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Fatehabad News: फतेहाबाद और भट्टू खंड के 10 स्कूलों विद्यार्थियों का हिंदी-गणित कमजोर
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फतेहाबाद में बैठक लेते हुए एडीसी स्त्रोत शिक्षा विभाग
फतेहाबाद। विद्यार्थियों के सीखने का स्तर सुधारने के लिए शिक्षा विभाग जिले के सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले 10 प्राइमरी स्कूलों पर विशेष ध्यान देगा। फतेहाबाद और भट्टू खंड के इन स्कूलों में हिंदी और गणित विषयों में सुधार के लिए अभियान चलाया जाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया की अध्यक्षता में बुधवार को हुई जिला परियोजना क्रियान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों (एसएलओ), स्कूलों में चल रही गतिविधियों और शिक्षकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
विद्यार्थियों के सीखने का स्तर सुधारने के लिए जिले के 60 कमजोर स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें से 40 स्कूलों का निरीक्षण विद्यालय सुधार एवं निगरानी टीम (एसपीआईयू) कर चुकी है। निरीक्षण में सामने आए परिणामों पर चर्चा के बाद सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले 10 स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की रणनीति बनाई गई।
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अधिकारियों को इन स्कूलों में अभी से सुधार कार्य शुरू करने और अगली जिलास्तरीय बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्कूलों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति के कारणों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी समाधान तलाशने को कहा गया।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनीता बाई, जिला परियोजना समन्वयक बलवान सिंह, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) के जिला समन्वयक दिलबाग, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के प्रतिनिधि, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, खंड समन्वयक, एसपीआईयू सदस्य और संपर्क फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया की अध्यक्षता में बुधवार को हुई जिला परियोजना क्रियान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों (एसएलओ), स्कूलों में चल रही गतिविधियों और शिक्षकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
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विद्यार्थियों के सीखने का स्तर सुधारने के लिए जिले के 60 कमजोर स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें से 40 स्कूलों का निरीक्षण विद्यालय सुधार एवं निगरानी टीम (एसपीआईयू) कर चुकी है। निरीक्षण में सामने आए परिणामों पर चर्चा के बाद सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले 10 स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की रणनीति बनाई गई।
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अधिकारियों को इन स्कूलों में अभी से सुधार कार्य शुरू करने और अगली जिलास्तरीय बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्कूलों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति के कारणों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी समाधान तलाशने को कहा गया।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनीता बाई, जिला परियोजना समन्वयक बलवान सिंह, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) के जिला समन्वयक दिलबाग, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के प्रतिनिधि, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, खंड समन्वयक, एसपीआईयू सदस्य और संपर्क फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।