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दिव्यांग मेडिकल प्रमाणपत्र कैंप की जगह बदली पर नहीं सुधरी व्यवस्था

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 11:18 PM IST
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Place of divyang medical certificate camp changed but system has not improved
फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में व्हील चेयर न मिलने से परेशान होता हुआ दिव्यांग। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। दिव्यांग मेडिकल प्रमाण पत्र को लेकर नागरिक अस्पताल में बुधवार को कैंप लगाया गया। कैंप को लेकर इस बार नागरिक अस्पताल प्रशासन ने जगह बदल दी। पिछले सप्ताह कैंप ओपीडी कमरा नंबर 14 में लगाया गया था लेकिन इस बार कैंप ओपीडी कमरा नंबर 22 के बाहर लगाया गया। कैंप को लेकर जगह बदली गई लेकिन व्यवस्था ज्यों की त्यों रही। कैंप में 60 दिव्यांगों के प्रमाणपत्र बनाए गए।
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कमरा नंबर 22 के बाहर दिव्यांगों को बिठाया गया लेकिन यहां पर पंखे की व्यवस्था नहीं की गई। गर्मी व उमस के कारण परेशानी हुई। शेड के नीचे एक पंखा लगा था जो कि बंद रहा। कैंप में डॉक्टरों के बाहर से आने के कारण देरी से जांच शुरू हो पाई। मेडिकल कैंप में कुर्सियों की व्यवस्था कम रही। इसके चलते परेशानी हुई। कई दिव्यांग जमीन पर बैठकर बारी का इंतजार करते रहे तो कुछ पानी की टंकी पर बैठकर नंबर आने का इंतजार करते रहे। इसके अलावा दिव्यांग के लिए व्हील चेयर भी कम रहे। अधिकतर दिव्यांग को जमीन पर हाथों के सहारे चलना पड़ा।
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परेशानियों से खफा दिव्यांगों ने दिया धरना
विकलांग अधिकार मंच जिला कमेटी फतेहाबाद द्वारा दिव्यांगों के मेडिकल प्रमाण पत्र व युडीआईडी कार्ड बनवाने में आ रही परेशानियों को लेकर 27 जुलाई से नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में शुरू किया गया अनिश्चितकाल धरना बुधवार को भी जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जांडली की अध्यक्षता में जारी रहा। धरना प्रदर्शन में जिला फतेहाबाद के विभिन्न गांवों से दिव्यांगों ने भाग लिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारे बाजी की। उन्होंने सरकार व प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्याओं को समाधान नहीं होता तब तक यह धरना प्रदर्शन प्रत्येक बुधवार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन को दिव्यांगों की समस्याओं को लेकर कई बार अवगत करवाने के बावजूद भी सरकार व प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया है गया जिससे आहत हो कर सडकों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि बहुत से दिव्यांगों का गुजर बसर मात्र अढ़ाई हजार रुपये प्रति माह मिलने वाली पैंशन से ही होता है परन्तु सौ प्रतिशत दिव्यांग की पत्नी को मिलने वाली निराश्रित पेंशन पिछले आठ महीने से बंद होने के कारण दिव्यांगों को आर्थिक व मानसिक तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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कोट
बुधवार को कैंप में करीब 60 दिव्यांगों को प्रमाण पत्र जारी किए गए है। विभाग की तरफ से जो व्यवस्था हो सकती है वह की गई है। सरकार की तरफ से गाइडलाइन आई है कि तीन साल पहले के जिन लोगों के मेडिकल बने है उन्हें दोबारा से बनाना है। जांच के दौरान जो प्रतिशत सामने आ रही है उस हिसाब से जारी किया जा रहा है।
-डॉ. वीना बत्रा, उप सिविल सर्जन

नागरिक अस्पताल में बैठने की जगह न मिलने पर टंकी पर बैठे हुए लोग।

नागरिक अस्पताल में बैठने की जगह न मिलने पर टंकी पर बैठे हुए लोग।- फोटो : Fatehabad

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