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Fatehabad News: हिंदी और गणित में सुधार हुआ लेकिन घटा और भाग में बच्चे कमजोर, शब्द पढ़ने में अभी अटक रहे
Mon, 12 Jan 2026 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 12 Jan 2026 10:57 PM IST
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फतेहाबाद में विद्यार्थी का एप पर मूल्यांकन करते हुए स्त्रोत लाइब्रेरी
फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों के कक्षा दूसरी और तीसरी के विद्यार्थियों का हिंदी और गणित विषय में सुधार करने के लिए विभाग ने पिछले माह मूल्यांकन किया था। सेंसस 2.0 मूल्यांकन का परिणाम जारी हो गया है।
परिणाम के अनुसार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के हिंदी और गणित विषय में सुधार हुआ है लेकिन अभी भी घटा और भाग में करने में बच्चे कमजोर हैं और शब्द पढ़ने में अटक रहे हैं। बच्चे तय समय में भी शब्द नहीं पढ़ पा रहे हैं। हालांकि जहां पिछले वर्ष आयोजित सेंसस 1.0 में जिले के 74 प्रतिशत सरकारी प्राथमिक स्कूल कैटेगरी-सी में थे, वहीं इस बार यह संख्या घटकर केवल 17 प्रतिशत रह गई है।
रिपोर्ट के अनुसार 384 में से 174 स्कूल ‘ए’ श्रेणी में आ गए हैं जबकि पहले 21 थे, वर्ग बी में 141 स्कूल आए हैं जो कि पहले 75 थे और कैटेगरी सी में 65 स्कूल हैं जबकि पहले 257 स्कूल थे। इस बार चार स्कूलों का डाटा अपलोड नहीं हुआ है।
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विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रयास जारी हैं। विभाग बच्चों का समय-समय पर मूल्यांकन रहा है ताकि जहां कमजोर है उसे सुधारा जा सके। शब्द पढ़ने में कुछ बच्चे कमजोर है उसे सुधारा जाएगा।
-अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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शिक्षकों, खासकर गणित और भाषा के अध्यापकों को घर-घर पढ़ाई, माइक्रो टीचिंग और स्कूल-आधारित मूल्यांकन पर जोर देने का लक्ष्य सौंपा गया। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षण स्तर कमजोर पाया गया था। परिणाम को सुधारने के प्रयास किए गए, इसका नतीजा यह है कि पहले के मुकाबले सुधार हुआ है। अभी जो स्कूल कमजोर हैं वहां पर जोर दिया जाएगा।
- दिलबाग सिंह, जिला संयोजक, एफएलएन
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परिणाम के अनुसार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के हिंदी और गणित विषय में सुधार हुआ है लेकिन अभी भी घटा और भाग में करने में बच्चे कमजोर हैं और शब्द पढ़ने में अटक रहे हैं। बच्चे तय समय में भी शब्द नहीं पढ़ पा रहे हैं। हालांकि जहां पिछले वर्ष आयोजित सेंसस 1.0 में जिले के 74 प्रतिशत सरकारी प्राथमिक स्कूल कैटेगरी-सी में थे, वहीं इस बार यह संख्या घटकर केवल 17 प्रतिशत रह गई है।
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रिपोर्ट के अनुसार 384 में से 174 स्कूल ‘ए’ श्रेणी में आ गए हैं जबकि पहले 21 थे, वर्ग बी में 141 स्कूल आए हैं जो कि पहले 75 थे और कैटेगरी सी में 65 स्कूल हैं जबकि पहले 257 स्कूल थे। इस बार चार स्कूलों का डाटा अपलोड नहीं हुआ है।
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विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रयास जारी हैं। विभाग बच्चों का समय-समय पर मूल्यांकन रहा है ताकि जहां कमजोर है उसे सुधारा जा सके। शब्द पढ़ने में कुछ बच्चे कमजोर है उसे सुधारा जाएगा।
-अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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शिक्षकों, खासकर गणित और भाषा के अध्यापकों को घर-घर पढ़ाई, माइक्रो टीचिंग और स्कूल-आधारित मूल्यांकन पर जोर देने का लक्ष्य सौंपा गया। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षण स्तर कमजोर पाया गया था। परिणाम को सुधारने के प्रयास किए गए, इसका नतीजा यह है कि पहले के मुकाबले सुधार हुआ है। अभी जो स्कूल कमजोर हैं वहां पर जोर दिया जाएगा।
- दिलबाग सिंह, जिला संयोजक, एफएलएन