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Fatehabad News: साइकिलिंग में नीरज अब तक 20 से अधिक जीत चुका पदक
Sun, 09 Feb 2025 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:29 PM IST
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साइक्लिंग खिलाड़ी नीरज।
फतेहाबाद। गांव अयाल्की निवासी नीरज ने स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ बाॅक्सिंग खेल को चुना। मगर मात्र तीन माह बाद ही उसने बॉक्सिंग को छोड़कर साइकिलिंग पर अपना ध्यान लगाना शुरू कर दिया। जब नीरज ने साइकिलिंग की शुरुआत की थी, तब वह मात्र एक किलोमीटर साइकिल चला पाता था।
नीरज के अनुसार उसने धीरे-धीरे प्रयास किए। वह अपने गांव से फतेहाबाद साइकिल पर दो बार आता था। सुबह 5 बजे उठना और उसके बाद नहा धोकर थोड़ी देर तक योग करना, उसके बाद वह अपनी साइकिल को लेकर फतेहाबाद की ओर आ जाता था। फतेहाबाद से गुजर रहे नेशनल हाइवे नंबर 9 पर वह एक से डेढ़ घंटे तक साइकिल चलाता। नीरज ने साइकिलिंग की विभिन्न प्रतियोगिता में कुल 20 स्वर्ण पदक, 8 रजत पदक व 8 कांस्य पदक जीते हैं।
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नीरज के पिता ने नहीं करवाया दूसरा विवाह
- नीरज की माता का निधन करीब 13 साल पहले हुआ था। जिस समय मां के प्यार की बच्चों की काफी जरूरत होती है, उस समय नीरज के पिता कश्मीरी लाल ने उसकी मां के जाने का गम अपने मन में ना रखकर अपने बच्चों की तरफ देखा, उनकी परवरिश की। नीरज ने साल 2016 में खेल की ओर अपना ध्यान लगाना शुरू कर दिया। नीरज ने बताया कि वे दो भाई है, दोनों भाइयों में वह बड़ा है। जब उसकी माता का निधन हुआ तो वह 7 साल और छोटा भाई 5 साल का था। नीरज के पिता ने उनकी माता के निधन के बाद दूसरा विवाह नहीं करवा। खुद ही दोनों भाइयों की अच्छी परवरिश की। कभी उन्होंने मां के नहीं होने का अहसास नहीं होने दिया।
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बुआ सीमा से मिली प्रेरणा
- नीरज की बुआ सीमा राईका साइकिलिंग की खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने ही नीरज को साइकिलिंग के लिए प्रेरित किया। कोच सुनील पूनियां ने बताया कि सीमा और नीरज दोनों काफी अच्छे खिलाड़ी है। सीमा ने ही नीरज को साइकिलिंग खेल में उतारा था।
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एशियन गेम्स में जीते पदक
- कोच सुनील ने बताया कि नीरज ने काफी अच्छा प्रदर्शन करते हुए कई राष्ट्रीय स्तर के खेलों सहित एशियन खेलों में भाग लिया है। एशियन गेम्स 2022 जो कि नई दिल्ली में आयोजित हुए थे, उसमें पदक प्राप्त किया था। वहीं साल 2024 में चीन में आयोजित एशियन गेम्स में भी भाग लिया था। नीरज ने बीते दिनों उत्तराखंड में आयोजित 38वीं नेशनल गेम्स में भाग लिया, जहां उसने रजत पदक जीता था।
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अच्छा प्रदर्शन की बदौलत रेलवे में मिली नौकरी
- नीरज ने बताया कि साइकिलिंग में अच्छा प्रदर्शन करने पर सरकार की ओर उसे रेलवे में नौकरी दी गई है। यह नौकरी उसे सिर्फ खेल के माध्यम से ही मिली है। वह नौकरी के साथ-साथ आगे होने वाली चैंपियनशिप को लेकर तैयारी कर रहा है। पिछले दो माह से वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर नौकरी कर रहा है।
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नीरज के अनुसार उसने धीरे-धीरे प्रयास किए। वह अपने गांव से फतेहाबाद साइकिल पर दो बार आता था। सुबह 5 बजे उठना और उसके बाद नहा धोकर थोड़ी देर तक योग करना, उसके बाद वह अपनी साइकिल को लेकर फतेहाबाद की ओर आ जाता था। फतेहाबाद से गुजर रहे नेशनल हाइवे नंबर 9 पर वह एक से डेढ़ घंटे तक साइकिल चलाता। नीरज ने साइकिलिंग की विभिन्न प्रतियोगिता में कुल 20 स्वर्ण पदक, 8 रजत पदक व 8 कांस्य पदक जीते हैं।
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नीरज के पिता ने नहीं करवाया दूसरा विवाह
- नीरज की माता का निधन करीब 13 साल पहले हुआ था। जिस समय मां के प्यार की बच्चों की काफी जरूरत होती है, उस समय नीरज के पिता कश्मीरी लाल ने उसकी मां के जाने का गम अपने मन में ना रखकर अपने बच्चों की तरफ देखा, उनकी परवरिश की। नीरज ने साल 2016 में खेल की ओर अपना ध्यान लगाना शुरू कर दिया। नीरज ने बताया कि वे दो भाई है, दोनों भाइयों में वह बड़ा है। जब उसकी माता का निधन हुआ तो वह 7 साल और छोटा भाई 5 साल का था। नीरज के पिता ने उनकी माता के निधन के बाद दूसरा विवाह नहीं करवा। खुद ही दोनों भाइयों की अच्छी परवरिश की। कभी उन्होंने मां के नहीं होने का अहसास नहीं होने दिया।
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बुआ सीमा से मिली प्रेरणा
- नीरज की बुआ सीमा राईका साइकिलिंग की खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने ही नीरज को साइकिलिंग के लिए प्रेरित किया। कोच सुनील पूनियां ने बताया कि सीमा और नीरज दोनों काफी अच्छे खिलाड़ी है। सीमा ने ही नीरज को साइकिलिंग खेल में उतारा था।
एशियन गेम्स में जीते पदक
- कोच सुनील ने बताया कि नीरज ने काफी अच्छा प्रदर्शन करते हुए कई राष्ट्रीय स्तर के खेलों सहित एशियन खेलों में भाग लिया है। एशियन गेम्स 2022 जो कि नई दिल्ली में आयोजित हुए थे, उसमें पदक प्राप्त किया था। वहीं साल 2024 में चीन में आयोजित एशियन गेम्स में भी भाग लिया था। नीरज ने बीते दिनों उत्तराखंड में आयोजित 38वीं नेशनल गेम्स में भाग लिया, जहां उसने रजत पदक जीता था।
अच्छा प्रदर्शन की बदौलत रेलवे में मिली नौकरी
- नीरज ने बताया कि साइकिलिंग में अच्छा प्रदर्शन करने पर सरकार की ओर उसे रेलवे में नौकरी दी गई है। यह नौकरी उसे सिर्फ खेल के माध्यम से ही मिली है। वह नौकरी के साथ-साथ आगे होने वाली चैंपियनशिप को लेकर तैयारी कर रहा है। पिछले दो माह से वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर नौकरी कर रहा है।