{"_id":"64a1ba6d938e0d9a9107940e","slug":"narma-started-scorching-due-to-lack-of-rain-the-development-of-paddy-also-stopped-fatehabad-news-c-127-1-shsr1015-1626-2023-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: बारिश न होने से झुलसने लगी नरमा, धान का भी विकास रुका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: बारिश न होने से झुलसने लगी नरमा, धान का भी विकास रुका
विज्ञापन
गांव मानावाली में पानी के अभावा के कारण सूखा पड़ा नरमे का खेत।
प्रदेश के कई इलाकों में मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन फतेहाबाद मुख्यालय अभी भी बारिश का इंतजार कर रहा है। बारिश न होने के कारण फतेहाबाद के आसपास के गांवों में नरमा व धान की फसल झुलसने लगी है। सबसे अधिक नरमा की फसल प्रभावित हाे रही है। फतेहाबाद में रविवार को भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री व न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात का तापमान भी अब बढ़ने लगा है, जिस कारण लोग भी गर्मी से दिन व रात दोनों समय परेशान हो रहे हैं।
मानसून के आगमन के बाद उम्मीद थी कि अच्छी बारिश होगी, लेकिन जिला मुख्यालय व इसके आसपास के गांवों में अभी तक बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी है। हालांकि आसमान में बादल तो छाते हैं, लेकिन बारिश न होने के कारण उमस व गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सीधा असर फसलों पर भी पड़ रहा है। उमस व तापमान बढ़ने से धान में खड़ा पानी गर्म हो रहा है। यही वजह है कि नरमे की फसल भी अब मुरझाने लगी है। क्षेत्र में नरमे की फसल की बिजाई जून माह के आरंभ में शुरू कर दी गई थी। पौध तो ऊपर आ गई है, लेकिन अब बारिश का इंतजार है, लेकिन बारिश न होने के कारण नरमे की फसल मुरझाने लगी है। अगर बारिश न हुई और सिंचाई के लिए लगाए गए पानी के गर्म होने के कारण नरमा की पौध जलने के कगार पर है। यही हाल धान की रोपाई के लिए चल रहा है। किसान पानी तो लगातार खेतों में डाल रहे हैं, लेकिन गर्म पानी होने के कारण धान की पौध भी खराब होने लगी है। हालांकि भूना, जाखल व टोहाना क्षेत्र में को थोड़ी बरसात हुई थी, जबकि बाकी जिला बारिश से अभी अछूता रहा है।
बारिश न होना नरमे व धान दोनों के लिए घातक
किसानों का मानना है कि जल्द ही बारिश न हुई तो नरमे की फसल की भी दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी। गांव मानावाली के किसान सुभाष ढाका, खैरातीखेड़ा के राजेश फगाना का कहना है कि अगर बारिश नहीं हुई तो नरमे की फसल का जलना लाजिमी है, क्योंकि दिन में तेज धूप के कारण पानी गर्म हो जाता है, तो नरमे व धान दोनों के लिए घातक है।
विज्ञापन
कोट
बारिश का मौसम तो बना हुआ है, लेकिन क्षेत्र में अभी तक बारिश नहीं हुई है, जिससे नरमा व धान को नुकसान हो सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश का अनुमान जताया है।
-राजेश सिहाग, डीडीए फतेहाबाद
कोट
हरियाणा में तीन व चार जुलाई को मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहेगा। उत्तरी जिलों में कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी ही संभावित है। इसके बाद पांच जुलाई से एक बार फिर मानसून की सक्रियता राज्य में बढ़ने की संभावना है। पांच जुलाई की रात से सात जुलाई के दौरान राज्य में ज्यादातर स्थानों पर अच्छी बारिश की संभावना बन रही है।
-डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, मौसम विभाग, एचएयू हिसार।
विज्ञापन
मानसून के आगमन के बाद उम्मीद थी कि अच्छी बारिश होगी, लेकिन जिला मुख्यालय व इसके आसपास के गांवों में अभी तक बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी है। हालांकि आसमान में बादल तो छाते हैं, लेकिन बारिश न होने के कारण उमस व गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सीधा असर फसलों पर भी पड़ रहा है। उमस व तापमान बढ़ने से धान में खड़ा पानी गर्म हो रहा है। यही वजह है कि नरमे की फसल भी अब मुरझाने लगी है। क्षेत्र में नरमे की फसल की बिजाई जून माह के आरंभ में शुरू कर दी गई थी। पौध तो ऊपर आ गई है, लेकिन अब बारिश का इंतजार है, लेकिन बारिश न होने के कारण नरमे की फसल मुरझाने लगी है। अगर बारिश न हुई और सिंचाई के लिए लगाए गए पानी के गर्म होने के कारण नरमा की पौध जलने के कगार पर है। यही हाल धान की रोपाई के लिए चल रहा है। किसान पानी तो लगातार खेतों में डाल रहे हैं, लेकिन गर्म पानी होने के कारण धान की पौध भी खराब होने लगी है। हालांकि भूना, जाखल व टोहाना क्षेत्र में को थोड़ी बरसात हुई थी, जबकि बाकी जिला बारिश से अभी अछूता रहा है।
विज्ञापन
बारिश न होना नरमे व धान दोनों के लिए घातक
किसानों का मानना है कि जल्द ही बारिश न हुई तो नरमे की फसल की भी दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी। गांव मानावाली के किसान सुभाष ढाका, खैरातीखेड़ा के राजेश फगाना का कहना है कि अगर बारिश नहीं हुई तो नरमे की फसल का जलना लाजिमी है, क्योंकि दिन में तेज धूप के कारण पानी गर्म हो जाता है, तो नरमे व धान दोनों के लिए घातक है।
विज्ञापन
कोट
बारिश का मौसम तो बना हुआ है, लेकिन क्षेत्र में अभी तक बारिश नहीं हुई है, जिससे नरमा व धान को नुकसान हो सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश का अनुमान जताया है।
-राजेश सिहाग, डीडीए फतेहाबाद
कोट
हरियाणा में तीन व चार जुलाई को मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहेगा। उत्तरी जिलों में कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी ही संभावित है। इसके बाद पांच जुलाई से एक बार फिर मानसून की सक्रियता राज्य में बढ़ने की संभावना है। पांच जुलाई की रात से सात जुलाई के दौरान राज्य में ज्यादातर स्थानों पर अच्छी बारिश की संभावना बन रही है।
-डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, मौसम विभाग, एचएयू हिसार।