फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   The slowness of the system overshadows the technology, with rover machines worth crores gathering dust in cupboards

Fatehabad News: तकनीक पर भारी सिस्टम की सुस्ती, अलमारी में धूल फांक रहीं करोड़ों की रोवर मशीनें

Mon, 23 Feb 2026 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 23 Feb 2026 10:53 PM IST
विज्ञापन
The slowness of the system overshadows the technology, with rover machines worth crores gathering dust in cupboards
लघु सचिवालय परिसर में बने कानूनगो के कक्ष की अलमारी में रखा रोवर मशीन का सामान। संवाद
फतेहाबाद। किसानों और आमजन को सस्ते रेट पर जमीन की निशानदेही की सुविधा देने के लिए सरकार ने तहसील स्तर पर रोवर मशीनें उपलब्ध कराई थीं। इन मशीनों को चलाने के लिए पटवारियों और कानूनगो को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके बाद राजस्व विभाग के पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन आमजन को इस बारे में जानकारी ही नहीं है।
विज्ञापन


तहसील में अब तक सिर्फ एक ही निशानदेही की जा सकी है। सरकार की लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई ये आधुनिक मशीनें, जो पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए लाई गई थीं, जनता के लाभ के बजाय कानूनगो की अलमारियों तक सीमित रह गई हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने माना कि पोर्टल के बारे में आमजन तक जानकारी नहीं पहुंच पाने और जागरूकता की कमी के कारण मशीनों का वास्तविक उपयोग नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन


----

क्या थी योजना और क्यों हुई थी शुरू

पुराने समय से चली आ रही जरीब और फीते वाली पैमाइश की प्रक्रिया में अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी। पड़ोसी किसानों के बीच खेत की मेढ़ को लेकर होने वाले झगड़ों को खत्म करने के लिए सरकार ने स्टीक पैमाइश का वादा किया था। इसी उद्देश्य के साथ जिले की सभी तहसीलों को जीपीएस आधारित रोवर मशीनें मुहैया कराई गई थीं। दावा था कि इन मशीनों के जरिये एक इंच की भी गड़बड़ी नहीं होगी और घंटों का काम मिनटों में पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन




----

कानूनगो की अलमारियों में बंद हैं मशीनें

सरकार की ओर से जिले की विभिन्न तहसीलों में करीब 13 रोवर मशीनें दी गई थी। ये मशीनें वर्तमान में फील्ड में होने के बजाय कार्यालयों के कमरों और कानूनगो की अलमारियों में बंद पड़ी हैं। बिना उपयोग के इन मशीनों के सेंसर्स के खराब होने का खतरा रहता है। सरकार की ओर से प्राइवेट लोगों की ओर से निशानदेही को लेकर मनमानी वाली वसूली जाने वाली राशि से छुटकारा दिलवाने के उद्देश्य से इन मशीनों को तहसील स्तर पर दिया गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से इसका प्रचार-प्रसार नहीं किया जा रहा है।


---

अब तक कितनी निशानदेही हुई है, इस बारे में जानकारी नहीं है। सरकार की ओर से निर्धारित रेट पर निशानदेही के लिए किसान व आमजन राजस्व विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

- श्याम लाल, जिला राजस्व अधिकारी फतेहाबाद।

लघु सचिवालय परिसर में बने कानूनगो के कक्ष की अलमारी में रखा रोवर मशीन का सामान। संवाद

लघु सचिवालय परिसर में बने कानूनगो के कक्ष की अलमारी में रखा रोवर मशीन का सामान। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed