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Fatehabad News: एमएलसी केसों में गड़बड़ी रोकने के लिए इमरजेंसी में लगाए गए तीन कैमरे, 180 दिन की रहेगी स्टोरेज
Thu, 03 Oct 2024 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 03 Oct 2024 12:52 AM IST
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फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में भी एमएलसी (मेडिको लीगल केस) को लेकर रिकॉर्ड रहेगा। कब संबंधित केस अस्पताल में दाखिल हुआ है और डॉक्टर द्वारा मामले में क्या-क्या कार्रवाई की गई। ये पूरा रिकॉर्ड सीसीटीवी में दर्ज रहेगा। एमएलसी केसों को लेकर नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में तीन कैमरे लगाए गए हैं।
इन कैमरों का 180 दिनों तक बैकअप रहेगा। पुलिस मामले में कभी रिकॉर्ड जांच कर सकती है। इस बारे में डीजीपी की तरफ से ये निर्देश एसपी को जारी हुए थे और इसके बाद संबंधित सिविल सर्जन को जारी किए गए थे। इसके चलते अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड, गैलरी और डॉक्टर कक्ष में जहां पर एमएलसी रिपोर्ट काटी जाती है वहां पर एक कैमरा लगाया गया है। इसका 6 माह का रिकॉर्ड रहेगा। ये कैमरे नागरिक अस्पताल फतेहाबाद के अलावा टोहाना और रतिया में भी लगाए जाने हैं।
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इसलिए कैमरें लगाने किए जरूरी
लड़ाई-झगड़े व अन्य मामले में घायल सरकारी अस्पताल में दाखिल होते हैं और यहां पर डॉक्टर द्वारा एमएलसी रिपोर्ट दी जाती है। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए धाराएं लगाई जाती है। कई जगहों पर डॉक्टर की रिपोर्ट पर सवाल उठ चुके हैं। इसके चलते इन जगहों पर कैमरे लगाने जरूरी किए गए हैं।
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कैमरे रखेंगे निगरानी
नागरिक अस्पताल में निगरानी को लेकर 48 कैमरे लगाए गए हैं। इसका करीब 15 दिन का बैकअप रहता है। ये कैमरे हाई क्वालिटी के लगाए गए हैं। अस्पताल में बच्चा चुराने की भी दो घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्र और ओएसटी की निगरानी भी सीसीटीवी से रखी जा रही है। हालांकि इसका कंट्रोल नशामुक्ति केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. गिरीश के पास है। केंद्र में दाखिल मरीजों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं।
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ये है जिले के सरकारी अस्पतालों की स्थिति
जिला नागरिक अस्पताल - 1
उप नागरिक अस्पताल - 1
सीएचसी - 5
पीएचसी - 18
अर्बन पीएचसी और पॅालीक्लीनिक - 4
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इमरजेंसी में अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं, इनका बैकअप 6 माह तक रहेगा। इसको लेकर उच्च अधिकारियों की तरफ से निर्देश मिले थे।
- डॉ.बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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इन कैमरों का 180 दिनों तक बैकअप रहेगा। पुलिस मामले में कभी रिकॉर्ड जांच कर सकती है। इस बारे में डीजीपी की तरफ से ये निर्देश एसपी को जारी हुए थे और इसके बाद संबंधित सिविल सर्जन को जारी किए गए थे। इसके चलते अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड, गैलरी और डॉक्टर कक्ष में जहां पर एमएलसी रिपोर्ट काटी जाती है वहां पर एक कैमरा लगाया गया है। इसका 6 माह का रिकॉर्ड रहेगा। ये कैमरे नागरिक अस्पताल फतेहाबाद के अलावा टोहाना और रतिया में भी लगाए जाने हैं।
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इसलिए कैमरें लगाने किए जरूरी
लड़ाई-झगड़े व अन्य मामले में घायल सरकारी अस्पताल में दाखिल होते हैं और यहां पर डॉक्टर द्वारा एमएलसी रिपोर्ट दी जाती है। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए धाराएं लगाई जाती है। कई जगहों पर डॉक्टर की रिपोर्ट पर सवाल उठ चुके हैं। इसके चलते इन जगहों पर कैमरे लगाने जरूरी किए गए हैं।
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कैमरे रखेंगे निगरानी
नागरिक अस्पताल में निगरानी को लेकर 48 कैमरे लगाए गए हैं। इसका करीब 15 दिन का बैकअप रहता है। ये कैमरे हाई क्वालिटी के लगाए गए हैं। अस्पताल में बच्चा चुराने की भी दो घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्र और ओएसटी की निगरानी भी सीसीटीवी से रखी जा रही है। हालांकि इसका कंट्रोल नशामुक्ति केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. गिरीश के पास है। केंद्र में दाखिल मरीजों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं।
ये है जिले के सरकारी अस्पतालों की स्थिति
जिला नागरिक अस्पताल - 1
उप नागरिक अस्पताल - 1
सीएचसी - 5
पीएचसी - 18
अर्बन पीएचसी और पॅालीक्लीनिक - 4
इमरजेंसी में अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं, इनका बैकअप 6 माह तक रहेगा। इसको लेकर उच्च अधिकारियों की तरफ से निर्देश मिले थे।
- डॉ.बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।