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Fatehabad News: प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र नहीं, महंगे दाम पर दवा लेना मजबूरी
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। सस्ती दर पर मरीजों को दवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बढ़ाने का दावा किया जा रहा है लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि कोई फार्मासिस्ट केंद्र खोलने को तैयार ही नहीं है। फतेहाबाद में एक भी जन औषधि केंद्र नहीं चल रहा है। पहले दो बार केंद्र खुल चुके हैं लेकिन संचालक लंबे समय तक नहीं चला पाए और बंद कर गए।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र करीब पांच साल पहले नागरिक अस्पताल में खोला गया लेकिन शिकायतों के चलते बंद कर दिया गया, इसके बाद केंद्र अस्पताल के बाहर खुला लेकिन सभी वैरायटी पूरी न हो पाने और सेल कम के चलते बंद कर दिया गया। अब ड्रग कंट्रोलर के पास प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए एक भी आवेदन नहीं है। अधिकारियों की माने तो जन औषधि केंद्र में मिलने वाली दवाएं मार्केट से 70 से 80 फीसदी तक सस्ती होती हैं।
शर्तें ऐसी कि केंद्र चलाना मुश्किल
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को लेकर शर्तें ऐसी है कि उसे चला पाना मुश्किल हो जाता है। जन औषधि केंद्र में दवाएं सरकार की तरफ से ही भेजी जाती है। केंद्र में सूची में शामिल दवाओं के लिए अन्य कंपनियों की दवाएं नहीं रख पाते हैं। निजी अस्पताल संचालक जन औषधि केंद्र की दवाओं को अहमियत नहीं देते हैं और इसके चलते मरीज खरीदने से कतराते हैं। इसके अलावा दवाओं में संचालकों को कम मार्जन के चलते आवेदन नहीं किए जा रहे हैं।
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यहां पीसीएम तक की टैबलेट डिस्पेंसरी में नहीं
नागरिक अस्पताल में दवाओं की पूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। करीब 25 से 30 फीसदी तक दवाओं की कमी है। मरीजों को दवाइयां महंगे दर पर बाहर मेडिकल से खरीदनी पड़ रही है। नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में शुक्रवार को हालात ये रहे कि डिस्पेंसरी में पीसीएम तक की टैबलेट उपलब्ध नहीं थी। कर्मचारियों का कहना है कि शुक्रवार को पीसीएम टैबलेट खत्म हुई है और जल्द स्टॉक आ जाएगा। बता दें कि इन दिनों वायरल बुखार की ओपीडी बढ़ी है, डॉक्टर पीसीएम टैबलेट लेने की सलाह दे रहे हैं।
कोट
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को लेकर यहां पर रुचि कम है। संचालक सूची में शामिल दवाइयां ही रख सकता है। मार्केट की अन्य दवाई नहीं रखी जा सकती है। इस वजह से फार्मासिस्ट जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं। अगर कोई आवेदन करता है तो नियम अनुसार जारी कर दिया जाएगा।
-दिनेश राणा, ड्रग कंट्रोलर फतेहाबाद।
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प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र करीब पांच साल पहले नागरिक अस्पताल में खोला गया लेकिन शिकायतों के चलते बंद कर दिया गया, इसके बाद केंद्र अस्पताल के बाहर खुला लेकिन सभी वैरायटी पूरी न हो पाने और सेल कम के चलते बंद कर दिया गया। अब ड्रग कंट्रोलर के पास प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए एक भी आवेदन नहीं है। अधिकारियों की माने तो जन औषधि केंद्र में मिलने वाली दवाएं मार्केट से 70 से 80 फीसदी तक सस्ती होती हैं।
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शर्तें ऐसी कि केंद्र चलाना मुश्किल
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को लेकर शर्तें ऐसी है कि उसे चला पाना मुश्किल हो जाता है। जन औषधि केंद्र में दवाएं सरकार की तरफ से ही भेजी जाती है। केंद्र में सूची में शामिल दवाओं के लिए अन्य कंपनियों की दवाएं नहीं रख पाते हैं। निजी अस्पताल संचालक जन औषधि केंद्र की दवाओं को अहमियत नहीं देते हैं और इसके चलते मरीज खरीदने से कतराते हैं। इसके अलावा दवाओं में संचालकों को कम मार्जन के चलते आवेदन नहीं किए जा रहे हैं।
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यहां पीसीएम तक की टैबलेट डिस्पेंसरी में नहीं
नागरिक अस्पताल में दवाओं की पूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। करीब 25 से 30 फीसदी तक दवाओं की कमी है। मरीजों को दवाइयां महंगे दर पर बाहर मेडिकल से खरीदनी पड़ रही है। नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में शुक्रवार को हालात ये रहे कि डिस्पेंसरी में पीसीएम तक की टैबलेट उपलब्ध नहीं थी। कर्मचारियों का कहना है कि शुक्रवार को पीसीएम टैबलेट खत्म हुई है और जल्द स्टॉक आ जाएगा। बता दें कि इन दिनों वायरल बुखार की ओपीडी बढ़ी है, डॉक्टर पीसीएम टैबलेट लेने की सलाह दे रहे हैं।
कोट
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को लेकर यहां पर रुचि कम है। संचालक सूची में शामिल दवाइयां ही रख सकता है। मार्केट की अन्य दवाई नहीं रखी जा सकती है। इस वजह से फार्मासिस्ट जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं। अगर कोई आवेदन करता है तो नियम अनुसार जारी कर दिया जाएगा।
-दिनेश राणा, ड्रग कंट्रोलर फतेहाबाद।