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दवाई के लिए तौबा रे तौबा, सात दिन से रैबीज का इंजेक्शन खत्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 31 Aug 2022 10:57 PM IST
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Refuse for medicine, rabies injection ends from seven days
नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए लाइन में लगे मरीज। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में दवाइयों की कमी पूरी नहीं हो रही है। मरीजों को 20 से 30 मिनट गर्मी और उमस में लाइन में इंतजार के बाद आधी-अधूरी या फिर बिना दवाई ही लौटना पड़ रहा है। दवाई को लेकर बुधवार को अस्पताल में पड़ताल की गई। पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल में दवा के लिए हाय तौबा मचा है तो पिछले सात दिनों से रैबीज के इंजेक्शन ही नहीं हैं।
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ये ही नहीं मरीजों को आंखों की दवाई ही नहीं मिल रही है। वायरल का जोर है और बुखार की आधी-अधूरी दवा देकर भेजा जा रहा है। मरीजों को मजबूरी में बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। ये ही नहीं जिले भर के पीएचसी और सीएचसी की बात की जाए तो वहां भी ये ही हालात है। कहीं एंटीबायटिक तो कहीं आयरन तक की दवाइयां नहीं है। ये ही नहीं फार्मेसी ऑफिसर का जिले भर में कमी है। करीब 23 पद खाली पड़े हैं।
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बता दें कि रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मरीज आते हैं। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज भी जिला अस्पताल में आ रहे हैं। पीएचसी में रैबीज के इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन का स्टॉक न होने के चलते लौटना पड़ रहा है और मजबूरी में बाहर से लगवाने पड़े रहे हैं। नागरिक अस्पताल में बीपीएल और आयुष्मान कार्ड धारक को निशुल्क व अन्य को 100 रुपये देने पड़ते हैं। संवाद
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जिले में फार्मेसी ऑफिसर की स्थिति
अस्पताल स्वीकृत पद कार्यरत
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 9 7
नागरिक अस्पताल टोहाना 9 6
नागरिक अस्पताल रतिया 3 2
सीएचसी भट्टूकलां 2 1
सीएचसी जाखल 2 1
सीएचसी भूना 2 0
सीएचसी बड़ोपल 2 2
सीएचसी भूथनकलां 2 1
फील्ड 18 6
12 पीएचसी पर फार्मेसी ऑफिसर भी नहीं
जिले के सरकारी अस्पतालों में फार्मेसी ऑफिसर के 51 पद स्वीकृत है लेकिन 28 ही कार्यरत हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 18 में से 6 ही फार्मेसी ऑफिसर हैं।
आंख तक की नहीं मिल रही दवाएं
कमर में दर्द के लिए दवाई लेने के लिए आई थी, डॉक्टर ने जो दवाई लिखकर दी उसमें एक ही मिली है। बाकी दवाइयों के बारे में कर्मचारी बोले नहीं है हमारे पास और बाहर से ले लो। 30 मिनट लाइन में लगी रही, नंबर आया तो एक पता दवाई का थमा दिया।
-चंदा, नागरिक अस्पताल में दवाई लेने आई महिला
अस्पताल में आंख की जांच करवाने के लिए आई थी। जांच के बाद डॉक्टर ने जो दवाई लिखकर दी, उसके लिए वह कई देर लाइन में खड़ी रही, जब नंबर आया तो कर्मचारी बोले दवाई नहीं है।
-भूरोबाई, नागरिक अस्पताल में दवाई लेने आई महिला
अस्पताल में बुखार की दवाई लेने आई थी। डॉक्टर ने जो दवाई लिखकर दी, उसमें एक ही मिली है और बाकी कह रहे बाहर से लेनी पड़ेगी।
-बीरमत्ति, नागरिक अस्पताल में दवाई लेने आई महिला
कोट
दवाई की कमियां है, फार्मेसी ऑफिसर भी पूरे नहीं
पोर्टल में दिक्कत के कारण अस्पतालोंऱ् में दवाइयों की कमी पूरी नहीं हो रही है। इसके अलावा फार्मेसी ऑफिसर की भी कमी है। एसोसिएशन की तरफ से इन दिक्कतों को दूर करने की मांग की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि पोर्टल में जो दिक्कत है उसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, आने वाले दिनों में दिक्कत खत्म हो सकती है और डिमांड पूरी हो जाएगी।
-कृष्ण बिश्रोई, जिला प्रधान, एसोसिएशन गर्वमेंट फार्मेसी ऑफिसर
आज अस्पताल में पहुंच जाएंगे रैबीज इंजेक्शन
मेरे संज्ञान में रैबीज इंजेक्शन को लेकर मामला आया था, इसके बाद मैंने तुरंत आदेश दे दिए थे कि बाहर से नियम अनुसार परचेज कर लिए जाए। अस्पताल में मरीज को रैबीज इंजेक्शन को लेकर दिक्कत नहीं आने देंगे। वीरवार को अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन पहुंच जाएंगे। अस्पताल में दवाइयों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

-राजेश चौधरी, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
कोट
दवाई को लेकर दिक्कत आ रही है, फिर भी व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यालय स्तर पर भी इसको लेकर प्रयास जारी है। रैबीज इंजेक्शन न होने का मामला अभी संज्ञान में आया है। इसकी व्यवस्था करवाई जाएगी।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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