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Fatehabad News: पुरानी कॉलोनी हुई असुरक्षित, डॉक्टरों कर्मियों के सिर से उठेगी सरकारी छत
Tue, 27 Oct 2026 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 27 Oct 2026 11:22 PM IST
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फतेहाबाद में नागरिक अस्पताल के साथ बनी आवासीय कॉलोनी संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल के साथ बनी करीब 43 साल पुरानी रिहायशी कॉलोनी जर्जर घोषित होने के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को कोठियां व क्वार्टर खाली करने के नोटिस दिए गए हैं। ऐसे में उन्हें परिवार सहित किराये के मकानों में रहने की व्यवस्था करनी होगी।
नए भवन बनने तक सरकारी आवास मिलने की उम्मीद नहीं है। वर्ष 1983 में नागरिक अस्पताल के साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए रिहायशी कॉलोनी बनाई गई थी। समय के साथ भवनों की हालत खराब होती चली गई। अब इन्हें जर्जर घोषित कर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इससे लंबे समय से सरकारी आवासों में रह रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। डॉक्टरों को सरकारी कोठियां और स्वास्थ्यकर्मियों को क्वार्टर मिलने के लिए नए भवनों का निर्माण होना जरूरी है।
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सेक्टर-10 में निर्माणाधीन अस्पताल की डेडलाइन मार्च 2027 तक बढ़ा दी गई है। ऐसे में नए भवन तैयार होने तक कर्मचारियों को वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी होगी। किराये के मकानों में रहने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ेगा। संवाद
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ये भवन जर्जर घोषित हुए
लोक निर्माण विभाग ने सिविल सर्जन की कोठी, पांच डॉक्टरों की कोठियां और 15 स्वास्थ्यकर्मियों के क्वार्टरों को जर्जर घोषित किया है। कई क्वार्टर जर्जर होने के कारण पहले से खाली हैं।
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83 फीसदी हुआ काम, वर्ष 2027 तक बढ़ी डेडलाइन
सेक्टर-10 में प्रस्तावित 200 बिस्तरों के नागरिक अस्पताल का निर्माण भी अभी पूरा नहीं हुआ है। 83 फीसदी ही काम पूरा हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ कर्मचारियों के लिए आवास की उपलब्धता भी चुनौती बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग ने अस्पताल के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2027 तक का समय मांगा है। ऐसे में नए अस्पताल और रिहायशी भवनों के तैयार होने तक डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को वैकल्पिक आवास की व्यवस्था खुद करनी पड़ सकती है।
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लोक निर्माण विभाग की तरफ से कोठियों और क्वार्टरों को जर्जर घोषित किया है। संबंधित को खाली करने का नोटिस दे दिया गया है।
- डॉ. सुभाष, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
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नए भवन बनने तक सरकारी आवास मिलने की उम्मीद नहीं है। वर्ष 1983 में नागरिक अस्पताल के साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए रिहायशी कॉलोनी बनाई गई थी। समय के साथ भवनों की हालत खराब होती चली गई। अब इन्हें जर्जर घोषित कर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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इससे लंबे समय से सरकारी आवासों में रह रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। डॉक्टरों को सरकारी कोठियां और स्वास्थ्यकर्मियों को क्वार्टर मिलने के लिए नए भवनों का निर्माण होना जरूरी है।
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सेक्टर-10 में निर्माणाधीन अस्पताल की डेडलाइन मार्च 2027 तक बढ़ा दी गई है। ऐसे में नए भवन तैयार होने तक कर्मचारियों को वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी होगी। किराये के मकानों में रहने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ेगा। संवाद
ये भवन जर्जर घोषित हुए
लोक निर्माण विभाग ने सिविल सर्जन की कोठी, पांच डॉक्टरों की कोठियां और 15 स्वास्थ्यकर्मियों के क्वार्टरों को जर्जर घोषित किया है। कई क्वार्टर जर्जर होने के कारण पहले से खाली हैं।
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83 फीसदी हुआ काम, वर्ष 2027 तक बढ़ी डेडलाइन
सेक्टर-10 में प्रस्तावित 200 बिस्तरों के नागरिक अस्पताल का निर्माण भी अभी पूरा नहीं हुआ है। 83 फीसदी ही काम पूरा हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ कर्मचारियों के लिए आवास की उपलब्धता भी चुनौती बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग ने अस्पताल के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2027 तक का समय मांगा है। ऐसे में नए अस्पताल और रिहायशी भवनों के तैयार होने तक डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को वैकल्पिक आवास की व्यवस्था खुद करनी पड़ सकती है।
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लोक निर्माण विभाग की तरफ से कोठियों और क्वार्टरों को जर्जर घोषित किया है। संबंधित को खाली करने का नोटिस दे दिया गया है।
- डॉ. सुभाष, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी