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फतेहाबाद: फरवरी में ही बढ़ा तापमान, गेहूं उत्पादकों के लिए खतरे की घंटी
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फतेहाबाद के गांव धांगड़ में गेहूं की फसल पर आई बालियां।
फतेहाबाद। मौसम में आए बदलाव ने गेहूं उत्पादक किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। फरवरी माह में ही तापमान 30 डिग्री के पास पहुंच गया है, ऐसे में गेहूं की फसल पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। पहले पाले व अब बढ़ते तापमान से किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। मौसम में अचानक आई गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार प्रभावित होने का अंदेशा है।
लगातार बढ़ते तापमान से कृषि विशेषज्ञों ने भी चिंता जाहिर करते हुए गेहूं की फसल में नुकसान होने की संभावना से इन्कार नहीं किया है। इसी तरह तापमान में वृद्धि रही तो जिले में गेहूं की फसल में करीब 15 से 20 फीसदी का नुकसान होने का अंदेशा बना हुआ है। आमतौर पर फरवरी माह में इन दिनों तापमान में कभी इतनी बढ़ोतरी नहीं होती। लेकिन इस बार फरवरी माह में अचानक तापमान में भारी बढ़ोतरी हुई है।
बारिश न होने का भी हुआ नुकसान
जनवरी माह में किसानों को उम्मीद थी कि बारिश होगी, लेकिन बादलवाही तो हुई, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि धुंध पड़ने से गेहूं व चने की फसल को कुछ संजीवनी तो मिली, लेकिन अब एक बार फिर तापमान मेंं अचानक उछाल आ गया है। 16 फरवरी को जहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री था, वहीं यह पांच डिग्री बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तापमान में बढ़ोतरी से गेहूं के दाने को नुकसान हो रहा है और अगर आगे ऐसे ही तापमान बढ़ता रहा तो गेहूं की फसल को 15 से 20 फीसदी नुकसान हो सकता है।
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अगले माह शुरू होगी गेहूं की कटाई
गेहूं की फसल इन दिनों खेतों में खड़ी हुई है और होली के त्योहार पर फसल का कटना शुरू हो जाएगी। फसल कटाई में अब ज्यादा दिन बाकी नहीं है। इस वजह से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। गेहूं की फसल के लिए अच्छा तापमान अधिकतम 20 से 22 डिग्री माना जाता है। अधिक ज्यादा तापमान होने पर फसल जल्दी पकने से दाना छोटा रह जाता है और पैदावार में कमी आती है।
पिछले साल मार्च माह मेंं भी हुआ था नुकसान
पिछले साल मार्च माह में भी अचानक तापमान 30 से 35 डिग्री तक पहुंच गया था, जिससे गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ था। गेहूं का दाना पूरी तरह से पनप नहीं पाया था और उत्पादन में कमी देखी गई थी। इसका असर यह रहा कि इस बार दिसंबर व जनवरी माह में गेहूं के दामों में भारी उछाल आ गया और गेहूं 30 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों की मानें तो इस बार भी अगर उत्पादन कम हुआ तो आगे गेहूं के दाम बढ़ने लाजमी हैं।
यूं बढ़ा तापमान
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
14 फरवरी 20 09
15 फरवरी 23 12
16 फरवरी 22 12
17 फरवरी 28 12
18 फरवरी 29 13
19 फरवरी 29 15
20 फरवरी 30 16
कोट
मौसम में आए अचानक बदलाव से गेहूं की फसल को नुकसान संभावित है। फरवरी माह मेंं तापमान 20 से 22 डिग्री के आसपास रहना चाहिए, ताकि गेहूं का दाना पूरी तरह से परिपक्व हो सके और उसमें आया दूध दाने का रूप ले सके। गर्मी पड़ती रही तो दाने का दूध सूख जाएगा और उत्पादन में कमी आएगी।
-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए, फतेहाबाद।
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लगातार बढ़ते तापमान से कृषि विशेषज्ञों ने भी चिंता जाहिर करते हुए गेहूं की फसल में नुकसान होने की संभावना से इन्कार नहीं किया है। इसी तरह तापमान में वृद्धि रही तो जिले में गेहूं की फसल में करीब 15 से 20 फीसदी का नुकसान होने का अंदेशा बना हुआ है। आमतौर पर फरवरी माह में इन दिनों तापमान में कभी इतनी बढ़ोतरी नहीं होती। लेकिन इस बार फरवरी माह में अचानक तापमान में भारी बढ़ोतरी हुई है।
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बारिश न होने का भी हुआ नुकसान
जनवरी माह में किसानों को उम्मीद थी कि बारिश होगी, लेकिन बादलवाही तो हुई, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि धुंध पड़ने से गेहूं व चने की फसल को कुछ संजीवनी तो मिली, लेकिन अब एक बार फिर तापमान मेंं अचानक उछाल आ गया है। 16 फरवरी को जहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री था, वहीं यह पांच डिग्री बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तापमान में बढ़ोतरी से गेहूं के दाने को नुकसान हो रहा है और अगर आगे ऐसे ही तापमान बढ़ता रहा तो गेहूं की फसल को 15 से 20 फीसदी नुकसान हो सकता है।
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अगले माह शुरू होगी गेहूं की कटाई
गेहूं की फसल इन दिनों खेतों में खड़ी हुई है और होली के त्योहार पर फसल का कटना शुरू हो जाएगी। फसल कटाई में अब ज्यादा दिन बाकी नहीं है। इस वजह से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। गेहूं की फसल के लिए अच्छा तापमान अधिकतम 20 से 22 डिग्री माना जाता है। अधिक ज्यादा तापमान होने पर फसल जल्दी पकने से दाना छोटा रह जाता है और पैदावार में कमी आती है।
पिछले साल मार्च माह मेंं भी हुआ था नुकसान
पिछले साल मार्च माह में भी अचानक तापमान 30 से 35 डिग्री तक पहुंच गया था, जिससे गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ था। गेहूं का दाना पूरी तरह से पनप नहीं पाया था और उत्पादन में कमी देखी गई थी। इसका असर यह रहा कि इस बार दिसंबर व जनवरी माह में गेहूं के दामों में भारी उछाल आ गया और गेहूं 30 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों की मानें तो इस बार भी अगर उत्पादन कम हुआ तो आगे गेहूं के दाम बढ़ने लाजमी हैं।
यूं बढ़ा तापमान
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
14 फरवरी 20 09
15 फरवरी 23 12
16 फरवरी 22 12
17 फरवरी 28 12
18 फरवरी 29 13
19 फरवरी 29 15
20 फरवरी 30 16
कोट
मौसम में आए अचानक बदलाव से गेहूं की फसल को नुकसान संभावित है। फरवरी माह मेंं तापमान 20 से 22 डिग्री के आसपास रहना चाहिए, ताकि गेहूं का दाना पूरी तरह से परिपक्व हो सके और उसमें आया दूध दाने का रूप ले सके। गर्मी पड़ती रही तो दाने का दूध सूख जाएगा और उत्पादन में कमी आएगी।
-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए, फतेहाबाद।