{"_id":"6758ac853f04dca02209c659","slug":"this-time-the-head-will-be-directly-elected-development-work-was-not-done-due-to-lack-of-consent-of-councilors-fatehabad-news-c-127-1-shsr1016-126204-2024-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: इस बार सीधा चुना जाएगा प्रधान, पार्षदों की सहमति न होने से नहीं हुए विकास कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: इस बार सीधा चुना जाएगा प्रधान, पार्षदों की सहमति न होने से नहीं हुए विकास कार्य
Wed, 11 Dec 2024 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 11 Dec 2024 02:33 AM IST
विज्ञापन
जाखल स्थित नगरपालिका कार्यालय।
जाखल। हरियाणा में नगर पालिका व नगर परिषद चुनाव का बिगुल कभी भी बज सकता है। सरकार इन चुनावों की घोषणा करती है तो उसमें जाखल नगरपालिका का चुनाव होना भी तय है। जाखल नगरपालिका के चुनाव को लेकर हलचल अभी से तेज हो गई है।
राज्य में अब नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा, यानी जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। यानी हर मतदाता इस बार दो वोट डालेगा, जिसमें एक पार्षद और दूसरा नगरपालिका अध्यक्ष के लिए होगा। सरकार द्वारा चुनाव की अप्रत्यक्ष प्रणाली यानी पार्षदों के माध्यम से
अध्यक्ष को चुनने की व्यवस्था को बदला गया है।
इस कारण जाखल में इस बार अध्यक्ष पद का चुनाव अधिक रोचक होगा। शहर में प्रधान पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग अभी से जुगत बिठाने में लगे हैं। अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक नगर के 14 वार्डों में चुनाव लड़ने वाले अपने समर्थकों की सूचियां भी तैयार कर रहे हैं। अध्यक्ष पद के लिए शहर के कुछ युवा भी सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जाखल नगरपालिका के पार्षदों व अध्यक्ष का कार्यकाल करीब 12 महीने पहले ही पूरा हो चुका है। चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी उसी समय से नगरपालिका चुनाव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। चुनाव लड़ने की चाहत रखने वाले लोग विभिन्न अवसरों एवं त्योहारों पर पोस्टर, बैनर आदि से अपनी-अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं।
इस समय जाखल नगरपालिका के प्रशासक एसडीएम प्रतीक हुड्डा हैं। इससे पहले दो महिलाएं नगर की अध्यक्ष रह चुकी हैं। जाखल नगरपालिका में बीते समय में कई उतार चढ़ाव देखे गए हैं। जाखल ग्राम पंचायत को तोड़कर नगरपालिका का दर्जा दिया गया। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया से विजेता हुए पार्षदों ने महिला पार्षद सीमा गोयल को शहर की अध्यक्षता की बागडोर सौंपी। नगरपालिका गठन के बाद चयनित शहर की छोटी सरकार आरंभ से अंत तक सुर्खियों में रही। खास कर, प्रधान व उपप्रधान को लेकर यहां सबसे ज्यादा खींचतान बनी रही। पार्षदों की आपसी सहमति न होने के चलते शहर के विकास कार्य को भी ग्रहण लगा रहा है। इस बार नगरपालिका का प्रधान पुरुष बनने की आशा है।
शहर के विकास कार्य को लेकर पढ़े लिखे लोगों को आगे आना चाहिए। नगरपालिका का बीता हुआ कार्यकाल सवालों के घेरे में रहा है। हर बैठक में किसी न किसी तरह के विवाद उत्पन्न होते रहे। शहर में विकास कार्य नहीं होने का सबसे बड़ा कारण पार्षदों की आपसी सहमति नहीं बन पाना रहा है। जनता से अपील है कि इस बार ऐसे लोगों को चुनें, जो आमजन के काम आ सकें।
-किरण शर्मा, समाजसेवी, जाखल
लोगों को उम्मीद थी कि नगरपालिका का गठन होने के बाद शहर के विकास कार्य रफ्तार पकड़ेंगे, लेकिन पार्षदों की आपसी सहमति न होने के चलते विकास रुक गया था, सभी को उम्मीद है की इस बार चुनाव के बाद शहर के विकास कार्य रफ्तार पकड़ेंगे। -दीपक खनेजा, अधिवक्ता, जाखल
अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से करवाने का सरकार का सराहनीय फैसला है। इस बार जाखल शहर की जनता भी सीधे तौर पर प्रधान का चयन करेगी। इस चुनाव में अच्छे व युवा लोगों को आगे आना चाहिए, ताकि शहर के विकास कार्य को रफ्तार दी जा सके। -हरीश गर्ग, जिला सचिव भाजपा जाखल
शहर की छोटी सरकार के चुनावों को लेकर युवा वर्ग को आगे आना चाहिए, गठन से लेकर आज तक शहर की नगरपालिका पूरी तरह से चर्चित रही है। शहर में विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं हो पाया है। इस बार जनता सीधे प्रधान पद को लेकर वोटिंग करेगी। इससे सुधार होने की उम्मीद है।
-संजीव सिंगला, समाजसेवी, जाखल
विज्ञापन
राज्य में अब नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा, यानी जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। यानी हर मतदाता इस बार दो वोट डालेगा, जिसमें एक पार्षद और दूसरा नगरपालिका अध्यक्ष के लिए होगा। सरकार द्वारा चुनाव की अप्रत्यक्ष प्रणाली यानी पार्षदों के माध्यम से
विज्ञापन
अध्यक्ष को चुनने की व्यवस्था को बदला गया है।
इस कारण जाखल में इस बार अध्यक्ष पद का चुनाव अधिक रोचक होगा। शहर में प्रधान पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग अभी से जुगत बिठाने में लगे हैं। अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक नगर के 14 वार्डों में चुनाव लड़ने वाले अपने समर्थकों की सूचियां भी तैयार कर रहे हैं। अध्यक्ष पद के लिए शहर के कुछ युवा भी सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जाखल नगरपालिका के पार्षदों व अध्यक्ष का कार्यकाल करीब 12 महीने पहले ही पूरा हो चुका है। चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी उसी समय से नगरपालिका चुनाव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। चुनाव लड़ने की चाहत रखने वाले लोग विभिन्न अवसरों एवं त्योहारों पर पोस्टर, बैनर आदि से अपनी-अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं।
इस समय जाखल नगरपालिका के प्रशासक एसडीएम प्रतीक हुड्डा हैं। इससे पहले दो महिलाएं नगर की अध्यक्ष रह चुकी हैं। जाखल नगरपालिका में बीते समय में कई उतार चढ़ाव देखे गए हैं। जाखल ग्राम पंचायत को तोड़कर नगरपालिका का दर्जा दिया गया। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया से विजेता हुए पार्षदों ने महिला पार्षद सीमा गोयल को शहर की अध्यक्षता की बागडोर सौंपी। नगरपालिका गठन के बाद चयनित शहर की छोटी सरकार आरंभ से अंत तक सुर्खियों में रही। खास कर, प्रधान व उपप्रधान को लेकर यहां सबसे ज्यादा खींचतान बनी रही। पार्षदों की आपसी सहमति न होने के चलते शहर के विकास कार्य को भी ग्रहण लगा रहा है। इस बार नगरपालिका का प्रधान पुरुष बनने की आशा है।
शहर के विकास कार्य को लेकर पढ़े लिखे लोगों को आगे आना चाहिए। नगरपालिका का बीता हुआ कार्यकाल सवालों के घेरे में रहा है। हर बैठक में किसी न किसी तरह के विवाद उत्पन्न होते रहे। शहर में विकास कार्य नहीं होने का सबसे बड़ा कारण पार्षदों की आपसी सहमति नहीं बन पाना रहा है। जनता से अपील है कि इस बार ऐसे लोगों को चुनें, जो आमजन के काम आ सकें।
-किरण शर्मा, समाजसेवी, जाखल
लोगों को उम्मीद थी कि नगरपालिका का गठन होने के बाद शहर के विकास कार्य रफ्तार पकड़ेंगे, लेकिन पार्षदों की आपसी सहमति न होने के चलते विकास रुक गया था, सभी को उम्मीद है की इस बार चुनाव के बाद शहर के विकास कार्य रफ्तार पकड़ेंगे। -दीपक खनेजा, अधिवक्ता, जाखल
अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से करवाने का सरकार का सराहनीय फैसला है। इस बार जाखल शहर की जनता भी सीधे तौर पर प्रधान का चयन करेगी। इस चुनाव में अच्छे व युवा लोगों को आगे आना चाहिए, ताकि शहर के विकास कार्य को रफ्तार दी जा सके। -हरीश गर्ग, जिला सचिव भाजपा जाखल
शहर की छोटी सरकार के चुनावों को लेकर युवा वर्ग को आगे आना चाहिए, गठन से लेकर आज तक शहर की नगरपालिका पूरी तरह से चर्चित रही है। शहर में विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं हो पाया है। इस बार जनता सीधे प्रधान पद को लेकर वोटिंग करेगी। इससे सुधार होने की उम्मीद है।
-संजीव सिंगला, समाजसेवी, जाखल