{"_id":"63ea8a664ce5f368a609bac1","slug":"sarpanchs-block-outside-mlas-residence-against-e-tendering-fatehabad-news-c-21-1-55126-2023-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"फतेहाबाद: ई-टेंडरिंग के खिलाफ सरपंचों ने विधायक आवास के बाहर लगाया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फतेहाबाद: ई-टेंडरिंग के खिलाफ सरपंचों ने विधायक आवास के बाहर लगाया जाम
Tue, 14 Feb 2023 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 14 Feb 2023 12:37 AM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम के घर के बाहर रोड जाम करके बैठे सरपंच।
फतेहाबाद। ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल कानून के खिलाफ सोमवार को विभिन्न गांवों के सरपंच भट्टू रोड पर स्थित विधायक दुड़ाराम के आवास पर एकजुट हुए और यहां पर करीब आधे घंटे तक जाम लगा दिया। काली पट्टियां बांधकर सरपंचों ने सरकार, पंचायत मंत्री व विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सरपंचों ने विधायक के कार्यालय पर जाकर भी प्रदर्शन किया।
इस दौरान ज्ञापन लेने आए विधायक दुड़ाराम से सरपंचों ने कहा कि हम पांच दिन से आपके घर के बाहर बैठें हैं आपने कारण तक नहीं पूछा। इस पर विधायक ने कहा कि ज्ञापन दे दीजिए, आपकी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। इसी बीच रास्ते में जेजेपी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. वीरेंद्र सिवाच के अस्पताल के बाहर भी सरपंचों ने नारेबाजी की तो डॉ. सिवाच और सरपंचों में बहस हो गई। सरपंचों ने डॉ. सिवाच पर उन्हें अपशब्द कहने का आरोप लगाया। इसके बाद सरपंचों ने जजपा के जिला प्रधान सुरेंद्र लेगा को भी ज्ञापन सौंपा और समर्थन मांगा। इसके बाद सरपंच लघु सचिवालय की ओर बढ़ गए।
जनप्रतिनिधियों को बिकाऊ कहने पर आक्रोशित हुए सरपंच
सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया के नेतृृत्व में सोमवार को सरपंच व ग्रामीण विधायक दुड़ाराम के आवास पर काली पट्टियां व पटके पहनकर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक उस समय अपने आवास पर नहीं थे। इस दौरान सरपंचों ने भट्टू रोड पर विधायक आवास की तरफ जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू करवाया। इसके बाद सरपंच डॉ. वीरेंद्र सिवाच के अस्पताल पर पहुंचे इस दौरान चंद्रमोहन, बलजीत बैनीवाल, राजेश भिंचर आदि सरपंचों ने डॉ. सिवाच के समक्ष जनप्रतिनिधियों को बिकाऊ कहने पर रोष जताया। सरपंचों ने स्पष्टीकरण मांगा तो डॉ. सिवाच ने कहा कि उन्होंने सरपंचों को कभी बिकाऊ नहीं कहा, बल्कि कुछ जिला परिषद और ब्लॉक समिति के सदस्यों के लिए कहा था, जिन्होंने चेयरमैन चुनाव में पैसे लिए हैं। उन बातों पर वह आज भी कायम हैं। डॉ. सिवाच ने कहा कि वे जायज मांगों में सरपंचों के साथ हैं और उनके लिए धरने पर भी बैठ सकते हैं। इस दौरान कुछ देर बहसबाजी हुई और सरपंच उनको ज्ञापन देकर आगे निकल गए।
विज्ञापन
इसके बाद सरपंच अनाजमंडी में विधायक दुड़ाराम के कार्यालय पहुंचे और मांग की कि विधानसभा में उनकी मांग को उठाया जाए। फिर अनाजमंडी में ही जजपा जिला प्रधान सुरेंद्र लेगा के कार्यालय में पहुंचकर उनको ज्ञापन दिया। फिर सरपंच जीटी रोड पर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी जगदीश शर्मा को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश के 80 फीसदी सरपंच ई टेंडरिंग के विरोध में : पोटलिया
सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया ने कहा कि सरकार गांव-देहात को खत्म करने का प्रयास कर रही है। गांव के लोगों ने जिन उम्मीदों से प्रतिनिधि चुने थे, उन उम्मीदों को धाराशाही किया जा रहा है। आज से ई-टेंडरिंग के तहत काम शुरू होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के 80 प्रतिशत सरपंच इससे नाखुश हैं और जल्द ही नाराज ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के आपत्ति पत्र सरकार को सौंपेंगे।
एक मार्च को सीएम आवास का करेंगे घेराव
गांव खाबड़ा कलां के सरपंच प्रतिनिधि बलजीत बैनीवाल ने कहा कि एक मार्च को प्रदेशभर के आंदोलनरत सरपंच सीएम आवास का घेराव करेंगे। पांच दिन से वे विधायकों के घरों के बाहर धरना दे रहे हैं और विधायकों ने उनसे बात तक नहीं की है। इसलिए सत्ता के नशे में धुत विधायकों को जगाने के लिए सोमवार को उन्होंने काली पट्टियां बांधी हैं। पक्ष या विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा में सरपंचों की मांगें नहीं उठाई तो किसी भी विधायक को गांवों में नहीं घुसने देंगे और विरोध करेंगे।
सरपंचों की जायज मांगों के लिए हर वक्त खड़ा मिलूंगा : डॉ. सिवाच
मैं सरपंचों की जायज मांगों के लिए हर वक्त खड़ा मिलूंगा। मैंने हर मंच से किसानों व सरपंचों के हक की बात कही है। जनता ने अपना वोट देकर गांव के विकास के लिए उन्हें चुना है। समस्या यह है कि ज्यादातर प्रतिनिधि समाजसेवा के बजाय मेवा खाने में रुचि रखते हैं। अगर कहीं सरपंचों को लगता है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है तो वे अपनी मांगों को लेकर पंचायत मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर इसका निदान करवाने का प्रयास करें।
-डॉ. वीरेंद्र सिवाच, प्रदेश संयोजक, जजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ
विज्ञापन
इस दौरान ज्ञापन लेने आए विधायक दुड़ाराम से सरपंचों ने कहा कि हम पांच दिन से आपके घर के बाहर बैठें हैं आपने कारण तक नहीं पूछा। इस पर विधायक ने कहा कि ज्ञापन दे दीजिए, आपकी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। इसी बीच रास्ते में जेजेपी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. वीरेंद्र सिवाच के अस्पताल के बाहर भी सरपंचों ने नारेबाजी की तो डॉ. सिवाच और सरपंचों में बहस हो गई। सरपंचों ने डॉ. सिवाच पर उन्हें अपशब्द कहने का आरोप लगाया। इसके बाद सरपंचों ने जजपा के जिला प्रधान सुरेंद्र लेगा को भी ज्ञापन सौंपा और समर्थन मांगा। इसके बाद सरपंच लघु सचिवालय की ओर बढ़ गए।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों को बिकाऊ कहने पर आक्रोशित हुए सरपंच
सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया के नेतृृत्व में सोमवार को सरपंच व ग्रामीण विधायक दुड़ाराम के आवास पर काली पट्टियां व पटके पहनकर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक उस समय अपने आवास पर नहीं थे। इस दौरान सरपंचों ने भट्टू रोड पर विधायक आवास की तरफ जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू करवाया। इसके बाद सरपंच डॉ. वीरेंद्र सिवाच के अस्पताल पर पहुंचे इस दौरान चंद्रमोहन, बलजीत बैनीवाल, राजेश भिंचर आदि सरपंचों ने डॉ. सिवाच के समक्ष जनप्रतिनिधियों को बिकाऊ कहने पर रोष जताया। सरपंचों ने स्पष्टीकरण मांगा तो डॉ. सिवाच ने कहा कि उन्होंने सरपंचों को कभी बिकाऊ नहीं कहा, बल्कि कुछ जिला परिषद और ब्लॉक समिति के सदस्यों के लिए कहा था, जिन्होंने चेयरमैन चुनाव में पैसे लिए हैं। उन बातों पर वह आज भी कायम हैं। डॉ. सिवाच ने कहा कि वे जायज मांगों में सरपंचों के साथ हैं और उनके लिए धरने पर भी बैठ सकते हैं। इस दौरान कुछ देर बहसबाजी हुई और सरपंच उनको ज्ञापन देकर आगे निकल गए।
विज्ञापन
इसके बाद सरपंच अनाजमंडी में विधायक दुड़ाराम के कार्यालय पहुंचे और मांग की कि विधानसभा में उनकी मांग को उठाया जाए। फिर अनाजमंडी में ही जजपा जिला प्रधान सुरेंद्र लेगा के कार्यालय में पहुंचकर उनको ज्ञापन दिया। फिर सरपंच जीटी रोड पर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी जगदीश शर्मा को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश के 80 फीसदी सरपंच ई टेंडरिंग के विरोध में : पोटलिया
सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया ने कहा कि सरकार गांव-देहात को खत्म करने का प्रयास कर रही है। गांव के लोगों ने जिन उम्मीदों से प्रतिनिधि चुने थे, उन उम्मीदों को धाराशाही किया जा रहा है। आज से ई-टेंडरिंग के तहत काम शुरू होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के 80 प्रतिशत सरपंच इससे नाखुश हैं और जल्द ही नाराज ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के आपत्ति पत्र सरकार को सौंपेंगे।
एक मार्च को सीएम आवास का करेंगे घेराव
गांव खाबड़ा कलां के सरपंच प्रतिनिधि बलजीत बैनीवाल ने कहा कि एक मार्च को प्रदेशभर के आंदोलनरत सरपंच सीएम आवास का घेराव करेंगे। पांच दिन से वे विधायकों के घरों के बाहर धरना दे रहे हैं और विधायकों ने उनसे बात तक नहीं की है। इसलिए सत्ता के नशे में धुत विधायकों को जगाने के लिए सोमवार को उन्होंने काली पट्टियां बांधी हैं। पक्ष या विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा में सरपंचों की मांगें नहीं उठाई तो किसी भी विधायक को गांवों में नहीं घुसने देंगे और विरोध करेंगे।
सरपंचों की जायज मांगों के लिए हर वक्त खड़ा मिलूंगा : डॉ. सिवाच
मैं सरपंचों की जायज मांगों के लिए हर वक्त खड़ा मिलूंगा। मैंने हर मंच से किसानों व सरपंचों के हक की बात कही है। जनता ने अपना वोट देकर गांव के विकास के लिए उन्हें चुना है। समस्या यह है कि ज्यादातर प्रतिनिधि समाजसेवा के बजाय मेवा खाने में रुचि रखते हैं। अगर कहीं सरपंचों को लगता है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है तो वे अपनी मांगों को लेकर पंचायत मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर इसका निदान करवाने का प्रयास करें।
-डॉ. वीरेंद्र सिवाच, प्रदेश संयोजक, जजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ