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आढ़तियों ने मार्केट कमेटी सचिव का कार्यालय घेरा
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Wed, 29 Oct 2014 12:36 AM IST
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आढ़तियों ने मंगलवार को मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय का घेराव किया और जमकर बवाल काटा। उनका आरोप था कि अनाजमंडी में खरीद एजेंसियों और मार्केट कमेटी कर्मचारियों की मिलीभगत से धान दो नंबर में खरीदा जा रहा है। आढ़तियों ने धान की बिक्री पक्के कागजों में करवाने की मांग की। जिसके बाद मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
मंडी में औपचारिकता पूरी करने के लिए खरीद एजेंसियां एक घंटा ही खरीद करती हैं। जिसके बाद मंडी में दो नंबर में माल लेने का काम शुरू हो जाता है। खरीद एजेंसियां दो नंबर में जिस माल की खरीद करती है उसका टैक्स कमेटी को नहीं जाता है। जिससे मार्केट कमेटी को रोजाना लाखों रुपये का चूना लग रहा है। प्रतिदिन मंडी में यदि 50 हजार बैग की औसत हो तो 25 हजार क्विंटल माल बनता है। लेकिन मंडी में 20 प्रतिशत ही पक्के कागजों में माल बिक रहा है और बाकी माल दो नंबर में जा रहा है। ऐसे में यह काम अकेला परचेजर मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना नहीं कर सकता है। जिससे तय है कि मार्केट कमेटी के कर्मचारी इसमें मिले हुए हैं।
पंजाब से आ रहा है भारी मात्रा में धान
पंजाब के किसानों को परचेजर न मिलने के कारण वह निकटवर्ती मंडियों में पहुंच रहे हैं, जिसमें फतेहाबाद की अनाजमंडी भी शामिल है। यहां पर पंजाब से आए किसान बहुत कम रेटों पर तथा दो नंबर में माल बेच रहे हैं। जिसका दोगुना फायदा परचेजर एजेंसियों को हो रहा है।
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गुस्साए आढ़ती सचिव से मिले
दो नंबर हो रही बिक्री के चलते मंगलवार को एक दर्जन आढ़ती मार्किट कमेटी सचिव से मिले। आढ़ती गिरधारी लाल,देवराज,खैरातीलाल ने सचिव को बताया कि खरीद एजेंसियां सरेआम दो नम्बर में माल खरीद रही है और मार्किट कमेटी के अधिकारी चुपचाप देख रहे हैं। जिससे आढतियों की रौकड़ के साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। जिसको लेकर मार्किट कमेटी कार्यलय में आढतियों तथा मार्किट कमेटी अधिकारियों के बीच काफी बहस बाजी भी होती रही। जिसके बाद मार्किट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है।
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मंडी में औपचारिकता पूरी करने के लिए खरीद एजेंसियां एक घंटा ही खरीद करती हैं। जिसके बाद मंडी में दो नंबर में माल लेने का काम शुरू हो जाता है। खरीद एजेंसियां दो नंबर में जिस माल की खरीद करती है उसका टैक्स कमेटी को नहीं जाता है। जिससे मार्केट कमेटी को रोजाना लाखों रुपये का चूना लग रहा है। प्रतिदिन मंडी में यदि 50 हजार बैग की औसत हो तो 25 हजार क्विंटल माल बनता है। लेकिन मंडी में 20 प्रतिशत ही पक्के कागजों में माल बिक रहा है और बाकी माल दो नंबर में जा रहा है। ऐसे में यह काम अकेला परचेजर मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना नहीं कर सकता है। जिससे तय है कि मार्केट कमेटी के कर्मचारी इसमें मिले हुए हैं।
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पंजाब से आ रहा है भारी मात्रा में धान
पंजाब के किसानों को परचेजर न मिलने के कारण वह निकटवर्ती मंडियों में पहुंच रहे हैं, जिसमें फतेहाबाद की अनाजमंडी भी शामिल है। यहां पर पंजाब से आए किसान बहुत कम रेटों पर तथा दो नंबर में माल बेच रहे हैं। जिसका दोगुना फायदा परचेजर एजेंसियों को हो रहा है।
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गुस्साए आढ़ती सचिव से मिले
दो नंबर हो रही बिक्री के चलते मंगलवार को एक दर्जन आढ़ती मार्किट कमेटी सचिव से मिले। आढ़ती गिरधारी लाल,देवराज,खैरातीलाल ने सचिव को बताया कि खरीद एजेंसियां सरेआम दो नम्बर में माल खरीद रही है और मार्किट कमेटी के अधिकारी चुपचाप देख रहे हैं। जिससे आढतियों की रौकड़ के साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। जिसको लेकर मार्किट कमेटी कार्यलय में आढतियों तथा मार्किट कमेटी अधिकारियों के बीच काफी बहस बाजी भी होती रही। जिसके बाद मार्किट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है।