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Fatehabad News: डिस्पेंसरी पर फार्मेसी ऑफिसर को रखनी होगी निगरानी, प्रशिक्षु नहीं दे पाएंगे दवा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 Feb 2026 10:58 PM IST
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Pharmacy officers will have to monitor the dispensary, trainees will not be able to dispense medicines
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दवाई के लिए लगी मरीजों की लाइन संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी से मरीजों को दवाई देने में कोताही बरतने पर सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने संबंधित फार्मेसी ऑफिसरों को नोटिस जारी किए हैं। इसमें निर्देश दिए गए है कि फार्मेसी ऑफिसर मरीज को दवाई देते समय निगरानी रखें। प्रशिक्षु मरीजों को दवाई नहीं दे पाएंगे।
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अधिकारियों के पास डॉक्टरों की तरफ से ही शिकायतें पहुंच रही थी कि मरीजों को पर्ची अनुसार दवाई न देकर ज्यादा मात्रा में दी जा रही है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 1200 से 1500 मरीज दवाई लेने के लिए आते हैं लेकिन हालात ये है कि डिस्पेंसरी में एक ही फार्मेसी ऑफिसर है जबकि यहां पर 10 पद स्वीकृत हैं। हालात ये है कि अस्पताल में कार्यरत चार फार्मेसी ऑफिसर में एक की ड्यूटी यहां पर है और तीन की अन्य कामों पर लगाई हुई है।
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अस्पताल में दवाइयों का भी टोटा, 39 पद खाली

नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में इन दिनों तेजाब बनने से रोकने के कैप्सूल खत्म है। यहां तक कि ब्लड प्रेशर (बीपी) कंट्रोल की दवाई भी डिस्पेंसरी में नहीं है। हालात यह है कि मरीजों को बाहर से दवा लेनी पड़ रही है। वहीं जिले भर में फार्मेसी ऑफिसर के 60 में से 39 पद खाली हैं। यहां पर मात्र 21 ही कार्यरत हैं। स्टाफ की कमी से नागरिक अस्पताल में मरीजों को 30 से 40 मिनट तक दवा लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यहां पर रोजाना दवा लेने के लिए धक्का-मुक्की तक के हालात हो रहे हैं।
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जन औषधि केंद्र आठ माह से बंद

नागरिक अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए शुरू किया गया प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पिछले आठ माह से बंद है। मरीजों के लिए खरीदी गई दवाइयों की मियाद तक खत्म हो चुकी है। कक्ष का मरम्मत कार्य पूरा न होने के कारण केंद्र बंद पड़ा है।


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जिले में फार्मेसी ऑफिसर के पद खाली पड़े है। सरकार भर्ती नहीं कर रही है। एसोसिएशन इस बारे में कई बार मांग कर चुकी है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। खाली पदों के कारण कर्मचारियों पर वर्क लोड बढ़ रहा है। फार्मेसी ऑफिसर को अन्य काम भी सौंप दिए जाते हैं।

- कृष्ण बिश्नोई, जिला प्रधान, फार्मेसी एसोसिएशन
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