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Fatehabad News: 35 करोड़ रुपये खर्च कर 330 सोलर पंप खरीदे, 60 फीसदी नकारा पड़े
Fri, 05 Sep 2025 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 05 Sep 2025 11:30 PM IST
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गांव जांडवाला बागड़ की सेमग्रस्त भूमि में जलभराव। स्रोत:किसान
फतेहाबाद। जिले में सेमग्रस्त भूमि को सुधारने के लिए प्रशासन की ओर से कृषि मृदा एवं लवणता विभाग के माध्यम से करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से 16 गांवों में 330 सोलर पंप लगाए गए थे। इसका उद्देश्य खेतों से पानी निकालकर हिसार घग्गर ड्रेन तक पहुंचाना था, ताकि जलभराव से भूमि को दोबारा कृषि योग्य बनाया जा सके।
दूसरी तरफ किसानों का आरोप है कि 60% से अधिक पंप खराब पड़े हैं और प्रोजेक्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। गांव जांडवाला, ढाबी खुर्द, बड़ोपल और अन्य क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि इन पंपों की देखरेख नहीं की जा रही है। बारिश के बाद खेतों में तीन से चार फीट तक जलभराव हो गया है, लेकिन सेमनिर्वाण प्रणाली काम नहीं कर रही है। इससे करीब 35,120 एकड़ भूमि खराब हो रही है। पिछले 10 वर्षों से यह भूमि कृषि कार्य के लायक नहीं रही।
प्रशासन की ओर से जिन 16 गांवों को सेमग्रस्त घोषित कर सोलर पंप लगाए गए हैं, उनमें से खाबड़ा कलां, शेखुपुर, भट्टू कलां और भीमेवाला जैसे गांवों में प्रोजेक्ट अभी शुरू ही नहीं हो पाया है। विभाग का कहना है कि इन स्थानों पर पंप लगाने का कार्य तो शुरू हो चुका है, लेकिन पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा है। संवाद
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120 पंप अभी तक नहीं हुए शुरू
प्रोजेक्ट के तहत कुल 330 सोलर पंप लगाए गए हैं, लेकिन 120 पंप अभी तक चालू नहीं हो पाए हैं। गांव जांडवाला के किसान ओमप्रकाश, ढाबी खुर्द के विष्णु दत्त और बड़ोपल के किसान राजबीर ने बताया कि मानसून में हुई बारिश के कारण उनके खेतों में तीन से चार फीट जलभराव है। सेमनिर्वाण प्रोजेक्ट नहीं चलने के कारण भूमि का सुधार नहीं हो सका है। जिले के भट्टू के खंड के 13 गांव ऐसे है जिनमें सेम की समस्या है। फतेहाबाद के बड़ोपल और खाराखेड़ी और टोहाना का भीमेवाला गांव की जमीन सेमग्रस्त है।
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इन गांवों में लगे हैं सोलर पंप
सेम की समस्या से निपटने के लिए गांव शेखुपुर दड़ौली, गदली, बनमंदोरी, ढाबी खुर्द, रामसरा, भट्टू कलां, ढाबी कलां, ठुईयां, पीलीमंदोरी, खाबड़ा कलां, बड़ोपल, जांडवाला बागड़, दहमन, भीमेवाला, खजुरी जाटी और एमपी रोही में सोलर पंप लगवाए गए हैं।
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पिछले कई वर्षो से जलस्तर ऊपर होने के कारण कृषि योग्य भूमि बंजर बन गई है। प्रशासन की ओर सोलर पंप लगवाए गए हैं लेकिन ये काफी समय से खराब पड़े हैं। ऐसे में करोड़ो रुपये खर्च होने के बाद सेम की समस्या बनी हुई है।
-मुकेश कुमार मांजू, किसान।
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सोलर पंप नहीं चलने के कारण भूमि का सुधार नहीं हो सका है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण गांव व खेतों में चार फीट तक पानी जमा हो गया है। प्रशासन ने जलनिकासी के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किए हैं।
-मुकेश कुमार, किसान।
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मेरे खेत में लगा सोलर ऊर्जा संचालित पंप खराब पड़ा है। इसको अभी तक ठीक नहीं किया है। गांव में सेम की समस्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन को जिम्मेवार से जवाब लेना चाहिए और जलनिकासी का प्रबंध करना चाहिए।
-राजबीर कुमार, किसान।
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सेमनिर्वाण प्रोजेक्ट से किसानों को सेम की समस्या के समाधान की उम्मीद थी। लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण यह खराब हो चुके हैं। सेमग्रस्त जमीन में पिछले कई साल से खेती बंद है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- सुंदर कुमार, किसान।
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:: जिले के 16 गांवों में सोलर पंप लगवाए थे, जिनमें से गांव खाबड़ा कलां, शेखुपुर, भट्टू कलां और भीमेवाला में शुरू नहीं हो पाए हैं। बाकी स्थानों पर लगभग सभी पंप सही चल रहे हैं। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते हिसार-घग्गर ड्रेन ओवरफ्लो होने के चलते सिंचाई विभाग के आदेश पर इनको बंद किया गया है।
-राजेश कुमार, अधिकारी, कृषि मृदा एवं लवणता विभाग, फतेहाबाद।
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दूसरी तरफ किसानों का आरोप है कि 60% से अधिक पंप खराब पड़े हैं और प्रोजेक्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। गांव जांडवाला, ढाबी खुर्द, बड़ोपल और अन्य क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि इन पंपों की देखरेख नहीं की जा रही है। बारिश के बाद खेतों में तीन से चार फीट तक जलभराव हो गया है, लेकिन सेमनिर्वाण प्रणाली काम नहीं कर रही है। इससे करीब 35,120 एकड़ भूमि खराब हो रही है। पिछले 10 वर्षों से यह भूमि कृषि कार्य के लायक नहीं रही।
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प्रशासन की ओर से जिन 16 गांवों को सेमग्रस्त घोषित कर सोलर पंप लगाए गए हैं, उनमें से खाबड़ा कलां, शेखुपुर, भट्टू कलां और भीमेवाला जैसे गांवों में प्रोजेक्ट अभी शुरू ही नहीं हो पाया है। विभाग का कहना है कि इन स्थानों पर पंप लगाने का कार्य तो शुरू हो चुका है, लेकिन पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा है। संवाद
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120 पंप अभी तक नहीं हुए शुरू
प्रोजेक्ट के तहत कुल 330 सोलर पंप लगाए गए हैं, लेकिन 120 पंप अभी तक चालू नहीं हो पाए हैं। गांव जांडवाला के किसान ओमप्रकाश, ढाबी खुर्द के विष्णु दत्त और बड़ोपल के किसान राजबीर ने बताया कि मानसून में हुई बारिश के कारण उनके खेतों में तीन से चार फीट जलभराव है। सेमनिर्वाण प्रोजेक्ट नहीं चलने के कारण भूमि का सुधार नहीं हो सका है। जिले के भट्टू के खंड के 13 गांव ऐसे है जिनमें सेम की समस्या है। फतेहाबाद के बड़ोपल और खाराखेड़ी और टोहाना का भीमेवाला गांव की जमीन सेमग्रस्त है।
इन गांवों में लगे हैं सोलर पंप
सेम की समस्या से निपटने के लिए गांव शेखुपुर दड़ौली, गदली, बनमंदोरी, ढाबी खुर्द, रामसरा, भट्टू कलां, ढाबी कलां, ठुईयां, पीलीमंदोरी, खाबड़ा कलां, बड़ोपल, जांडवाला बागड़, दहमन, भीमेवाला, खजुरी जाटी और एमपी रोही में सोलर पंप लगवाए गए हैं।
पिछले कई वर्षो से जलस्तर ऊपर होने के कारण कृषि योग्य भूमि बंजर बन गई है। प्रशासन की ओर सोलर पंप लगवाए गए हैं लेकिन ये काफी समय से खराब पड़े हैं। ऐसे में करोड़ो रुपये खर्च होने के बाद सेम की समस्या बनी हुई है।
-मुकेश कुमार मांजू, किसान।
सोलर पंप नहीं चलने के कारण भूमि का सुधार नहीं हो सका है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण गांव व खेतों में चार फीट तक पानी जमा हो गया है। प्रशासन ने जलनिकासी के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किए हैं।
-मुकेश कुमार, किसान।
मेरे खेत में लगा सोलर ऊर्जा संचालित पंप खराब पड़ा है। इसको अभी तक ठीक नहीं किया है। गांव में सेम की समस्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन को जिम्मेवार से जवाब लेना चाहिए और जलनिकासी का प्रबंध करना चाहिए।
-राजबीर कुमार, किसान।
सेमनिर्वाण प्रोजेक्ट से किसानों को सेम की समस्या के समाधान की उम्मीद थी। लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण यह खराब हो चुके हैं। सेमग्रस्त जमीन में पिछले कई साल से खेती बंद है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- सुंदर कुमार, किसान।
:: जिले के 16 गांवों में सोलर पंप लगवाए थे, जिनमें से गांव खाबड़ा कलां, शेखुपुर, भट्टू कलां और भीमेवाला में शुरू नहीं हो पाए हैं। बाकी स्थानों पर लगभग सभी पंप सही चल रहे हैं। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते हिसार-घग्गर ड्रेन ओवरफ्लो होने के चलते सिंचाई विभाग के आदेश पर इनको बंद किया गया है।
-राजेश कुमार, अधिकारी, कृषि मृदा एवं लवणता विभाग, फतेहाबाद।

गांव जांडवाला बागड़ की सेमग्रस्त भूमि में जलभराव। स्रोत:किसान