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न निजी में लिया दाखिला न सरकारी स्कूल में रुके
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फतेहाबाद का मॉडल संस्कृति स्कूल।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में दाखिले के लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया है। नया सत्र शुरू हुए डेढ़ माह हो चुका है, लेकिन इस बार पिछले सत्र का आंकड़ा भी नहीं छू पा रहा है। हालात ये है कि कक्षा ग्यारहवीं को छोड़कर जिले में अब तक करीब 12 हजार दाखिले घट चुके हैं। सबसे कम दाखिले सरकारी स्कूलों की पहली कक्षाओं में हुए हैं।
बता दें कि पिछले साल पहली कक्षा में 10,894 दाखिले हुए थे, लेकिन इस बार अब तक 7,820 दाखिले कम हुए हैं। ये ही नहीं, मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूलों में भी 3 717 दाखिले घट चुके हैं। ये भी बता दें कि जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 6,907 विद्यार्थियों का कोई अता-पता नहीं है। ये छात्र पढ़ भी रहे हैं या नहीं, इसके बारे में शिक्षा विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। 6,907 बच्चे जो कि पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे थे, इन्होंने नई कक्षा में अभी तक दाखिला ही नहीं लिया है। इसके अलावा न ही निजी स्कूल में जाने के लिए एसएलसी ली है। अधिकारियों को ये जानकारी नहीं है कि बच्चे पढ़ भी रहे हैं या फिर पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।
साढ़े पांच हजार बच्चे कहां किसी को पता नहीं
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सत्र में पहली कक्षा में 10,894 में से दूसरी कक्षा में 10,317, कक्षा दूसरी के 10,743 में से तीसरी में 10,273, कक्षा तीसरी के 10,556 में से चौथी में 10,195, कक्षा चौथी के 10,900 में से पांचवीं में 10,567, कक्षा पांचवीं के 11,480 में से छठी में 10,362, कक्षा छठी के 10,973 में कक्षा सातवीं में 10,697, कक्षा सातवीं के 10,197 में से कक्षा आठवीं में 9,813, कक्षा आठवीं के 10,100 में से कक्षा नौवीं में 10,243, कक्षा नौवीं के 9,822 छात्रों में से कक्षा दसवीं में 7,551, कक्षा दसवीं के 9,892 छात्रों में से ग्यारहवीं में 98 और कक्षा ग्यारहवीं के 8,713 छात्रों में से 7,699 छात्रों ने ही कक्षा बारहवीं में दाखिला लिया है।
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खंड स्तर पर जानिए, कितने दाखिले घटे और बढ़े
कक्षा भट्टू भूना फतेहाबाद जाखल रतिया टोहाना
पहली 835 1290 2409 369 1582 1335
दूसरी 142 +11 +28 84 100 139
तीसरी +72 107 209 +42 131 +50
चौथी 156 59 106 137 198 49
पांचवीं 75 +5 174 63 359 247
छठी +32 136 144 90 38 235
सातवीं +5 +101 +55 +26 +140 +173
आठवीं 75 +27 11 39 92 97
नौवीं +198 +176 79 +32 +22 +102
दसवीं 403 403 364 191 490 490
बारहवीं +160 +32 +148 +94 +138 59
मॉडल संस्कृति स्कूलों में ही घट गए 3,717 छात्र
अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाने और निजी स्कूलों का मुकाबला करने के लिए जिले के 87 प्राइमरी स्कूलों को मॉडल संस्कृति बनाया गया, लेकिन फिलहाल हालात ये है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 3,717 विद्यार्थी घट चुके हैं। पिछले साल मॉडल संस्कृति स्कूलों के कक्षा पहली और दूसरी में दाखिले हुए थे, जबकि इस बार पहली से तीसरी कक्षा में दाखिले हो रहे हैं।
दाखिले में पीपीपी की अनिवार्यता बनी आफत
सरकारी स्कूलों में इस बार अभी तक सात हजार दाखिले पहली कक्षा में पिछले सत्र के मुकाबले कम हुए हैं। दाखिले के लिए इस बार शिक्षा विभाग ने परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड की अनिवार्यता कर दी है। पीपीपी और आधार कार्ड में गलतियों के चलते दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इसको लेकर शिक्षक भी उलझे हुए हैं।
कोट
सरकारी स्कूलों में करीब 12 हजार दाखिले अभी कम हैं। पहले ये आंकड़ा 40 हजार तक था। जिन विद्यार्थियों ने अभी तक दाखिला नहीं लिया है इसको लेकर सर्वे करवाया जा रहा है और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही हैं। पिछले साल से ज्यादा दाखिले के प्रयास में हैं।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी
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बता दें कि पिछले साल पहली कक्षा में 10,894 दाखिले हुए थे, लेकिन इस बार अब तक 7,820 दाखिले कम हुए हैं। ये ही नहीं, मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूलों में भी 3 717 दाखिले घट चुके हैं। ये भी बता दें कि जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 6,907 विद्यार्थियों का कोई अता-पता नहीं है। ये छात्र पढ़ भी रहे हैं या नहीं, इसके बारे में शिक्षा विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। 6,907 बच्चे जो कि पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे थे, इन्होंने नई कक्षा में अभी तक दाखिला ही नहीं लिया है। इसके अलावा न ही निजी स्कूल में जाने के लिए एसएलसी ली है। अधिकारियों को ये जानकारी नहीं है कि बच्चे पढ़ भी रहे हैं या फिर पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।
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साढ़े पांच हजार बच्चे कहां किसी को पता नहीं
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सत्र में पहली कक्षा में 10,894 में से दूसरी कक्षा में 10,317, कक्षा दूसरी के 10,743 में से तीसरी में 10,273, कक्षा तीसरी के 10,556 में से चौथी में 10,195, कक्षा चौथी के 10,900 में से पांचवीं में 10,567, कक्षा पांचवीं के 11,480 में से छठी में 10,362, कक्षा छठी के 10,973 में कक्षा सातवीं में 10,697, कक्षा सातवीं के 10,197 में से कक्षा आठवीं में 9,813, कक्षा आठवीं के 10,100 में से कक्षा नौवीं में 10,243, कक्षा नौवीं के 9,822 छात्रों में से कक्षा दसवीं में 7,551, कक्षा दसवीं के 9,892 छात्रों में से ग्यारहवीं में 98 और कक्षा ग्यारहवीं के 8,713 छात्रों में से 7,699 छात्रों ने ही कक्षा बारहवीं में दाखिला लिया है।
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खंड स्तर पर जानिए, कितने दाखिले घटे और बढ़े
कक्षा भट्टू भूना फतेहाबाद जाखल रतिया टोहाना
पहली 835 1290 2409 369 1582 1335
दूसरी 142 +11 +28 84 100 139
तीसरी +72 107 209 +42 131 +50
चौथी 156 59 106 137 198 49
पांचवीं 75 +5 174 63 359 247
छठी +32 136 144 90 38 235
सातवीं +5 +101 +55 +26 +140 +173
आठवीं 75 +27 11 39 92 97
नौवीं +198 +176 79 +32 +22 +102
दसवीं 403 403 364 191 490 490
बारहवीं +160 +32 +148 +94 +138 59
मॉडल संस्कृति स्कूलों में ही घट गए 3,717 छात्र
अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाने और निजी स्कूलों का मुकाबला करने के लिए जिले के 87 प्राइमरी स्कूलों को मॉडल संस्कृति बनाया गया, लेकिन फिलहाल हालात ये है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 3,717 विद्यार्थी घट चुके हैं। पिछले साल मॉडल संस्कृति स्कूलों के कक्षा पहली और दूसरी में दाखिले हुए थे, जबकि इस बार पहली से तीसरी कक्षा में दाखिले हो रहे हैं।
दाखिले में पीपीपी की अनिवार्यता बनी आफत
सरकारी स्कूलों में इस बार अभी तक सात हजार दाखिले पहली कक्षा में पिछले सत्र के मुकाबले कम हुए हैं। दाखिले के लिए इस बार शिक्षा विभाग ने परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड की अनिवार्यता कर दी है। पीपीपी और आधार कार्ड में गलतियों के चलते दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इसको लेकर शिक्षक भी उलझे हुए हैं।
कोट
सरकारी स्कूलों में करीब 12 हजार दाखिले अभी कम हैं। पहले ये आंकड़ा 40 हजार तक था। जिन विद्यार्थियों ने अभी तक दाखिला नहीं लिया है इसको लेकर सर्वे करवाया जा रहा है और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही हैं। पिछले साल से ज्यादा दाखिले के प्रयास में हैं।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी