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घग्गर का प्रदूषण : मंत्री के थे आदेश, एक माह में भेजो रिपोर्ट, दो साल में भी रिपोर्ट नहीं सौंप सकी कमेटी

Sat, 25 Jul 2020 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2020 11:36 PM IST
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No less pollution in Ghaggar
प्रदेश में घग्गर नदी के प्रदूषण को समाप्त करने के सरकार के दावों को उन्हीं के अधिकारी और नेता ही पलीता लगाते दिख रहे हैं। करीब दो साल पहले रतिया से गुजर रही घग्गर नदी के प्रदूषण को लेकर तत्कालीन मंत्री कृष्ण बेदी ने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में डीसी की अध्यक्षता में विशेष कमेटी गठित कर एक माह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। दो साल बीतने के बावजूद आज तक घग्गर नदी पर उक्त कमेटी अपनी रिपोर्ट सबमिट करना तो दूर ढंग से एक बैठक तक नहीं कर सकी है। इस बीच डीसी से लेकर एसडीएम स्तर तक के अधिकारी तब्दील हो गए और नए आए अधिकारियों को इस कमेटी के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।
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तत्कालीन डीसी हरदीप सिंह की अध्यक्षता में गठित हुई थी कमेटी, सुझावों की रिपोर्ट करनी थी तैयार
साल 2018 अगस्त में राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान आई एक समस्या की सुनवाई करते हुए एक विशेष कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी का अध्यक्ष तत्कालीन डीसी डॉ. हरदीप सिंह को बनाया गया था। तत्कालीन डीसी के अलावा इस कमेटी में रतिया के तत्कालीन एसडीएम देवीलाल सिहाग, बीजेपी जिलाध्यक्ष वेद फुलां, बलदेव ग्रोहा व रमेश मेहता को शामिल किया था। इस कमेटी का काम था कि जल्द घग्गर नदी का निरीक्षण कर उसमें प्रदूषण के संभावित कारणों व आसपास के लोगों से बातचीत कर प्रस्तावित सुझावों की एक विशेष रिपोर्ट सबमिट करवानी थी।
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रतिया शहर और छह गांवों से होकर गुजरती है घग्गर नदी, बिल्कुल काला होता है पानी
फतेहाबाद जिले में घग्गर नदी का एरिया रतिया शहर और रतिया हलके के छह गांवों में है। इन गांवों से होकर ही घग्गर नदी सिरसा जिले में प्रवेश कर जाती है। इन गांवों में कोलगढ़, कमाना, रतनगढ़, मिराणा, मढ़, हांसपुर आदि प्रमुख हैं। फतेहाबाद जिले के रतिया और इसके गांवों में घग्गर नदी का कुल सफर इस जिले में लगभग 84 किलोमीटर ही है। प्रदूषण के चलते घग्गर नदी का पानी बिल्कुल काला पड़ जाता है और इतनी सड़ांध मारता है कि इसमें उतरना तो दूर, इसके किनारे खड़ा होना भी दूभर हो जाता है।
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कृषि विभाग सिंचाई के लिए घग्गर के पानी को बता चुका है अनफिट
कभी किसानों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली घग्गर नदी को अब कृषि विभाग ने ही नकार दिया है। फतेहाबाद जिले के कृषि विभाग ने घग्गर नदी के पानी को खेती में सिंचाई के लिए अनफिट करार दिया है। कृषि विभाग के अधिकारी कई बार खुद ये कहते हैं कि फिलहाल घग्गर नदी का पानी खेती में इस्तेमाल करने से इसका फसलों पर तो बुरा असर पड़ेगा ही, साथ ही ये जमीन की सेहत भी बिगाड़ सकता है। अलबत्ता बारिश के दिनों में घग्गर के पानी का प्रयोग किया जा सकता है लेकिन वो भी तभी जब उसका बहुतायात में इस्तेमाल न करना हो। पीने के लिए तो ये उस वक्त भी नहीं इस्तेमाल किया जा सकता।

‘ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। संभवत: मेरे आने से पहले का मामला है। इसे आपने ही मुझे बताया है। मैं सोमवार को इस बारे में संबंधित अधिकारियों से बात करूंगा। घग्गर नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। अगर ऐसी किसी कमेटी की फाइल में नोटिंग है तो इस पर अवश्य काम किया जाएगा।’
डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, डीसी, फतेहाबाद।
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