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Fatehabad News: नगर परिषद नहीं पकड़ेगा पशु व बंदर आयोग के प्रस्ताव को अभी मंजूरी नहीं
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फतेहाबाद के भट्टू रोड पर घूमते हुए पशु संवाद
फतेहाबाद। शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं और बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी अब नगर निकायों के पास नहीं रहेगी। मौजूदा ठेका समाप्त होने के बाद यह कार्य गो सेवा आयोग को सौंपने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए निर्देश जारी हो चुके हैं।
जिले में करीब ढाई हजार बेसहारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं जो लगातार सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं। गो सेवा आयोग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है, हालांकि इसे अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। योजना के तहत गो सेवकों को पशु पकड़ने की जिम्मेदारी दी जाएगी। शहर में मार्च माह में पशु पकड़ने का ठेका समाप्त हो चुका है।
नगर परिषद पिछले दो वर्षों से एक ही एजेंसी को कार्य दे रही थी जिसमें प्रति पशु 920 रुपये का भुगतान किया जा रहा था जिसे बाद में 10 प्रतिशत और बढ़ाया गया था। ठेका समाप्त होने के बाद नया टेंडर लगाया गया, लेकिन नई नीति लागू होने के चलते प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इस कारण पशु पकड़ने का काम फिलहाल ठप है।
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स्थिति यह है कि हिसार-सिरसा रोड, भट्टू रोड और कई रिहायशी कॉलोनियों में बेसहारा पशुओं की आवाजाही बनी हुई है जिससे आमजन को लगातार परेशानी और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है। संवाद
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रतिया में हो चुकी है व्यक्ति की मौत
रतिया में 22 दिन पहले पशु की चपेट में आने से 55 साल के अजीतसर निवासी करमजीत की मौत हो गई थी। करमजीत बस स्टैंड पर बाइक पर जा रहा था। करीब चार साल पहले फतेहाबाद के सिरसा रोड पर बाइक के आगे सांड़ आने से तीन दोस्तों की मौत हो गई थी।
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गाय पकड़ने के मिलेंगे 600 रुपये
सरकार ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए रेट भी तय कर दिए हैं। एक साल से ज्यादा उम्र के सांड़ को पकड़ने पर 800 रुपये, गाय को पकड़ने पर 600 रुपये, बछड़े को पकड़ने पर 300 रुपये का भुगतान होगा। बंदर पकड़ने पर 600 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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कुत्तों के ठेके पर फंसा पेच
नगर परिषद ने कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण और टीकाकरण के लिए पहले 982 रुपये प्रति में ठेका दिया था लेकिन अब एजेंसी ने 1342 रुपये प्रति कुत्ते के मांगे हैं लेकिन सरकार ने 800 रुपये रेट तय किया है। हालांकि कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर परिषद के पास ही रहेगी। इसके ठेके को लेकर अभी पेच फंसा हुआ है।
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पशुओं को पकड़ने के लिए गो सेवकों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसको लेकर प्रस्ताव पशुपालन विभाग को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
- अजीत कुमार, जिला प्रभारी, गो सेवा आयोग
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पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी गो सेवा आयोग की रहेगी। हालांकि कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण और टीकाकरण नगर परिषद करवाएगा। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया जारी है।
- महेश कुमार, एसआई, नगर परिषद
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जिले में करीब ढाई हजार बेसहारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं जो लगातार सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं। गो सेवा आयोग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है, हालांकि इसे अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। योजना के तहत गो सेवकों को पशु पकड़ने की जिम्मेदारी दी जाएगी। शहर में मार्च माह में पशु पकड़ने का ठेका समाप्त हो चुका है।
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नगर परिषद पिछले दो वर्षों से एक ही एजेंसी को कार्य दे रही थी जिसमें प्रति पशु 920 रुपये का भुगतान किया जा रहा था जिसे बाद में 10 प्रतिशत और बढ़ाया गया था। ठेका समाप्त होने के बाद नया टेंडर लगाया गया, लेकिन नई नीति लागू होने के चलते प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इस कारण पशु पकड़ने का काम फिलहाल ठप है।
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स्थिति यह है कि हिसार-सिरसा रोड, भट्टू रोड और कई रिहायशी कॉलोनियों में बेसहारा पशुओं की आवाजाही बनी हुई है जिससे आमजन को लगातार परेशानी और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है। संवाद
रतिया में हो चुकी है व्यक्ति की मौत
रतिया में 22 दिन पहले पशु की चपेट में आने से 55 साल के अजीतसर निवासी करमजीत की मौत हो गई थी। करमजीत बस स्टैंड पर बाइक पर जा रहा था। करीब चार साल पहले फतेहाबाद के सिरसा रोड पर बाइक के आगे सांड़ आने से तीन दोस्तों की मौत हो गई थी।
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गाय पकड़ने के मिलेंगे 600 रुपये
सरकार ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए रेट भी तय कर दिए हैं। एक साल से ज्यादा उम्र के सांड़ को पकड़ने पर 800 रुपये, गाय को पकड़ने पर 600 रुपये, बछड़े को पकड़ने पर 300 रुपये का भुगतान होगा। बंदर पकड़ने पर 600 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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कुत्तों के ठेके पर फंसा पेच
नगर परिषद ने कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण और टीकाकरण के लिए पहले 982 रुपये प्रति में ठेका दिया था लेकिन अब एजेंसी ने 1342 रुपये प्रति कुत्ते के मांगे हैं लेकिन सरकार ने 800 रुपये रेट तय किया है। हालांकि कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर परिषद के पास ही रहेगी। इसके ठेके को लेकर अभी पेच फंसा हुआ है।
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पशुओं को पकड़ने के लिए गो सेवकों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसको लेकर प्रस्ताव पशुपालन विभाग को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
- अजीत कुमार, जिला प्रभारी, गो सेवा आयोग
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पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी गो सेवा आयोग की रहेगी। हालांकि कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण और टीकाकरण नगर परिषद करवाएगा। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया जारी है।
- महेश कुमार, एसआई, नगर परिषद