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अंतिम तिथि से तीन दिन पहले रोका पंजीकरण, रोडवेज परिसर में युवाओं ने किया हंगामा
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फतेहाबाद। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के पोर्टल पर पंजीकरण करवाने को लेकर मंगलवार को आवेदकों ने रोडवेज परिसर में हंगामा किया। दरअसल, सोमवार को आवेदन लिए गए थे। मगर मंगलवार को जब सुबह आवेदक पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि मुख्यालय से आवेदन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। इसके बाद जिले के दूर-दराज गांवों और पड़ोसी जिलों से आए आवेदकों ने रोष जताना शुरू कर दिया।
युवाओं ने कहा कि उनके साथ रोजगार के नाम पर खिलवाड़ किया गया है। प्रत्येक युवा को आवेदन करने के दौरान ही 1500 से दो हजार रुपये खर्च करने पड़े हैं। आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 21 अप्रैल बताई गई थी। मगर बस स्टैंड पहुंचते ही उन्हें तीन दिन पहले ही पंजीकरण प्रक्रिया बंद करने की बात कह दी गई। दरअसल, रोडवेज विभाग की ओर से तीन साल पुराना हैवी लाइसेंस रखने वाले बेरोजगार युवाओं से हरियाणा कौशल रोजगार निगम के पोर्टल पर पंजीकरण की शुरुआत की गई थी। विभाग की मंशा यह थी कि जब भी रोडवेज कर्मचारी यूनियनें हड़ताल पर जाएंगी तो इन पंजीकृत युवाओं को बुलाकर बसों का परिचालन करवाया जाएगा।
पंजीकरण को भर्ती समझ बैठे युवा
स्थिति इसलिए भी बिगड़ी क्योंकि युवा पंजीकरण को ही रोडवेज में भर्ती समझ बैठे। अधिकांश युवाओं का कहना था कि वह रोडवेज में नौकरियों की सूचना पाकर फार्म जमा करवाने आए हैं। इसके लिए आंखों की मेडिकल जांच रिपोर्ट भी मांगी गई थी। यह मेडिकल रिपोर्ट लेने के लिए नागरिक अस्पताल में भी युवाओं की भीड़ उमड़ी रही। भूना, टोहाना, जाखल, धारसूल से आए युवाओं ने बताया कि रोडवेज में नौकरियों की सूचना पाकर आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं ने तैयारी शुरू कर दी। उन्हें लगा कि अब उनका रोजगार पाने का सपना पूरा हो सकेगा। मगर पंजीकरण की अंतिम तिथि से तीन दिन पहले ही पंजीकरण प्रक्रिया रोकने से उनके मन में सरकार व विभाग के प्रति शंका बढ़ी है।
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यूनियन नेताओं ने भी लगाए आरोप
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने आरोप लगाए कि सरकार भोले-भाले युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर खिलवाड़ कर रही है। रोडवेज यूनियन के कमिश्नरी प्रभारी राजू बिश्नोई ने कहा कि सरकार को रोडवेज में स्थायी भर्ती करनी चाहिए। सरकार 10 हजार नई बसों को लेकर आए। इससे 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा और आम जनता को बेहतर परिवहन सुविधा मिल पाएगी। मगर सरकार युवाओं से पंजीकरण के नाम पर भद्दा मजाक कर रही है।
कोट
रोडवेज विभाग द्वारा कोई नौकरी नहीं निकाली गई है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के पोर्टल पर तीन साल पुराना हैवी लाइसेंस रखने वालों का पंजीकरण किया गया है ताकि भविष्य में जब भी जरूरत हो, इनको प्राथमिकता दी जा सके। पंजीकरण प्रक्रिया को रोकने के लिए भी मुख्यालय से ही आदेश आए हैं।
-शेर सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज
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युवाओं ने कहा कि उनके साथ रोजगार के नाम पर खिलवाड़ किया गया है। प्रत्येक युवा को आवेदन करने के दौरान ही 1500 से दो हजार रुपये खर्च करने पड़े हैं। आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 21 अप्रैल बताई गई थी। मगर बस स्टैंड पहुंचते ही उन्हें तीन दिन पहले ही पंजीकरण प्रक्रिया बंद करने की बात कह दी गई। दरअसल, रोडवेज विभाग की ओर से तीन साल पुराना हैवी लाइसेंस रखने वाले बेरोजगार युवाओं से हरियाणा कौशल रोजगार निगम के पोर्टल पर पंजीकरण की शुरुआत की गई थी। विभाग की मंशा यह थी कि जब भी रोडवेज कर्मचारी यूनियनें हड़ताल पर जाएंगी तो इन पंजीकृत युवाओं को बुलाकर बसों का परिचालन करवाया जाएगा।
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पंजीकरण को भर्ती समझ बैठे युवा
स्थिति इसलिए भी बिगड़ी क्योंकि युवा पंजीकरण को ही रोडवेज में भर्ती समझ बैठे। अधिकांश युवाओं का कहना था कि वह रोडवेज में नौकरियों की सूचना पाकर फार्म जमा करवाने आए हैं। इसके लिए आंखों की मेडिकल जांच रिपोर्ट भी मांगी गई थी। यह मेडिकल रिपोर्ट लेने के लिए नागरिक अस्पताल में भी युवाओं की भीड़ उमड़ी रही। भूना, टोहाना, जाखल, धारसूल से आए युवाओं ने बताया कि रोडवेज में नौकरियों की सूचना पाकर आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं ने तैयारी शुरू कर दी। उन्हें लगा कि अब उनका रोजगार पाने का सपना पूरा हो सकेगा। मगर पंजीकरण की अंतिम तिथि से तीन दिन पहले ही पंजीकरण प्रक्रिया रोकने से उनके मन में सरकार व विभाग के प्रति शंका बढ़ी है।
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यूनियन नेताओं ने भी लगाए आरोप
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने आरोप लगाए कि सरकार भोले-भाले युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर खिलवाड़ कर रही है। रोडवेज यूनियन के कमिश्नरी प्रभारी राजू बिश्नोई ने कहा कि सरकार को रोडवेज में स्थायी भर्ती करनी चाहिए। सरकार 10 हजार नई बसों को लेकर आए। इससे 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा और आम जनता को बेहतर परिवहन सुविधा मिल पाएगी। मगर सरकार युवाओं से पंजीकरण के नाम पर भद्दा मजाक कर रही है।
कोट
रोडवेज विभाग द्वारा कोई नौकरी नहीं निकाली गई है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के पोर्टल पर तीन साल पुराना हैवी लाइसेंस रखने वालों का पंजीकरण किया गया है ताकि भविष्य में जब भी जरूरत हो, इनको प्राथमिकता दी जा सके। पंजीकरण प्रक्रिया को रोकने के लिए भी मुख्यालय से ही आदेश आए हैं।
-शेर सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज