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Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Shortage of medicines at the Civil Hospital for the past month and a half; patients forced to buy medicines from outside.

Fatehabad News: नागरिक अस्पताल में डेढ़ माह से दवाओं की किल्लत, मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रहीं दवाइयां

Sat, 03 Oct 2026 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 03 Oct 2026 11:35 PM IST
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Shortage of medicines at the Civil Hospital for the past month and a half; patients forced to buy medicines from outside.
नागरिक अस्तपाल में दवाई लेते मरीज व उनके तीमारदार। 
फतेहाबाद। शहर के नागरिक अस्पताल में पिछले करीब डेढ़ माह से दवाओं की किल्लत बनी हुई है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1000 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें डॉक्टर की पर्ची में लिखी पूरी दवाइयां अस्पताल की डिस्पेंसरी से नहीं मिल पा रही हैं।
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कई मरीजों को केवल कुछ ही दवाइयां अस्पताल से मिल रही हैं, जबकि बाकी दवाइयां उन्हें मजबूरी में बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। अस्पताल में दर्द निवारक दवाओं और एंटीबायोटिक की कमी बनी हुई है।
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इसके अलावा पेट की बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली टैबलेट और त्वचा संबंधी रोगों की दवाएं भी मरीजों को पूरी मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। सामान्य बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कमी के कारण मरीजों को अस्पताल से उपचार मिलने के बावजूद दवाइयां खरीदने के लिए बाजार का रुख करना पड़ रहा है।
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एक माह से कफ सिरप का भी टोटा
अस्पताल में करीब एक माह से कफ सिरप उपलब्ध नहीं है। खांसी-जुकाम जैसी सामान्य समस्या के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी डॉक्टर की ओर से लिखी दवा बाहर से खरीदनी पड़ रही है। वहीं, चर्म रोग से संबंधित दवाओं की उपलब्धता में भी कमी बताई जा रही है। अस्पताल में मुफ्त दवाइयां मिलने की सुविधा होने के बावजूद पूरी दवा नहीं मिलने से उन्हें निजी मेडिकल स्टोर पर पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
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पर्ची में पांच दवाएं, डिस्पेंसरी से मिल रही दो
मरीजों के अनुसार डॉक्टर ओपीडी में जांच के बाद कई दवाइयां लिख रहे हैं लेकिन डिस्पेंसरी में सभी दवाएं उपलब्ध नहीं होतीं। पर्ची पर लिखी पांच दवाओं में से केवल दो दवाइयां ही अस्पताल से मिल पाती हैं। शेष दवाओं के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की परेशानी बढ़ रही है।
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रोजाना 1000 से अधिक मरीजों की ओपीडी
नागरिक अस्पताल में रोजाना 1000 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे में दवाओं की नियमित आपूर्ति नहीं होने से बड़ी संख्या में मरीज प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में दवाओं की कमी का असर सामान्य उपचार पर भी पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि जब सरकारी अस्पताल में मुफ्त दवा उपलब्ध होने की व्यवस्था है तो उन्हें बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
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मैं शहर के नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग की दवा लेने पहुंचा था। डॉक्टर ने जांच कर दवाइयां लिख दी। लेकिन डिस्पेंसरी में उपलब्धता नहीं होने के कारण मुझे बाहर से दवा खरीदनी पड़ी। स्वास्थ्य विभाग से अपील है कि जल्द दवाइयां उपलब्ध करवाई जाए।

-कुलदीप, गांव बनगांव
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मैं दिमागी रोग की दवाई लेने पहुंचीं, मुझे चार में से केवल एक ही दवाई मिली है। स्वास्थ्य विभाग को मरीजों और तीमारदारों ने अस्पताल में जरूरी दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने चाहिए ताकि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों को अतिरिक्त खर्च न उठाना पड़े।
-परमजीत।
:: अस्पताल में जिन दवाइयों की कमी है उनकी वेयर हाउसिंग को मांग भेज दी गई है। जल्द ही अस्पताल में सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध होगी।
-डॉ. बुधराम, सीएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
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