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Fatehabad News: बाढ़ ने रोकी बच्चों की पढ़ाई तो कश्तियों से पहुंच शिक्षा की अलख जगाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Aug 2023 11:30 PM IST
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The flood stopped the education of the children, then reaching the boats lit up the light of education.
किश्ती के सहारे बच्चों तक पुस्तकें पहुंचाने जा रहे कृष्ण कुक्कड़।
फतेहाबाद। बाढ़ की आपदा के बीच फतेहाबाद की अनेक जन बाहुल्य ढाणियां पानी में डूब गईं तो बच्चों के लिए शिक्षा का अभाव हो गया। अभी भी इन ढाणियों में पानी भरा हुआ है, ऐसे में शिक्षा विभाग ने बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए कश्तियों के सहारे बाढ़ आपदा में फंसे बच्चों को किताबें मुहैया करवाई। यही नहीं शरणार्थी शिविरों में भी अध्यापक लगातार बच्चों को पढ़ाने में लगे हुए हैं।
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फतेहाबाद में जब बाढ़ आई तो सबसे अधिक प्रभावित फतेहाबाद के साथ लगती ढाणियां हुई। यहां की आबादी के कुछ लोग तो राहत शिविरों में शरणार्थियों की तरह आ गए, लेकिन कई लोग चारों तरफ पानी होने के बावजूद ढाणियों में बसे रहे। खाने-पीने के अलावा बच्चों की शिक्षा पर भी इसका असर होने लगा था। ऐसे में भी इन ढाणियों में बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षा विभाग ने बीड़ा उठाया और बाढ़ग्रस्त इलाकाें में भी बच्चाें कि लिए किताबें व पुस्तकें पहुंचाई। संवाद
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बाढ़ से घिरीं ढाणियों में कश्तियों से पहुंचीं किताबें
शहर के पास लगती ढाणी बिकानेरी, ढाणी बिसला, ढाणी बोसवाल, रजाबाद व खान मोहम्मद के पास अनेक लोग ढाणियों में बाढ़ से घिरे हुए थे। यहां पर छह से सात फुट तक पानी था, ऐसे में शिक्षा विभाग ने बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उनके पास कश्तियों के माध्यम से किताबें पहुंचाई। इन ढाणियों में 150 बच्चों तक कश्तियों के माध्यम से किताबें व कॉपियां पहुंचाई गई। फतेहाबाद के मॉडल संस्कृति स्कूल, नई अनाजमंडी, राधा स्वामी सत्संग घर, गर्ल्स स्कूल में आसपास की ढाणियों दिल्ली वाली ढाणी, ढाणी टाहलीवाली, ढाणी बिकानेरी व छोटी मोटी ढाणियों के लोग बसे हुए हैं। यहां पर भी शिक्षकों के माध्यम से उनको प्रतिदिन पढ़ाई करवाई जा रही है।
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कोट
बच्चों की पढ़ाई न रुके इसके लिए हम कश्तियों में बैठकर ढाणियों तक पहुंचे और बच्चों को किताबें व कॉपियाें सहित अन्य स्टेशनरी उपलब्ध करवाई। साथ ही उनका ऑनलाइन पढ़ाई का प्रावधान भी किया।


कृष्ण कुक्कड़, कोऑर्डिनेटर जेआरसी रेडक्रॉस, एवं अध्यापक
कोट

बाढ़ के दौरान बच्चों तक कश्तियों से किताबें व कॉपियां पहुंचाई गई हैं। साथ ही सरकारी स्कूलों व जहां भी राहत शिविर लगे थे, वहां तक बच्चाें को किताबें व कॉपियां पहुंचाई गई, क्योंकि यह बच्चे अपनी किताबें घराें में भूल आए थे। नई अनाज मंडी के शेड के नीचे 52 बच्चों व अन्य स्कूलों में 70 बच्चों तक किताबें पहुंचाई गई और स्कूलों में उनकी शिक्षा का भी प्रावधान किया गया।

-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।
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