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डेढ़ माह बाद लंपी से नहीं हुई किसी पशु की मौत, दो केस मिले
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फतेहाबाद। लंपी पॉक्स को लेकर फतेहाबाद में रविवार को राहत भरी बात यह रही कि लंपी से किसी भी पशु की मौत नहीं हुई। वहीं लंपी के मात्र दो केस ही सामने आए हैं और 12 पशु ठीक हुए हैं। डेढ़ माह से लंपी पॉक्स की वजह से पशुओं की मौत जारी थी।
फतेहाबाद में अगस्त माह से लंपी पॉक्स का प्रकोप आरंभ हुआ था। अब तक जिले में 2546 लंपी ग्रस्त पशु मिल चुके हैं और उनमे से 2187 पशु ठीक भी हो चुके हैं। 207 पशुओं का अभी इलाज चल रहा है। रविवार को लंपी के मात्र दो केस मिले और 12 पशुु ठीक हुए हैं। लंपी का असर सबसे अधिक गायों पर रहा है। पिछले डेढ़ माह में जिले में लंपी से अब तक 152 गायों की मौत हो चुकी है। इस अवधि के दौरान प्रतिदिन गायों की मौत के समाचार आते रहे, लेकिन रविवार का दिन पशुपालाकों व पशुपालन विभाग के लिए राहत भरा रहा। रविवार को एक भी गाय की मौत लंपी पॉक्स से नहीं हुई।
कोट
जिले में लंपी पॉक्स का प्रकोप लगभग समाप्त हो चुका है। पशुपालक अभी भी एहतियात बरतते रहें और अगर किसी पशु में लंपी के लक्षण दिखाई देेते हैं तो वह पशु चिकित्सक से अवश्य मुलाकात करें। रविवार को लंपी सेे किसी भी पशु की मौत नहीं हुई है और मात्र दो केस सामने आए हैं।
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-डॉ. सुखविंद्र, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद में अगस्त माह से लंपी पॉक्स का प्रकोप आरंभ हुआ था। अब तक जिले में 2546 लंपी ग्रस्त पशु मिल चुके हैं और उनमे से 2187 पशु ठीक भी हो चुके हैं। 207 पशुओं का अभी इलाज चल रहा है। रविवार को लंपी के मात्र दो केस मिले और 12 पशुु ठीक हुए हैं। लंपी का असर सबसे अधिक गायों पर रहा है। पिछले डेढ़ माह में जिले में लंपी से अब तक 152 गायों की मौत हो चुकी है। इस अवधि के दौरान प्रतिदिन गायों की मौत के समाचार आते रहे, लेकिन रविवार का दिन पशुपालाकों व पशुपालन विभाग के लिए राहत भरा रहा। रविवार को एक भी गाय की मौत लंपी पॉक्स से नहीं हुई।
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कोट
जिले में लंपी पॉक्स का प्रकोप लगभग समाप्त हो चुका है। पशुपालक अभी भी एहतियात बरतते रहें और अगर किसी पशु में लंपी के लक्षण दिखाई देेते हैं तो वह पशु चिकित्सक से अवश्य मुलाकात करें। रविवार को लंपी सेे किसी भी पशु की मौत नहीं हुई है और मात्र दो केस सामने आए हैं।
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-डॉ. सुखविंद्र, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, फतेहाबाद।