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Fatehabad News: आवंटित किए 57 पात्र में से 56 मिले सही
Wed, 29 Jan 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 29 Jan 2025 11:24 PM IST
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रतिया के गांव जल्लोपुर में मुख्यमंत्री आवास योजना में घपलेबाजी के मामले का सर्वे करते हुए टीम क
- फोटो : बावन स्थित प्रसिद्ध बाबा आदिनाथ मंदिर।
संवाद न्यूज एजेंसी
रतिया। गांव जल्लोपुर में मुख्यमंत्री आवास योजना में ग्रामीणों द्वारा घपलेबाजी करने के आरोप लगाए जाने के बाद बुधवार को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विकास कुमार की टीम ने गांव में सर्वे किया। टीम ने सर्वे की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
टीम ने अपने सर्वे में आवंटित किए गए सभी 57 पात्र में से 56 को सही पाया है। वहीं उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जांच के दौरान गांव में और भी पात्र मिले हैं। उन्होंने पोर्टल के अंतिम समय तक आवेदन नहीं किया था। जिसके चलते वे इस योजना से वंचित रह गए। बीडीपीओ ने सीईओ को भेजी रिपोर्ट में प्लॉट आवंटित करने ओर सर्वे करने वाली टीम की रिपोर्ट भेजने के साथ ही अन्य पात्र लोगों को प्लॉट उपलब्ध करवाने के लिए सीईओ व जिला प्रशासन के माध्यम से पोर्टल खोलने के लिए भी पत्र में जिक्र किया है।
नागपुर के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विकास लांग्यान ने बताया कि एसडीएम व सीईओ के निर्देशों पर उनके नेतृत्व में गठित की गई टीम ने गांव जल्लोपुर में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों का दोबारा सर्वे किया। इस बार घर-घर जाकर पात्र लोगों के बारे में जानकारी ली गई।
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सर्वे में प्लॉट आवंटित किए गए 57 पात्र लोगों में से 56 बिल्कुल ठीक पाए गए हैं, जबकि एक पात्र में यह बात सामने आई थी कि एक पिता के तीन बेटे हैं जो की अलग-अलग रह रहे हैं और उनकी फैमिली आईडी भी अलग बनी हुई है। जिसकी अभी जांच की जा रही है। उसे जांच रिपोर्ट में नहीं भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जो पत्र आया है उसके अनुसार गांव में 89 लोगों को प्लाॅट दिए जाने थे। जिसके तहत लगभग 100 लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया था। टीम द्वारा पूरी जांच पड़ताल करने के बाद ही 57 लोगों को प्लाट आवंटित किए गए थे। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विकास लांग्यान ने बताया कि हालांकि कुछ लोग प्लॉट से वंचित रह गए हैं। इसका कारण यह रहा कि उनके द्वारा पिछले साल प्लॉट के लिए पोर्टल पर आवेदन नहीं किया गया था। ऐसे में वे अपनी रिपोर्ट में सीईओ जिला प्रशासन के माध्यम से यह भी डिमांड भेजेंगे की पात्रों को लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पोर्टल को पुन: खोला जाए।
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रतिया। गांव जल्लोपुर में मुख्यमंत्री आवास योजना में ग्रामीणों द्वारा घपलेबाजी करने के आरोप लगाए जाने के बाद बुधवार को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विकास कुमार की टीम ने गांव में सर्वे किया। टीम ने सर्वे की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
टीम ने अपने सर्वे में आवंटित किए गए सभी 57 पात्र में से 56 को सही पाया है। वहीं उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जांच के दौरान गांव में और भी पात्र मिले हैं। उन्होंने पोर्टल के अंतिम समय तक आवेदन नहीं किया था। जिसके चलते वे इस योजना से वंचित रह गए। बीडीपीओ ने सीईओ को भेजी रिपोर्ट में प्लॉट आवंटित करने ओर सर्वे करने वाली टीम की रिपोर्ट भेजने के साथ ही अन्य पात्र लोगों को प्लॉट उपलब्ध करवाने के लिए सीईओ व जिला प्रशासन के माध्यम से पोर्टल खोलने के लिए भी पत्र में जिक्र किया है।
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नागपुर के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विकास लांग्यान ने बताया कि एसडीएम व सीईओ के निर्देशों पर उनके नेतृत्व में गठित की गई टीम ने गांव जल्लोपुर में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों का दोबारा सर्वे किया। इस बार घर-घर जाकर पात्र लोगों के बारे में जानकारी ली गई।
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सर्वे में प्लॉट आवंटित किए गए 57 पात्र लोगों में से 56 बिल्कुल ठीक पाए गए हैं, जबकि एक पात्र में यह बात सामने आई थी कि एक पिता के तीन बेटे हैं जो की अलग-अलग रह रहे हैं और उनकी फैमिली आईडी भी अलग बनी हुई है। जिसकी अभी जांच की जा रही है। उसे जांच रिपोर्ट में नहीं भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जो पत्र आया है उसके अनुसार गांव में 89 लोगों को प्लाॅट दिए जाने थे। जिसके तहत लगभग 100 लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया था। टीम द्वारा पूरी जांच पड़ताल करने के बाद ही 57 लोगों को प्लाट आवंटित किए गए थे। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विकास लांग्यान ने बताया कि हालांकि कुछ लोग प्लॉट से वंचित रह गए हैं। इसका कारण यह रहा कि उनके द्वारा पिछले साल प्लॉट के लिए पोर्टल पर आवेदन नहीं किया गया था। ऐसे में वे अपनी रिपोर्ट में सीईओ जिला प्रशासन के माध्यम से यह भी डिमांड भेजेंगे की पात्रों को लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पोर्टल को पुन: खोला जाए।