फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Temperature rises in February, alarm bells ring for wheat growers

फतेहाबाद: फरवरी में ही बढ़ा तापमान, गेहूं उत्पादकों के लिए खतरे की घंटी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Feb 2023 11:20 PM IST
विज्ञापन
Temperature rises in February, alarm bells ring for wheat growers
फतेहाबाद के गांव धांगड़ में गेहूं की फसल पर आई बालियां।
फतेहाबाद। मौसम में आए बदलाव ने गेहूं उत्पादक किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। फरवरी माह में ही तापमान 30 डिग्री के पास पहुंच गया है, ऐसे में गेहूं की फसल पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। पहले पाले व अब बढ़ते तापमान से किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। मौसम में अचानक आई गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार प्रभावित होने का अंदेशा है।
विज्ञापन

लगातार बढ़ते तापमान से कृषि विशेषज्ञों ने भी चिंता जाहिर करते हुए गेहूं की फसल में नुकसान होने की संभावना से इन्कार नहीं किया है। इसी तरह तापमान में वृद्धि रही तो जिले में गेहूं की फसल में करीब 15 से 20 फीसदी का नुकसान होने का अंदेशा बना हुआ है। आमतौर पर फरवरी माह में इन दिनों तापमान में कभी इतनी बढ़ोतरी नहीं होती। लेकिन इस बार फरवरी माह में अचानक तापमान में भारी बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन

बारिश न होने का भी हुआ नुकसान
जनवरी माह में किसानों को उम्मीद थी कि बारिश होगी, लेकिन बादलवाही तो हुई, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि धुंध पड़ने से गेहूं व चने की फसल को कुछ संजीवनी तो मिली, लेकिन अब एक बार फिर तापमान मेंं अचानक उछाल आ गया है। 16 फरवरी को जहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री था, वहीं यह पांच डिग्री बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तापमान में बढ़ोतरी से गेहूं के दाने को नुकसान हो रहा है और अगर आगे ऐसे ही तापमान बढ़ता रहा तो गेहूं की फसल को 15 से 20 फीसदी नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगले माह शुरू होगी गेहूं की कटाई
गेहूं की फसल इन दिनों खेतों में खड़ी हुई है और होली के त्योहार पर फसल का कटना शुरू हो जाएगी। फसल कटाई में अब ज्यादा दिन बाकी नहीं है। इस वजह से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। गेहूं की फसल के लिए अच्छा तापमान अधिकतम 20 से 22 डिग्री माना जाता है। अधिक ज्यादा तापमान होने पर फसल जल्दी पकने से दाना छोटा रह जाता है और पैदावार में कमी आती है।
पिछले साल मार्च माह मेंं भी हुआ था नुकसान
पिछले साल मार्च माह में भी अचानक तापमान 30 से 35 डिग्री तक पहुंच गया था, जिससे गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ था। गेहूं का दाना पूरी तरह से पनप नहीं पाया था और उत्पादन में कमी देखी गई थी। इसका असर यह रहा कि इस बार दिसंबर व जनवरी माह में गेहूं के दामों में भारी उछाल आ गया और गेहूं 30 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों की मानें तो इस बार भी अगर उत्पादन कम हुआ तो आगे गेहूं के दाम बढ़ने लाजमी हैं।


यूं बढ़ा तापमान
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
14 फरवरी 20 09
15 फरवरी 23 12
16 फरवरी 22 12
17 फरवरी 28 12
18 फरवरी 29 13
19 फरवरी 29 15
20 फरवरी 30 16
कोट

मौसम में आए अचानक बदलाव से गेहूं की फसल को नुकसान संभावित है। फरवरी माह मेंं तापमान 20 से 22 डिग्री के आसपास रहना चाहिए, ताकि गेहूं का दाना पूरी तरह से परिपक्व हो सके और उसमें आया दूध दाने का रूप ले सके। गर्मी पड़ती रही तो दाने का दूध सूख जाएगा और उत्पादन में कमी आएगी।

-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed