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Fatehabad News: ओटीपी बिना नक्शे नहीं हो रहे पास, पुलिस नहीं काट पा रही चालान, आयुष्मान भी हुआ मुश्किल
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फतेहाबाद के सीएससी पर ओटीपी का इंतजार करते हुए लोग
फतेहाबाद। किसान आंदोलन के चलते इंटरनेट और मैसेज क्या बंद किए गए आम से लेकर खास व्यक्ति तक के काम प्रभावित हो गए हैं। मोबाइल पर ओटीपी न मिलने के कारण 9 दिनों से बिल्डिंग के नक्शे पास नहीं हो रहे हैं। रोजाना नगर परिषद कार्यालय में तीन से चार फाइलें आती हैं। ये ही नहीं इंटरनेट न चलने से पुलिस ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी नहीं काट पा रही है। यहां तक आयुष्मान के तहत उपचार करवाने के लिए लाभार्थी भी परेशान हैं। निजी अस्पतालों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है और इसके लिए अस्पतालों को मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करवाना होता है। इसके बाद मुख्यालय उपचार के लिए परमिशन देता है।
लेकिन कई पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में आयुष्मान के तहत उपचार भी ओटीपी पेंच फंसा हुआ है। हालांकि कई अस्पतालों परेशानी के चलते बीएसएनएल की सिम ली है। बीएसएनएल पर ओटीपी जारी हो रहे हैं। नगर परिषद की बिल्डिंग ब्रांच में ओटीपी बिन नक्शे के काम भी प्रभावित है। भवन का नक्शा पास करवाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया जाता है। लेकिन इसके लिए ओटीपी जरूरी है। लेकिन ओटीपी के बिना फाइल आगे नहीं खिसक रही है। अगर किसी ने पहले ऑनलाइन आवेदन कर रखा है तो अधिकारियों के मोबाइल पर ओटीपी न आने से वह पास नहीं कर पा रहे हैं। संवाद
हर माह 25 लाख के चालान, अब 9 दिन से बंद
ट्रैफिक पुलिस द्वारा हर माह करीब 25 लाख रुपये का चालान काटे जाते है। पुलिस ऑनलाइन चालान काटती है। लेकिन अब 9 दिन से ट्रैफिक पुलिस चालान नहीं काट पा रही है। पुलिस द्वारा मशीन के जरिए ऑनलाइन चालान काटा जाता है। लेकिन नेट न चलने के कारण मशीनें काम नहीं कर रही है। हर माह करीब पुलिस 3500 से 4000 चालान काटती है। ट्रैफिक पुलिस के एसआई हेतराम का कहना है कि नेट न चलने के चलते चालान नहीं काट रहे है लेकिन जागरूक जरूर किया जा रहा है।
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निजी अस्पताल खरीद रहे बीएसएनएल सिम
आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में उपचार के लिए भी मरीज परेशान हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज का उपचार शुरू करने से पहले अस्पताल को मुख्यालय में मेल भेजकर परमिशन लेनी होती है। इसके लिए अस्पताल को ओटीपी देना होता है। लेकिन ओटीपी न मिलने के चलते परेशानी आ रही है। हालात ये है कि निजी अस्पताल ओटीपी के लिए बीएसएनएल की सिम खरीद रहे हैं। बीएसएनएल की सिम पर ओटीपी जारी हो रहा है।
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लेकिन कई पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में आयुष्मान के तहत उपचार भी ओटीपी पेंच फंसा हुआ है। हालांकि कई अस्पतालों परेशानी के चलते बीएसएनएल की सिम ली है। बीएसएनएल पर ओटीपी जारी हो रहे हैं। नगर परिषद की बिल्डिंग ब्रांच में ओटीपी बिन नक्शे के काम भी प्रभावित है। भवन का नक्शा पास करवाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया जाता है। लेकिन इसके लिए ओटीपी जरूरी है। लेकिन ओटीपी के बिना फाइल आगे नहीं खिसक रही है। अगर किसी ने पहले ऑनलाइन आवेदन कर रखा है तो अधिकारियों के मोबाइल पर ओटीपी न आने से वह पास नहीं कर पा रहे हैं। संवाद
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हर माह 25 लाख के चालान, अब 9 दिन से बंद
ट्रैफिक पुलिस द्वारा हर माह करीब 25 लाख रुपये का चालान काटे जाते है। पुलिस ऑनलाइन चालान काटती है। लेकिन अब 9 दिन से ट्रैफिक पुलिस चालान नहीं काट पा रही है। पुलिस द्वारा मशीन के जरिए ऑनलाइन चालान काटा जाता है। लेकिन नेट न चलने के कारण मशीनें काम नहीं कर रही है। हर माह करीब पुलिस 3500 से 4000 चालान काटती है। ट्रैफिक पुलिस के एसआई हेतराम का कहना है कि नेट न चलने के चलते चालान नहीं काट रहे है लेकिन जागरूक जरूर किया जा रहा है।
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निजी अस्पताल खरीद रहे बीएसएनएल सिम
आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में उपचार के लिए भी मरीज परेशान हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज का उपचार शुरू करने से पहले अस्पताल को मुख्यालय में मेल भेजकर परमिशन लेनी होती है। इसके लिए अस्पताल को ओटीपी देना होता है। लेकिन ओटीपी न मिलने के चलते परेशानी आ रही है। हालात ये है कि निजी अस्पताल ओटीपी के लिए बीएसएनएल की सिम खरीद रहे हैं। बीएसएनएल की सिम पर ओटीपी जारी हो रहा है।