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Fatehabad News: चेयरपर्सन नहीं, अधिकारी रहे निशाने पर
Fri, 21 Nov 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 21 Nov 2025 11:43 PM IST
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जिला परिषद की विशेष बैठक में मौजूद पार्षद। संवाद
फतेहाबाद। आखिरकार छह माह के लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार को जिला परिषद की बैठक आयोजित भी हुई और बाकायदा एजेंडे पर चर्चा भी हुई। माना जा रहा था कि छह माह पहले चेयरपर्सन सुमन खिचड़ के खिलाफ अविश्वास जताने वाले पार्षद इस बैठक में हंगामा करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
इस बैठक में विपक्षी पार्षद भी शामिल हुए लेकिन इस बार उनका निशाना चेयरपर्सन न होकर अधिकारी रहे। बैठक में 18 में से 15 पार्षद पहुंचे। इसमें रतिया विधायक जरनैल सिंह सहित कई ब्लॉक समिति चेयरमैन भी पहुंचे। बैठक में चेयरपर्सन सुमन ने जिला परिषद के पुराने व नए कामों के बारे में चर्चा की।
इसके अलावा बैठक में यह भी तय किया गया कि अब तक जिला परिषद की ओर से जो भी विकास कार्य हुए हैं, उन पर चेयरपर्सन और पार्षद का नाम अंकित किया जाएगा। बैठक के दौरान चेयरपर्सन सुमन खिचड़ ने प्रस्ताव रखा कि पार्षदों के नाम वाले बोर्ड नए बनाए जाएं, लेकिन पार्षदाें का कहना था कि इससे अच्छा तो विकास कार्यों में ये पैसा खर्च करवा दिया जाए।
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चेयरपर्सन सुमन ने इस बैठक के सफल आयोजन के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा को श्रेय दिया। उन्होंने बैठक के बाद भाजपा जिला कार्यालय में जाकर जोड़ा का आभार भी जताया। गौरतलब है कि छह माह पहले जब विपक्षी पार्षदों ने उनके खिलाफ अविश्वास जताया तो जोड़ा ने ही उनकी कुर्सी बचाने का काम किया था।
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इन मुद्दों पर हुई चर्चा
चेयरपर्सन की ओर से इस बैठक में चर्चा के लिए कुल 8 मुद्दे रखे गए थे। सबसे पहला मुद्दा जिला परिषद के अधीन आने वाली सड़कों पर बात हुई। जिस पर एक्सईन ने बताया कि जिला परिषद के अधीन कुल 223 सड़कें आती हैं, इनमें 55 ऐसी है, जिनकी विशेष मरम्मत होनी थी। इनमें से 41 सड़कों का काम पूरा हो चुका है और बाकी पर काम चल रहा है। कुल 89 सड़कों की वार्षिक मरम्मत हो चुकी हैं 24 सड़कें और हैं, जिनकी वार्षिक मरम्मत होनी है। करीब 15 सड़कें और हैं इनकी भी मरम्मत होनी है। वहीं जिला परिषद की ओर से 18 उप स्वास्थ्य केंद्र पर काम चल रहा है, 10 और नए बनाए जाएंगे। 4 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 2 को मंजूरी मिली है। जिसका काम भी जल्द शुरू करवा देंगे। इसके बाद वार्ड 7 के पार्षद सहित सभी ने कहा कि अधिकारी उनके वार्ड में काम करते है, लेकिन उन्हें न काम के शुरू होने पर कोई सूचना दी जाती है और न ही खत्म होने के बाद। इस पर चेयरपर्सन ने अधिकारियों को कहा कि अधिकारी जिला परिषद के ओर से करवा जाने वाले कामों के बारे में बताने के लिए संबंधित पार्षद बताने के लिए बाध्य है, ये गलती फिर न करें।
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जिले के एक खंड के पांच गांवों से शहरों की तर्ज पर उठेगा कूड़ा
बैठक में गांवों में शहरों की तर्ज पर कूड़ा उठाने के बारे में चर्चा शुरू हुई तो नागपुर ब्लॉक के बीडीपीओ विकास ने बताया कि उनके खंड के कुल पांच गांवों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कूड़े का उठान करेंगी। जिसके तहत उन्होंने नागपुर खंड के गांव नक्टा, ढाणी ढाका, दादूपुर, हुकमावाली व नागपुर गांव के कुछ हिस्से में कूड़ा का उठान करेंगी। इसके लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिलवाया गया है। विधायक जरनैल सिंह ने सुझाव दिया कि प्रत्येक गांव में फिरनी पर लोग कूड़ा डालते हैं, गांव में शहरों की तरह एक कचरा प्वाइंट होना चाहिए, ताकि गांव की फिरनी पर लाेग कूड़ा न डाले।
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ठेकेदार इतना कितना बड़ा हो गया कि वह पार्षद व सरपंच का फोन नहीं उठाता
बैठक के दौरान वार्ड 3 के जिला पार्षद गौरव शर्मा को किसी काम से जाना था तो वह हाउस को अपना समर्थन देकर चले गए। जाते-जाते गौरव शर्मा पूरी जिला परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करके चले गए। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी पार्षद काम पास करवा देते हैं, लेकिन वे काम होते ही नहीं। जिसके बाद न तो हाउस कोई कार्रवाई करता है और न ही अधिकारी, तो हम किसलिए बैठते है। गांव में काम तो जिला परिषद करवाती है, नाम पंचायत का हो जाता है। जिला पार्षद गौरव शर्मा ने आरोप लगाया कि ठेकेदार तो जिला परिषद पार्षदों के फोन तक नहीं उठाते। जबकि उनकी पूरी जिम्मेदारी है कि वो काम के बारे में उनको जानकारी दें। उनकी इस बात का समर्थन चेयरपर्सन ने भी किया।
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इस बैठक में विपक्षी पार्षद भी शामिल हुए लेकिन इस बार उनका निशाना चेयरपर्सन न होकर अधिकारी रहे। बैठक में 18 में से 15 पार्षद पहुंचे। इसमें रतिया विधायक जरनैल सिंह सहित कई ब्लॉक समिति चेयरमैन भी पहुंचे। बैठक में चेयरपर्सन सुमन ने जिला परिषद के पुराने व नए कामों के बारे में चर्चा की।
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इसके अलावा बैठक में यह भी तय किया गया कि अब तक जिला परिषद की ओर से जो भी विकास कार्य हुए हैं, उन पर चेयरपर्सन और पार्षद का नाम अंकित किया जाएगा। बैठक के दौरान चेयरपर्सन सुमन खिचड़ ने प्रस्ताव रखा कि पार्षदों के नाम वाले बोर्ड नए बनाए जाएं, लेकिन पार्षदाें का कहना था कि इससे अच्छा तो विकास कार्यों में ये पैसा खर्च करवा दिया जाए।
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चेयरपर्सन सुमन ने इस बैठक के सफल आयोजन के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा को श्रेय दिया। उन्होंने बैठक के बाद भाजपा जिला कार्यालय में जाकर जोड़ा का आभार भी जताया। गौरतलब है कि छह माह पहले जब विपक्षी पार्षदों ने उनके खिलाफ अविश्वास जताया तो जोड़ा ने ही उनकी कुर्सी बचाने का काम किया था।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
चेयरपर्सन की ओर से इस बैठक में चर्चा के लिए कुल 8 मुद्दे रखे गए थे। सबसे पहला मुद्दा जिला परिषद के अधीन आने वाली सड़कों पर बात हुई। जिस पर एक्सईन ने बताया कि जिला परिषद के अधीन कुल 223 सड़कें आती हैं, इनमें 55 ऐसी है, जिनकी विशेष मरम्मत होनी थी। इनमें से 41 सड़कों का काम पूरा हो चुका है और बाकी पर काम चल रहा है। कुल 89 सड़कों की वार्षिक मरम्मत हो चुकी हैं 24 सड़कें और हैं, जिनकी वार्षिक मरम्मत होनी है। करीब 15 सड़कें और हैं इनकी भी मरम्मत होनी है। वहीं जिला परिषद की ओर से 18 उप स्वास्थ्य केंद्र पर काम चल रहा है, 10 और नए बनाए जाएंगे। 4 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 2 को मंजूरी मिली है। जिसका काम भी जल्द शुरू करवा देंगे। इसके बाद वार्ड 7 के पार्षद सहित सभी ने कहा कि अधिकारी उनके वार्ड में काम करते है, लेकिन उन्हें न काम के शुरू होने पर कोई सूचना दी जाती है और न ही खत्म होने के बाद। इस पर चेयरपर्सन ने अधिकारियों को कहा कि अधिकारी जिला परिषद के ओर से करवा जाने वाले कामों के बारे में बताने के लिए संबंधित पार्षद बताने के लिए बाध्य है, ये गलती फिर न करें।
जिले के एक खंड के पांच गांवों से शहरों की तर्ज पर उठेगा कूड़ा
बैठक में गांवों में शहरों की तर्ज पर कूड़ा उठाने के बारे में चर्चा शुरू हुई तो नागपुर ब्लॉक के बीडीपीओ विकास ने बताया कि उनके खंड के कुल पांच गांवों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कूड़े का उठान करेंगी। जिसके तहत उन्होंने नागपुर खंड के गांव नक्टा, ढाणी ढाका, दादूपुर, हुकमावाली व नागपुर गांव के कुछ हिस्से में कूड़ा का उठान करेंगी। इसके लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिलवाया गया है। विधायक जरनैल सिंह ने सुझाव दिया कि प्रत्येक गांव में फिरनी पर लोग कूड़ा डालते हैं, गांव में शहरों की तरह एक कचरा प्वाइंट होना चाहिए, ताकि गांव की फिरनी पर लाेग कूड़ा न डाले।
ठेकेदार इतना कितना बड़ा हो गया कि वह पार्षद व सरपंच का फोन नहीं उठाता
बैठक के दौरान वार्ड 3 के जिला पार्षद गौरव शर्मा को किसी काम से जाना था तो वह हाउस को अपना समर्थन देकर चले गए। जाते-जाते गौरव शर्मा पूरी जिला परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करके चले गए। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी पार्षद काम पास करवा देते हैं, लेकिन वे काम होते ही नहीं। जिसके बाद न तो हाउस कोई कार्रवाई करता है और न ही अधिकारी, तो हम किसलिए बैठते है। गांव में काम तो जिला परिषद करवाती है, नाम पंचायत का हो जाता है। जिला पार्षद गौरव शर्मा ने आरोप लगाया कि ठेकेदार तो जिला परिषद पार्षदों के फोन तक नहीं उठाते। जबकि उनकी पूरी जिम्मेदारी है कि वो काम के बारे में उनको जानकारी दें। उनकी इस बात का समर्थन चेयरपर्सन ने भी किया।

जिला परिषद की विशेष बैठक में मौजूद पार्षद। संवाद

जिला परिषद की विशेष बैठक में मौजूद पार्षद। संवाद