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Fatehabad News: समाज कल्याण विभाग के पास जगह नहीं पर एक कमरा श्रम अदालत को देना होगा
Thu, 05 Mar 2026 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 05 Mar 2026 11:09 PM IST
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समाज कल्याण विभाग का कमरा जिसमें रखा है 40 वर्षों का रिकॉर्ड, करवाया जा रहा है खाली। संवाद
फतेहाबाद। जिले के समाज कल्याण विभाग में जगह की कमी के कारण अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। विभाग पहले ही सीमित स्थान में काम चला रहा था, लेकिन अब प्रशासन के निर्देश पर दो कमरों में से एक कमरा खाली करने की प्रक्रिया शुरू होने से स्थिति और मुश्किल हो गई है।
उपायुक्त के आदेश के अनुसार विभाग के हिस्से का एक कमरा लेबर कोर्ट को दिया जाना है। इससे विभाग के पास कामकाज चलाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचेगा। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में ही काम करना कठिन था और अब एक कमरे में पूरा काम समेटना और चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
वर्तमान में समाज कल्याण विभाग केवल दो कमरों से संचालित हो रहा है। एक कमरे में रतिया, फतेहाबाद और टोहाना के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से जुड़े कार्य निपटाए जाते हैं। दूसरे कमरे में भट्टू, नागपुर, फतेहाबाद खंड और जाखल के गांवों से संबंधित मामलों की फाइलें और काम संभाले जाते हैं।
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एक-एक कमरे में कई खंडों का काम होने के कारण कर्मचारियों के पास बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। वहीं पेंशन से जुड़े कार्यों के लिए आने वाले बुजुर्गों और दिव्यांगों को भी बैठने या इंतजार करने के लिए उचित व्यवस्था नहीं मिल पाती। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि स्थान की कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है और नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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रिकॉर्ड के अंबार में दबती फाइलें
समाज के कल्याण विभाग में तैनात कर्मचारियों ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि विभाग में 20 से अधिक कर्मचारी हैं। एक ही कमरे में काम कर पाना मुश्किल हो गया है। विभाग को रिकॉर्ड के रखरखाव रखना प्रभावित हो रहा है। विभाग के पास वर्ष 1987 से लेकर अब तक का रिकॉर्ड मौजूद है, जब से प्रदेश में पेंशन योजना लागू हुई थी, तब से फाइलें पड़ी हैं। ऐसे में यदि अतिरिक्त जगह नहीं मिली, तो पुराने रिकॉर्ड के खराब होने का डर है।
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नागरिकों की परेशानी, घंटों खड़े रहने को मजबूर
समाज कल्याण विभाग में रोजाना सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग, विधवा महिलाएं और दिव्यांग अपनी पेंशन संबंधी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। एक ही कमरा होने के कारण नागरिकों को बैठने की जगह तो दूर, खड़े होने तक का स्थान नहीं मिल पा रहा है। गांव दहमन से पहुंची बुजुर्ग महिला प्रसाद देवी ने बताया कि लोग दूर-दराज के गांवों से आते हैं लेकिन यहां बैठने के लिए एक बेंच तक नहीं है। ऐसे में घंटों खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
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कर्मचारियों ने की और कमरों की मांग
समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने प्रशासन से अपील की है कि विभाग के सुचारू संचालन के लिए कम से कम दो अतिरिक्त कमरों की व्यवस्था की जाए। कर्मचारियों का तर्क है कि बढ़ते कार्यभार और रिकॉर्ड की सुरक्षा के लिए यह बेहद अनिवार्य है। वहीं गर्मियों के दिनों में नागरिकों की परेशानी और अधिक बढ़ सकती है।
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:: प्रशासन के आदेश के अनुसार दूसरे कमरे को खाली किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग को जितनी जगह मिलेगी में उतने काम चला लेंगे।
-सत्यवान ढिल्लौड़, समाज कल्याण विभाग अधिकारी, फतेहाबाद।
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उपायुक्त के आदेश के अनुसार विभाग के हिस्से का एक कमरा लेबर कोर्ट को दिया जाना है। इससे विभाग के पास कामकाज चलाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचेगा। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में ही काम करना कठिन था और अब एक कमरे में पूरा काम समेटना और चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
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वर्तमान में समाज कल्याण विभाग केवल दो कमरों से संचालित हो रहा है। एक कमरे में रतिया, फतेहाबाद और टोहाना के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से जुड़े कार्य निपटाए जाते हैं। दूसरे कमरे में भट्टू, नागपुर, फतेहाबाद खंड और जाखल के गांवों से संबंधित मामलों की फाइलें और काम संभाले जाते हैं।
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एक-एक कमरे में कई खंडों का काम होने के कारण कर्मचारियों के पास बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। वहीं पेंशन से जुड़े कार्यों के लिए आने वाले बुजुर्गों और दिव्यांगों को भी बैठने या इंतजार करने के लिए उचित व्यवस्था नहीं मिल पाती। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि स्थान की कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है और नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
रिकॉर्ड के अंबार में दबती फाइलें
समाज के कल्याण विभाग में तैनात कर्मचारियों ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि विभाग में 20 से अधिक कर्मचारी हैं। एक ही कमरे में काम कर पाना मुश्किल हो गया है। विभाग को रिकॉर्ड के रखरखाव रखना प्रभावित हो रहा है। विभाग के पास वर्ष 1987 से लेकर अब तक का रिकॉर्ड मौजूद है, जब से प्रदेश में पेंशन योजना लागू हुई थी, तब से फाइलें पड़ी हैं। ऐसे में यदि अतिरिक्त जगह नहीं मिली, तो पुराने रिकॉर्ड के खराब होने का डर है।
नागरिकों की परेशानी, घंटों खड़े रहने को मजबूर
समाज कल्याण विभाग में रोजाना सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग, विधवा महिलाएं और दिव्यांग अपनी पेंशन संबंधी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। एक ही कमरा होने के कारण नागरिकों को बैठने की जगह तो दूर, खड़े होने तक का स्थान नहीं मिल पा रहा है। गांव दहमन से पहुंची बुजुर्ग महिला प्रसाद देवी ने बताया कि लोग दूर-दराज के गांवों से आते हैं लेकिन यहां बैठने के लिए एक बेंच तक नहीं है। ऐसे में घंटों खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
कर्मचारियों ने की और कमरों की मांग
समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने प्रशासन से अपील की है कि विभाग के सुचारू संचालन के लिए कम से कम दो अतिरिक्त कमरों की व्यवस्था की जाए। कर्मचारियों का तर्क है कि बढ़ते कार्यभार और रिकॉर्ड की सुरक्षा के लिए यह बेहद अनिवार्य है। वहीं गर्मियों के दिनों में नागरिकों की परेशानी और अधिक बढ़ सकती है।
:: प्रशासन के आदेश के अनुसार दूसरे कमरे को खाली किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग को जितनी जगह मिलेगी में उतने काम चला लेंगे।
-सत्यवान ढिल्लौड़, समाज कल्याण विभाग अधिकारी, फतेहाबाद।

समाज कल्याण विभाग का कमरा जिसमें रखा है 40 वर्षों का रिकॉर्ड, करवाया जा रहा है खाली। संवाद