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नई ट्रांसफर नीति के विरोध में अध्यापकों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
fatehabad
Updated Wed, 22 Jun 2016 12:53 AM IST
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फतेहाबाद में सरकार की नई नीति के विरोध में उपायुक्त कार्यालय पर धरना देते जिलेभर के अध्यापक।
- फोटो : amar ujala
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शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नत अध्यापकों को दिए गए स्टेशनों व अंतरजिला स्थानांतरण में स्टेशन देने की नई नीति के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं एसटीएफआई के आह्वान पर जिलेभर के अध्यापकों ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान रघुनाथ मैहता ने की जबकि संचालन जिला सचिव कृष्ण नैन ने किया। धरने के बाद अध्यापकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए राज्य कमेटी सदस्य राजपाल मिताथल व जिला सचिव कृष्ण नैन ने बताया कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति में अनेक अनियमितताएं हैं। प्रथम दृष्टि से इस पॉलिसी में शिक्षा विभाग द्वारा 30 अप्रैल 2016 के तहत जारी अध्यापक ट्रांसफर पॉलिसी 2016 का सरेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले विभाग पदोन्नति की सूचियां अतिशीघ्र जारी करे। उसके बाद वरिष्ठता के आधार पर काउंसलिंग से स्टेशन दिए जाएं। इसमें विशेष संरक्षित कैटेगरी का विशेष ध्यान रखा जाए। जो टीजीटी मेवात कैडर अलग बनने से पहले से ही मेवात में कार्यरत हैं उन्हें भी पदोन्नति में काउंसलिंग से स्टेशन दिए जाएं। अगर वे चाहे तो उन्हें मेवात से बाहर का स्टेशन दिए जाएं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मेवात कैडर अलग बन चुका है इसलिए 20 जिलों के किसी भी अध्यापक को उस अध्यापक की इच्छा बिना मेवात न भेजा जाए। जो अध्यापक पदोन्नति नहीं लेना चाहता उसके साथ जबरदस्ती न की जाए तथा कार्यभार से मुक्त न किया जाए। धरने पर जिला सह सचिव कुरड़ाराम पूनिया, राज सिंह आडिटर, नौरंग यादव, देशराज माचरा, हरपाल हुड्डा, सुरजीत दुसाद, राजेश गोठड़ा, नरेश कुमार भूना, राजेश कन्हड़ी, व बहन राजबाला भट्टू ने भी अपने अपने विचार रखे।
धरने को संबोधित करते हुए राज्य कमेटी सदस्य राजपाल मिताथल व जिला सचिव कृष्ण नैन ने बताया कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति में अनेक अनियमितताएं हैं। प्रथम दृष्टि से इस पॉलिसी में शिक्षा विभाग द्वारा 30 अप्रैल 2016 के तहत जारी अध्यापक ट्रांसफर पॉलिसी 2016 का सरेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले विभाग पदोन्नति की सूचियां अतिशीघ्र जारी करे। उसके बाद वरिष्ठता के आधार पर काउंसलिंग से स्टेशन दिए जाएं। इसमें विशेष संरक्षित कैटेगरी का विशेष ध्यान रखा जाए। जो टीजीटी मेवात कैडर अलग बनने से पहले से ही मेवात में कार्यरत हैं उन्हें भी पदोन्नति में काउंसलिंग से स्टेशन दिए जाएं। अगर वे चाहे तो उन्हें मेवात से बाहर का स्टेशन दिए जाएं।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में मेवात कैडर अलग बन चुका है इसलिए 20 जिलों के किसी भी अध्यापक को उस अध्यापक की इच्छा बिना मेवात न भेजा जाए। जो अध्यापक पदोन्नति नहीं लेना चाहता उसके साथ जबरदस्ती न की जाए तथा कार्यभार से मुक्त न किया जाए। धरने पर जिला सह सचिव कुरड़ाराम पूनिया, राज सिंह आडिटर, नौरंग यादव, देशराज माचरा, हरपाल हुड्डा, सुरजीत दुसाद, राजेश गोठड़ा, नरेश कुमार भूना, राजेश कन्हड़ी, व बहन राजबाला भट्टू ने भी अपने अपने विचार रखे।
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