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Fatehabad News: रोडवेज में बसों को ठीक करने के लिए नहीं हैं पूरे कर्मचारी
Thu, 27 Mar 2025 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 27 Mar 2025 10:49 PM IST
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फतेहाबाद के पुराना बस स्टैंड की वर्कशॉप में खड़ी रोडवेज बसें। संवाद
फतेहाबाद। रोडवेज जिले के नागरिकों को अच्छी परिवहन सेवा देने का दावा कर रहा है। लेकिन जमीनी स्तर पर यह दावे कुछ और ही साबित करते हैं। एक तरफ तो जहां जिले में बसों की संख्या की कमी है, वहीं उनकी देखभाल व मरम्मत करने वाले कर्मचारियों का भी टोटा है।
इस कारण खराब बसें समय पर ठीक नहीं हो पा रही हैं। जिस कारण काफी बार रूट भी प्रभावित होते हैं। फतेहाबाद रोडवेज वर्कशॉप में अब नाममात्र के ही पक्के कर्मचारी रह गए है। वजह वर्ष 1993 के बाद से कार्यशाला के लिए कोई पक्की भर्ती नहीं हुई है। इस दौरान 85 फीसदी से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हाे चुके हैं। रोडवेज के पास अब सिर्फ 15 स्थायी कर्मचारी हैं जो कार्यशाला में आने वाली बसों की देखभाल करते हैं।
आने वाले कुछ सालों के बाद ये कर्मचारी भी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। फिलहाल बसों को ठीक करने का काम साल 2018 में भर्ती हुए ग्रुप डी के कर्मचारी व प्रशिक्षु संभाल रहे हैं। वर्कशॉप में सुबह व रात के समय रूट पर जाने वाली बसों की जांच भी की जाती है, इन बसों की रूटीन जांच करने के लिए भी पूरे कर्मचारी रोडवेज के पास नहीं हैं।
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ग्रुप-डी के 25 कर्मचारी और 50 प्रशिक्षु काम कर रहे
- कार्यशाला में 15 स्थायी कर्मचारियों के अलावा ग्रुप-डी के तहत 25 कर्मचारी काम करते हैं। वहीं हर साल आईटीआई से विभिन्न ट्रेडों के 50 से अधिक प्रशिक्षु यहां पर प्रशिक्षण लेने के लिए आते हैं। मगर कार्यशाला में प्रशिक्षु को प्रशिक्षण देने के लिए कोई भी स्थायी व अनुभवी कर्मचारी नहीं है। कर्मचारियों के अनुसार सरकार को चाहिए था कि इन कर्मियों को किसी प्रकार की ट्रेनिंग देती और कार्यशाला में काम पर लगाती। मगर ऐसा नहीं हुआ। इन्होंने सिर्फ ग्रुप-डी की परीक्षा पास की और उच्च अधिकारियों ने इन्हें यहां पर काम करने के लिए भेज दिया। कमी के चलते स्थायी कर्मचारियों के पास भी सिखाने का समय नहीं बचता है। ऐसे में प्रशिक्षु भी कुछ विशेष नहीं सीख पाते हैं।
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वर्कशाॅप में कर्मचारियों की काफी कमी
- फतेहाबाद की कार्यशाला में इलेक्ट्रीशियन, टायरमैन, गियर बॉक्स ठीक करने, इंजन संबंधित काम करने के लिए सिर्फ एक-एक ही स्थायी कर्मचारी है। उनके पास तीन से चार प्रशिक्षु भी हैं जो उनकी सहायता करते हैं। रोडवेज के पास जो बीएस 6 और मिनी बसें हैं उनकी मरम्मत व चेकिंग संबंधित काम कंपनी में होता है।
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विभाग के पास नियम अनुसार न तो बसों की संख्या है और न ही कर्मचारी हैं। काफी लंबे समय से वर्कशॉप में कोई भर्ती नहीं हुई है। जिस कारण काम में काफी दिक्कत होती है। सरकार को रोडवेज के बेड़े में बसों व कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी चाहिए।
- अनिल खटक, प्रधान, हरियाणा रोडवेज जागृति मंच, फतेहाबाद डिपो।
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रोडवेज की तरफ से वर्कशॉप के लिए कर्मचारियों की डिमांड समय-समय पर मुख्यालय को भेजी जा रही है। उम्मीद है जल्द समाधान होगा।
- अजय दलाल, महाप्रबंधक, रोडवेज फतेहाबाद।
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इस कारण खराब बसें समय पर ठीक नहीं हो पा रही हैं। जिस कारण काफी बार रूट भी प्रभावित होते हैं। फतेहाबाद रोडवेज वर्कशॉप में अब नाममात्र के ही पक्के कर्मचारी रह गए है। वजह वर्ष 1993 के बाद से कार्यशाला के लिए कोई पक्की भर्ती नहीं हुई है। इस दौरान 85 फीसदी से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हाे चुके हैं। रोडवेज के पास अब सिर्फ 15 स्थायी कर्मचारी हैं जो कार्यशाला में आने वाली बसों की देखभाल करते हैं।
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आने वाले कुछ सालों के बाद ये कर्मचारी भी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। फिलहाल बसों को ठीक करने का काम साल 2018 में भर्ती हुए ग्रुप डी के कर्मचारी व प्रशिक्षु संभाल रहे हैं। वर्कशॉप में सुबह व रात के समय रूट पर जाने वाली बसों की जांच भी की जाती है, इन बसों की रूटीन जांच करने के लिए भी पूरे कर्मचारी रोडवेज के पास नहीं हैं।
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ग्रुप-डी के 25 कर्मचारी और 50 प्रशिक्षु काम कर रहे
- कार्यशाला में 15 स्थायी कर्मचारियों के अलावा ग्रुप-डी के तहत 25 कर्मचारी काम करते हैं। वहीं हर साल आईटीआई से विभिन्न ट्रेडों के 50 से अधिक प्रशिक्षु यहां पर प्रशिक्षण लेने के लिए आते हैं। मगर कार्यशाला में प्रशिक्षु को प्रशिक्षण देने के लिए कोई भी स्थायी व अनुभवी कर्मचारी नहीं है। कर्मचारियों के अनुसार सरकार को चाहिए था कि इन कर्मियों को किसी प्रकार की ट्रेनिंग देती और कार्यशाला में काम पर लगाती। मगर ऐसा नहीं हुआ। इन्होंने सिर्फ ग्रुप-डी की परीक्षा पास की और उच्च अधिकारियों ने इन्हें यहां पर काम करने के लिए भेज दिया। कमी के चलते स्थायी कर्मचारियों के पास भी सिखाने का समय नहीं बचता है। ऐसे में प्रशिक्षु भी कुछ विशेष नहीं सीख पाते हैं।
वर्कशाॅप में कर्मचारियों की काफी कमी
- फतेहाबाद की कार्यशाला में इलेक्ट्रीशियन, टायरमैन, गियर बॉक्स ठीक करने, इंजन संबंधित काम करने के लिए सिर्फ एक-एक ही स्थायी कर्मचारी है। उनके पास तीन से चार प्रशिक्षु भी हैं जो उनकी सहायता करते हैं। रोडवेज के पास जो बीएस 6 और मिनी बसें हैं उनकी मरम्मत व चेकिंग संबंधित काम कंपनी में होता है।
विभाग के पास नियम अनुसार न तो बसों की संख्या है और न ही कर्मचारी हैं। काफी लंबे समय से वर्कशॉप में कोई भर्ती नहीं हुई है। जिस कारण काम में काफी दिक्कत होती है। सरकार को रोडवेज के बेड़े में बसों व कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी चाहिए।
- अनिल खटक, प्रधान, हरियाणा रोडवेज जागृति मंच, फतेहाबाद डिपो।
रोडवेज की तरफ से वर्कशॉप के लिए कर्मचारियों की डिमांड समय-समय पर मुख्यालय को भेजी जा रही है। उम्मीद है जल्द समाधान होगा।
- अजय दलाल, महाप्रबंधक, रोडवेज फतेहाबाद।