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Fatehabad News: टीबी जांच के लिए अब लंबा इंतजार नहीं, गांवों में ही होगी अब जांच

Mon, 29 Jun 2026 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 29 Jun 2026 11:18 PM IST
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No more long waits for TB testing; tests will now be conducted right in the villages.
फतेहाबाद में टीबी की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी। 
फतेहाबाद। जिले में टीबी (क्षय रोग) की जांच अब ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए पहले से अधिक आसान हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी की त्वरित जांच के लिए पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को नई ट्रूनेट मशीनें उपलब्ध कराई हैं। इसके बाद मरीजों को जांच के लिए जिला मुख्यालय या दूसरे बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और रिपोर्ट भी कुछ ही घंटों में मिल सकेगी।
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अब तक जिले में ट्रूनेट मशीन की सुविधा केवल फतेहाबाद, रतिया और टोहाना के स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध थी। मशीनों की संख्या सीमित होने के कारण कई मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। नई मशीनें मिलने से यह सुविधा जाखल, भूना, बड़ोपल, भट्टूकलां, भूथन सीएचसी तथा पीएचसी कुलां और नागपुर तक पहुंच गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को समय पर जांच और इलाज शुरू कराने में मदद मिलेगी।
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दो घंटे में मिलती है रिपोर्ट
ट्रूनेट एक आधुनिक पोर्टेबल मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक मशीन है, जो मरीज के बलगम (स्पुटम) के नमूने की जांच कर टीबी के जीवाणु की मौजूदगी का पता लगाती है। यह तकनीक डीएनए आधारित जांच करती है, जिससे सामान्य माइक्रोस्कोपी की तुलना में अधिक सटीक परिणाम मिलते हैं। जांच के कुछ घंटों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध हो जाती है। यह मशीन यह भी पता लगाने में सक्षम है कि मरीज को दवाओं के प्रति प्रतिरोधी (ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी तो नहीं है जिससे सही उपचार समय पर शुरू किया जा सकता है। दो घंटे में रिपोर्ट मिल जाती है।
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ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
- रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
- बुखार आना, संक्रमण बढऩे के साथ बढऩा
- थकावट होना
- वजन कम होना
-सांस लेने में दिक्कत होना
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वर्ष 2025 में टीबी को लेकर ये रही है स्थिति
टीबी को लेकर लोगों की हुई स्क्रीनिंग - 303851
जांच के दौरान मिले पॉजिटिव - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
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नई मशीनों के शुरू होने से मरीजों को जांच के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। रिपोर्ट जल्दी मिलने से इलाज में देरी नहीं होगी और संक्रमण फैलने की आशंका भी कम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में ही आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक और समय दोनों की बचत होगी।

-डॉ.अशोक कुमार, उप सिविल सर्जन
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