{"_id":"62eab2161dc997113d4cbadc","slug":"the-city-government-does-not-have-officers-for-work-fatehabad-news-hsr638354939","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की सरकार के पास नहीं काम के लिए अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की सरकार के पास नहीं काम के लिए अफसर
विज्ञापन
नगर परिषद कार्यालय फतेहाबाद।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शहर की नई सरकार बेशक चुनकर आ चुकी है और इसको लेकर करीब सवा माह का समय भी हो चुका है। लेकिन इन 40 दिनों में शहर की सरकार विकास के नाम पर एक पत्थर नहीं लगवा पाई है। वजह ये है कि शहर की सरकार के पास नप कार्यालय में काम करवाने के लिए अफसर ही नहीं हैं। नगर परिषद में जेई के पांच में से चार पद खाली पड़े हैं।
यहां तक कि सचिव का पद भी करीब तीन सालों से खाली पड़ा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के चलते सड़क निर्माण, मरम्मत, पार्को की मॉनिटरिंग, शौचालयों का निर्माण, ग्रीन बेल्ट का सुंदरीकरण समेत कई काम लटके पड़े है। कनिष्ठ अभियंता की कमी के चलते अस्टीमेट भी नप तैयार नहीं कर पा रहा है। जानकर हैरानी होगी कि करीब तीन माह से नप विकास कार्यों को लेकर कोई भी टेंडर सिरे नहीं चढ़ा पाया है। चुनाव आचार संहिता के चलते और अब अफसरों की कमी के चलते काम लटके हुए हैं। नगर परिषद में एमई के दो पद स्वीकृत है, यहां पर पहले एमई के पद पर सुमित चोपड़ा कार्यरत था। लेकिन आदमपुर तबादला होने के कारण यहां पर एमई के दोनों पद खाली हो गए हैं। इसके अलावा नप में सचिव का पद लंबे समय से खाली है। नप में क्लर्क तक के पद खाली पड़े हैं। संवाद
नगर परिषद में अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थिति
पद स्वीकृत कार्यरत खाली
एमई 2 0 2
जेई 5 1 4
सचिव 1 0 1
क्लर्क 9 6 3
टैक्स सुपरिडेंट 1 0 1
सफाई कर्मचारी 67 35 स्थायी व 118 पेरोल 14
जेई धूड़िया के सेवानिवृत्त होने बाद बिगड़ा सिस्टम
नगर परिषद में जेई के पद पर सुखविंद्र सिंह धूड़िया कार्यरत थे लेकिन पिछले दिनों सेवानिवृत्त होने के बाद नप में एक बार सिस्टम बिगड़ गया है। नप के पास जो अब जेई है उन्हें शहर का अनुभव नहीं है जबकि जेई धूड़िया को शहर का अनुभव सबसे ज्यादा था। लेकिन सेवानिवृत्ति के उच्च अधिकारियों को भी दिक्कत आ रही है। चुनाव से पहले नगर परिषद ने शहर के ऑटो मार्केट, मॉडल टाउन, ग्रीन पार्क कॉलोनी में सड़क निर्माण का टेंडर लगाया था, इसके अलावा नहर कॉलोनी में भी सड़क निर्माण के टेंडर लगाए गए। वर्क ऑर्डर होने के बाद भी अभी तक काम शुरू नहीं हो पाए। पहले नप ने चुनाव आचार संहिता के चलते काम रोक दिया था। लेकिन अब 40 दिन बीतने बाद भी काम शुरू नहीं हुए है। यहां तक कि शौचालयों का टेंडर भी अभी तक नहीं लग पाया है।
विज्ञापन
सफाई कर्मचारियों तक का टोटा
नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों के 167 पद स्वीकृत है लेकिन इसमें से स्थाई 35 ही है। इसके अलावा पे रोल पर 118 कर्मचारी तैनात हैं। इसके बावजूद भी नप में 14 पद खाली है। शहर की सीमा बढ़ चुकी है लेकिन नप ने कर्मचारी नहीं बढ़ाए है। करीब 30 कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर कार्यरत है।
कोट
जिला मुख्यालय के नगर परिषद में तकनीकी अधिकारी नहीं है। जेई न होने से अस्टीमेट नहीं बन रहे हैं, लोगों के काम नहीं हो रहे है। सरकार को कम से कम यहां के पदों को तो भरना चाहिए।
-मोहनलाल नारंग, पार्षद
कोट
नगर परिषद में अधिकारी व कर्मचारियों के काफी पद खाली हैं। इन पदों पर मुख्यालय की तरफ से ही नियुक्ति होनी है। पद खाली होने से काम तो प्रभावित हो ही रहे हैं।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद
कोट
नगर परिषद में जेई और एमई के पद खाली हैं, इसके अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारियों के पद भी खाली है। एस्टीमेट बनाने और उनकी जांच में इन अधिकारियों का होना जरूरी है। अकेला कार्यकारी अभियंता भी कुछ नहीं कर सकता है। सरकार के पास डिमांड भेजी गई है, उम्मीद है जल्द मिल जाएंगे।
-राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
विज्ञापन
यहां तक कि सचिव का पद भी करीब तीन सालों से खाली पड़ा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के चलते सड़क निर्माण, मरम्मत, पार्को की मॉनिटरिंग, शौचालयों का निर्माण, ग्रीन बेल्ट का सुंदरीकरण समेत कई काम लटके पड़े है। कनिष्ठ अभियंता की कमी के चलते अस्टीमेट भी नप तैयार नहीं कर पा रहा है। जानकर हैरानी होगी कि करीब तीन माह से नप विकास कार्यों को लेकर कोई भी टेंडर सिरे नहीं चढ़ा पाया है। चुनाव आचार संहिता के चलते और अब अफसरों की कमी के चलते काम लटके हुए हैं। नगर परिषद में एमई के दो पद स्वीकृत है, यहां पर पहले एमई के पद पर सुमित चोपड़ा कार्यरत था। लेकिन आदमपुर तबादला होने के कारण यहां पर एमई के दोनों पद खाली हो गए हैं। इसके अलावा नप में सचिव का पद लंबे समय से खाली है। नप में क्लर्क तक के पद खाली पड़े हैं। संवाद
विज्ञापन
नगर परिषद में अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थिति
पद स्वीकृत कार्यरत खाली
एमई 2 0 2
जेई 5 1 4
सचिव 1 0 1
क्लर्क 9 6 3
टैक्स सुपरिडेंट 1 0 1
सफाई कर्मचारी 67 35 स्थायी व 118 पेरोल 14
जेई धूड़िया के सेवानिवृत्त होने बाद बिगड़ा सिस्टम
नगर परिषद में जेई के पद पर सुखविंद्र सिंह धूड़िया कार्यरत थे लेकिन पिछले दिनों सेवानिवृत्त होने के बाद नप में एक बार सिस्टम बिगड़ गया है। नप के पास जो अब जेई है उन्हें शहर का अनुभव नहीं है जबकि जेई धूड़िया को शहर का अनुभव सबसे ज्यादा था। लेकिन सेवानिवृत्ति के उच्च अधिकारियों को भी दिक्कत आ रही है। चुनाव से पहले नगर परिषद ने शहर के ऑटो मार्केट, मॉडल टाउन, ग्रीन पार्क कॉलोनी में सड़क निर्माण का टेंडर लगाया था, इसके अलावा नहर कॉलोनी में भी सड़क निर्माण के टेंडर लगाए गए। वर्क ऑर्डर होने के बाद भी अभी तक काम शुरू नहीं हो पाए। पहले नप ने चुनाव आचार संहिता के चलते काम रोक दिया था। लेकिन अब 40 दिन बीतने बाद भी काम शुरू नहीं हुए है। यहां तक कि शौचालयों का टेंडर भी अभी तक नहीं लग पाया है।
विज्ञापन
सफाई कर्मचारियों तक का टोटा
नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों के 167 पद स्वीकृत है लेकिन इसमें से स्थाई 35 ही है। इसके अलावा पे रोल पर 118 कर्मचारी तैनात हैं। इसके बावजूद भी नप में 14 पद खाली है। शहर की सीमा बढ़ चुकी है लेकिन नप ने कर्मचारी नहीं बढ़ाए है। करीब 30 कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर कार्यरत है।
कोट
जिला मुख्यालय के नगर परिषद में तकनीकी अधिकारी नहीं है। जेई न होने से अस्टीमेट नहीं बन रहे हैं, लोगों के काम नहीं हो रहे है। सरकार को कम से कम यहां के पदों को तो भरना चाहिए।
-मोहनलाल नारंग, पार्षद
कोट
नगर परिषद में अधिकारी व कर्मचारियों के काफी पद खाली हैं। इन पदों पर मुख्यालय की तरफ से ही नियुक्ति होनी है। पद खाली होने से काम तो प्रभावित हो ही रहे हैं।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद
कोट
नगर परिषद में जेई और एमई के पद खाली हैं, इसके अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारियों के पद भी खाली है। एस्टीमेट बनाने और उनकी जांच में इन अधिकारियों का होना जरूरी है। अकेला कार्यकारी अभियंता भी कुछ नहीं कर सकता है। सरकार के पास डिमांड भेजी गई है, उम्मीद है जल्द मिल जाएंगे।
-राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद