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Fatehabad News: खाई खोदकर किसानों को रोका सड़क पर डाला काला तेल व ग्रीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Feb 2024 12:27 AM IST
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Stopped farmers by digging ditch and poured black oil and grease on the road
फतेहाबाद के अयाल्की में पुलिस द्वारा लगाए गए बेरिकेड्स के आगे नारेबाजी करते किसान
फतेहाबाद/रतिया/टोहाना/जाखल। पंजाब के किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए प्रशासन ने जिले में पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। मंगलवार दोपहर को रतिया के गुरुद्वारा अजीतनगर से किसानों का एक जत्था दिल्ली कूच के लिए निकल पड़ा। प्रशासन को जैसे ही इसकी सूचना मिली तो फतेहाबाद के गांव अयाल्की के पास सेम नाले पर गहरा गड्ढा खोद दिया गया और सड़क पर ग्रीज व काला तेल लगा कर रोक दिया। इस दौरान किसानों व पुलिस अधिकारियों के बीच नोक-झोंक हुई और बाद में किसानों ने नाके के पास ही धरना दे लगा दिया और और प्रशासन को चेतावनी दी कि बुधवार को एक हजार ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच करेंगे।
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मंगलवार को पंजाब को कोई भी किसान टोहाना, रतिया और जाखल में फतेहाबाद की सीमा पर नहीं पहुंचा, जिससे प्रशासन ने फिलहाल हल्की राहत की सांस ली है। बताया गया है कि पंजाब के किसानाें को पहले ही भनक लग गई थी कि पंजाब से फतेहाबाद के मुख्य मार्गों पर काफी पहरा है। ऐसे में वह खनौरी के रास्ते से शंभु बॉर्डर की ओर निकल गए। बता दें कि फतेहाबाद के गांव अयाल्की के सेम नाले पर पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए पहले प्रबंध कर रखा था। सोमवार को ही पुख्ता प्रबंध कर लिए थे। प्रशासन ने सोमवार शाम को ही यहां पर सीमेंटेड ब्लॉक्स, कंटीले तार, नुकीले सरिये रखे हुए थे और साथ ही पैरामिलिट्री की फोर्स को बुलाया गया था। मंगलवार को प्रशासन यहां सड़क को उखाड़ कर गहरी खाई खोद दी है। सेम नाला होने के कारण किसान अन्य किसी तरीके से अपने ट्रैक्टर या वाहन नहीं निकाल पा रहे थे। यही नहीं किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने बैरिकेड्स के आगे ग्रीस बिछा दी और काला तेल बिखेर दिया, ताकि किसानाें के वाहन फिसल जाए।
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गांव-गांव मुनादी करवा कर किसानों को कर रहे एकजुट

रतिया शहर के फतेहाबाद रोड पर स्थित गुरुद्वारा अजीतसर से मंगलवार दोपहर को भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र चहल की अगुवाई में लगभग 200 किसान ट्रैक्टर-ट्राॅलियों, निजी वाहनों व बाइक पर सवार होकर दिल्ली के लिए कूच के लिए निकल पड़े। किसान अभी अजीतसर गुरुद्वारे के बाहर फतेहाबाद रोड पर पहुंचे थे कि पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन किसानों का जत्था फतेहाबाद रवाना हो गया। जत्था जब गांव अयाल्की के पास किसानों का जत्था पहुंचा तो डीएसपी जगदीश काजला की अगुवाई में तैनात भारी पुलिस फोर्स ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। डीएसपी जगदीश काजल ने किसानों को कहा कि वह उन्हें अपना मांग पत्र सौंप कर वापस चले जाएं लेकिन किसानों ने पुलिस प्रशासन की मांग को नकारते हुए दिल्ली कूच करने की बात कही, लेकिन पुलिस के अड़ जाने के चलते किसानों का जत्था सड़क पर धरना लगाकर बैठ गया। भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ के प्रदेश अध्यक्ष जरनैल सिंह मलवाला ने किसानों को वर्चुअल संबोधित करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी की वह गांव-गांव मुनादी करवा कर किसानों को अयाल्की के पास एकजुट करवा रहे हैं और अगर बुधवार सुबह 10 बजे तक पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो वह यहां हजारों की संख्या में ट्रैक्टर और किसानों को एकत्रित हो जाएंगे और बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ेंगे। किसान नेता ने प्रशासन को चेताया की पुलिस प्रशासन गांव में जाकर उनके संगठन के किसानों को परेशान करना बंद करें नहीं तो अधिकारियों को गांव में ही बंधक बनाने को किसान मजबूर होंगे।
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डीसी का किसानों ने किया विरोध, जमकर की नारेबाजी




वहीं टोहाना में किए गए सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने के लिए अधिकारियों का आना जाना जारी रहा, लेकिन पंजाब की ओर से कोई किसान नही आया। वहीं प्रबंधों का जायजा लेने के लिए आए उपायुक्त अजय तोमर को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा और किसानों ने डीसी व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान संगठन से जुड़े रमेश डांगरा ने बॉर्डर पर पहुंचकर कहा कि पंजाब से आने वाले किसानों की मदद के लिए एक हेल्प सेंटर भी बनाया है, ताकि पंजाब के किसानों की मदद की जा सके।


कोट

किसान संगठनों से यही कहेंगे कि दिल्ली कूच की कॉल को वापस ले क्योंकि इससे कानून व्यवस्था भंग होने की संभावना है, जिसकी वजह से जानमाल का भी नुकसान हो सकता है। हर समस्या का बैठकर निवारण किया जा सकता है तथा बातचीत के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार के दरवाजे किसानों के लिए हमेशा खुले हैं।
-अजय तोमर, उपायुक्त
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