवे से गुजरने से रोक दिया गया है।
जिले में घग्गर नदी और रंगोई नाले के ओवरफ्लो होने के कारण पानी लगातार फतेहाबाद की ओर बढ़ रहा है। पानी को निकालने के लिए शुक्रवार को प्रशासन ने खान मोहम्मद के पास पोकलेन मशीन व 15 जेसीबी के माध्यम से दो किलोमीटर तक खाला खोद दिया है और पानी उसमें आने लगा है। इस खाल के आगे मुंशीवाली माइनर को भी तोड़ा दिया गया। यहां से पानी हिजरावां, हरिपुरा, दरियापुरा, डिंग, भावदीन व चौपटा से होते हुए फिर घग्गर में मिल जाएगा। वहीं मुंशीवाली माइनर में वीरवार को लगाए गए कट से पानी तेजी से करनौली की ओर बढ़ने लगा है।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयासों से वीरवार को मुंशीवाली माइनर में किए गए कट और खोदे गए खाल के कारण पानी शहर की सीमाओं व गांवों से आगे निकलने लगा है। यहां पर पहले पानी नहीं आ रहा था और प्रशासन ने खान मोहम्मद के पास पहले सड़क को तोड़ा तो यह पानी गुजरने लगा। हिसार-सिरसा बाईपास पर सड़क का एक छोर पूरी तरह से पानी से डूबा हुआ है और यहां पर मिट्टी से बड़े-बड़े बांध बना दिए हैं। हांसपुर चौक पर ओवरब्रिज बनाने के लिए सड़क को उखाड़ा गया था, उसका मलबा बाईपास पर आए पानी के आगे लगा दिया गया है।
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12 किलोमीटर दूर जाकर परिवार को बचाया
फतेहाबाद के बाइपास से 12 किलोमीटर दूर एक ढाणी में परिवार के चार लोग फंस गए थे, जिनको सेना ने रेस्क्यू किया। इनकी ढाणी में आठ फुट तक पानी आ गया था और लोग घर की छत पर बैठे थे। वहीं खान मोहम्मद के पास एक कॉलोनी में भी लोग बाढ़ से घिर गए और यहां से 10 लोगों को बाहर निकाला गया।
पीछे घटा पानी का बहाव
पीछे से पानी का आना अभी भी जारी है, लेकिन गुहला चीका में पानी का बहाव अब 47 हजार क्यूसेक से कम होकर 42 हजार क्यूसेक आ गया है। जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि यह पानी खनौरी होकर फतेहाबाद की ओर कूच करेगा, लेकिन प्रशासन ने इस पानी को निकालने के पुख्ता प्रबंध किए हैं।
रात को साइफन की मिट्टी हटी
वीरवार देर रात को रतिया रोड पर साइफन की मिट्टी खिसक गई और पानी शहर की ओर आने लगा, लेकिन राहत में लगे लोगों ने इसे पाट दिया। गांव झाड़ साहिब के लोगों ने वीरवार रात को बाढ़ के पानी को लेकर विरोध जताया। बताया गया है कि इस दौरान पुलिस व उनके बीच धक्का मुक्की भी हुई है।
रातभर घूमती रहीं डीसी और एसपी
वीरवार रात को विधायक दुड़ाराम, डीसी मनदीप कौर व एसपी आस्था मोदी ने बाईपास का दौरा किया। यहां पर रात को ही युद्धस्तर पर बांध बनाने का कार्य किया जा रहा था। रात के समय पानी के बाईपास से ओवरफ्लो होने की पूरी आशंका थी, लेकिन प्रशासनिक सूझबूझ के चलते पहले ही मिट्टी के बड़े-बड़े बांध बना दिए गए, जिस कारण पानी शहर की ओर नहीं आया।
बाईपास पर ये हैं हालात
अब हालात यह हैं कि हांसपुर चौक से लेकर माजरा कट तक एक तरफ की सर्विस लेन पूरी तर डूबी है, उस पर पांच फीट तक पानी चढ़ने से पानी ऊपर मुख्य लेन पर जा पहुंचा है। मुख्य हाईवे लेन पर भी एक फुट और कहीं-कहीं दो फुट पानी है। हांसपुर चौक व माजरा रोड फ्लाइओवर से पीछे आधे फीट की ऊंचाई वाला डिवाइडर भी गायब हो गया है। समय रहते हाईवे पर बंधे बनाना शुरू कर दिया गया, नहीं तो पानी डिवाइडर पार कर आबादी तक पहुंच सकरी थी।
बारिश की आशंका ने बढ़ाई चिंता
फतेहाबाद में सुबह हुई हल्की बारिश ने चिंता बढ़ा दी। मौसम विभाग के अनुसार 25 जुलाई तक बारिश हो सकती है, ऐसे में प्रशासन पानी निकालने के लिए पूरी तरह से काम पर जुटा हुआ है। अगर तेज बारिश होती है तो बाढ़ का पानी का लेवल बढ़ेगा और डिवाइडर पर बने बांध को क्रॉस करके बाढ़ का पानी शहर में प्रवेश कर जाएगा।
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जिले में घग्गर नदी और रंगोई नाले के ओवरफ्लो होने के कारण पानी लगातार फतेहाबाद की ओर बढ़ रहा है। पानी को निकालने के लिए शुक्रवार को प्रशासन ने खान मोहम्मद के पास पोकलेन मशीन व 15 जेसीबी के माध्यम से दो किलोमीटर तक खाला खोद दिया है और पानी उसमें आने लगा है। इस खाल के आगे मुंशीवाली माइनर को भी तोड़ा दिया गया। यहां से पानी हिजरावां, हरिपुरा, दरियापुरा, डिंग, भावदीन व चौपटा से होते हुए फिर घग्गर में मिल जाएगा। वहीं मुंशीवाली माइनर में वीरवार को लगाए गए कट से पानी तेजी से करनौली की ओर बढ़ने लगा है।
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वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयासों से वीरवार को मुंशीवाली माइनर में किए गए कट और खोदे गए खाल के कारण पानी शहर की सीमाओं व गांवों से आगे निकलने लगा है। यहां पर पहले पानी नहीं आ रहा था और प्रशासन ने खान मोहम्मद के पास पहले सड़क को तोड़ा तो यह पानी गुजरने लगा। हिसार-सिरसा बाईपास पर सड़क का एक छोर पूरी तरह से पानी से डूबा हुआ है और यहां पर मिट्टी से बड़े-बड़े बांध बना दिए हैं। हांसपुर चौक पर ओवरब्रिज बनाने के लिए सड़क को उखाड़ा गया था, उसका मलबा बाईपास पर आए पानी के आगे लगा दिया गया है।
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12 किलोमीटर दूर जाकर परिवार को बचाया
फतेहाबाद के बाइपास से 12 किलोमीटर दूर एक ढाणी में परिवार के चार लोग फंस गए थे, जिनको सेना ने रेस्क्यू किया। इनकी ढाणी में आठ फुट तक पानी आ गया था और लोग घर की छत पर बैठे थे। वहीं खान मोहम्मद के पास एक कॉलोनी में भी लोग बाढ़ से घिर गए और यहां से 10 लोगों को बाहर निकाला गया।
पीछे घटा पानी का बहाव
पीछे से पानी का आना अभी भी जारी है, लेकिन गुहला चीका में पानी का बहाव अब 47 हजार क्यूसेक से कम होकर 42 हजार क्यूसेक आ गया है। जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि यह पानी खनौरी होकर फतेहाबाद की ओर कूच करेगा, लेकिन प्रशासन ने इस पानी को निकालने के पुख्ता प्रबंध किए हैं।
रात को साइफन की मिट्टी हटी
वीरवार देर रात को रतिया रोड पर साइफन की मिट्टी खिसक गई और पानी शहर की ओर आने लगा, लेकिन राहत में लगे लोगों ने इसे पाट दिया। गांव झाड़ साहिब के लोगों ने वीरवार रात को बाढ़ के पानी को लेकर विरोध जताया। बताया गया है कि इस दौरान पुलिस व उनके बीच धक्का मुक्की भी हुई है।
रातभर घूमती रहीं डीसी और एसपी
वीरवार रात को विधायक दुड़ाराम, डीसी मनदीप कौर व एसपी आस्था मोदी ने बाईपास का दौरा किया। यहां पर रात को ही युद्धस्तर पर बांध बनाने का कार्य किया जा रहा था। रात के समय पानी के बाईपास से ओवरफ्लो होने की पूरी आशंका थी, लेकिन प्रशासनिक सूझबूझ के चलते पहले ही मिट्टी के बड़े-बड़े बांध बना दिए गए, जिस कारण पानी शहर की ओर नहीं आया।
बाईपास पर ये हैं हालात
अब हालात यह हैं कि हांसपुर चौक से लेकर माजरा कट तक एक तरफ की सर्विस लेन पूरी तर डूबी है, उस पर पांच फीट तक पानी चढ़ने से पानी ऊपर मुख्य लेन पर जा पहुंचा है। मुख्य हाईवे लेन पर भी एक फुट और कहीं-कहीं दो फुट पानी है। हांसपुर चौक व माजरा रोड फ्लाइओवर से पीछे आधे फीट की ऊंचाई वाला डिवाइडर भी गायब हो गया है। समय रहते हाईवे पर बंधे बनाना शुरू कर दिया गया, नहीं तो पानी डिवाइडर पार कर आबादी तक पहुंच सकरी थी।
बारिश की आशंका ने बढ़ाई चिंता
फतेहाबाद में सुबह हुई हल्की बारिश ने चिंता बढ़ा दी। मौसम विभाग के अनुसार 25 जुलाई तक बारिश हो सकती है, ऐसे में प्रशासन पानी निकालने के लिए पूरी तरह से काम पर जुटा हुआ है। अगर तेज बारिश होती है तो बाढ़ का पानी का लेवल बढ़ेगा और डिवाइडर पर बने बांध को क्रॉस करके बाढ़ का पानी शहर में प्रवेश कर जाएगा।