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Fatehabad News: टीबी दवाई की केंद्र से सप्लाई नहीं, 40 हजार गोलियां खुद खरीदने की तैयारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2024 11:08 PM IST
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TB medicine not supplied from the centre, preparation to buy 40 thousand pills yourself
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में टीबी दवा काउंटर
फतेहाबाद। टीबी मरीजों को उपचार के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली दवाइयों के स्टॉक पर संकट के बादल छाने लगे हैं। वेयर हाउस से दवाइयों की सप्लाई न होने के चलते अगले माह दवाइयों की कमी हो सकती है। इसके चलते जिले में टीबी की दवाइयों को स्वास्थ्य विभाग बिना बजट लोकल परचेज करने की तैयारी कर रहा है ताकि संकट से बचा जा सके। इसको लेकर जिले से दवाइयों की डिमांड सिविल सर्जन कार्यालय को भेजी गई है। करीब 40 हजार टेबलेट खरीदने के लिए डिमांड दी गई है।
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बताया जा रहा है कि केंद्र से दवाइयों की सप्लाई राज्य को आती है। पंचकूला से दवाई को जिले में सप्लाई किया जाता है। लेकिन मार्च माह के अंत में स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने दवाई को लेकर हाथ पीछे खींच लिए और जिला मुख्यालयों को दवाइयों की लोकल परचेज करने के निर्देश दे दिए। लेकिन फिलहाल विभाग के पास बजट नहीं है। कागजी प्रक्रिया पूरी करके उधार में दवाई खरीदनी पड़ेगी। चिकित्सकों की माने तो टीबी मरीज का कैटेगरी स्तर पर 6 माह से 24 माह तक उपचार चलता है। टीबी बीमारी को खत्म करने के लिए मरीज को रेगुलर दवाई लेना जरूरी होता है। जिले में वर्ष 2023 के 496 और वर्ष 2024 के 829 मरीजों का उपचार चल रहा है। ऐसे में वर्ष 2025 में टीबी मुक्त भारत के दावे को झटका लग सकता है। संवाद
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टीबी मरीजों की जिले में ये रही है पिछले वर्ष स्थिति
जिले में टीबी को लेकर हुई जांच : 17084 मरीज
जांच में टीबी पॉजिटिव मिले : 2083
टीबी मरीजों का शुरू हुआ उपचार : 2438
पुरुष मिले पॉजिटिव : 1275 मरीज
महिलाएं मिलीं पॉजिटिव : 808 मरीज
0 से 14 साल के बच्चे मिले पॉजिटिव : 60 मरीज

ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
- रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
- बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना
- थकावट होना, वजन कम होना
- सांस लेने में दिक्कत होना
कोट
टीबी मरीजों के लिए दवाइयों की फिलहाल कमी नहीं है। पीछे से सप्लाई नहीं आ रही है इसलिए लोकल परचेज की जा रही है। पिछले माह भी की गई थी। मरीजों को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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-डॉ. अमित सैनी, जिला क्षयरोग अधिकारी
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