फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Model code of conduct became a hindrance in pension of 2,372 eligible persons of the district

Fatehabad News: जिले के 2,372 पात्रों की पेंशन में बाधा बनी आदर्श आचार संहिता

Sat, 17 Aug 2024 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 17 Aug 2024 11:38 PM IST
विज्ञापन
Model code of conduct became a hindrance in pension of 2,372 eligible persons of the district
फतेहाबाद। जिले के पेंशन पात्रों की पेंशन लागू करने में क्रीड विभाग के बाद अब समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी भी अड़चन बन गए हैं। पात्रों की पेंशन लागू करने के लिए क्रीड विभाग की ओर से फैमिली आईडी के आंकड़ों पर आधारित सूची समाज कल्याण विभाग के पास भेजी जाती है लेकिन पिछले एक साल से जिले के 1,059 पात्रों का नाम सूची में शामिल होने के बाद भी उनकी पेंशन लागू नहीं हो सकी।
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लागू होने के बाद पेंशन पात्रों की पेंशन लागू होने में देरी न हो, इसके लिए हरियाणा सरकार ने पेंशन बनाने की जिम्मेदारी जेड क्रीम को सौंपी थी। फिर भी इन पात्रों की पेंशन लागू नहीं हो सकी। जिले के 1,313 पात्रों की पेंशन क्रीड विभाग ने करीब दो माह पहले जारी कर दी थी। इसके बावजूद उनकी पेंशन लागू नहीं हो सकी।
विज्ञापन

पेंशन के लिए पात्र विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। गांव नागपुर निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि उनकी पेंशन पिछले दो माह से बंद हो गई है। इसको दोबारा शुरू करवाने के लिए समाज कल्याण विभाग के कई चक्कर लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन


केवल कागजों तक सीमित थारी पेंशन थारे घर योजना

क्रीड विभाग की सूची में दर्ज पात्रों के घर जाकर कार्यवाही पूरी कराने के लिए सरकार ने थारी पेंशन-थारे घर योजना चलाई है। इसके बावजूद समाज कल्याण विभाग के अधिकारी पात्रों को फोन करके पेंशन के लिए जिला मुख्यालय पर बुला रहे हैं। इस कारण पात्रों को मजबूरन दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।


लिपिकों की हड़ताल और आचार संहिता में उलझी पेंशन
पहले लोकसभा और अब विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के कारण जिले में इस वर्ष दो बार आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसका सबसे बुरा प्रभाव पेंशन के पात्रों पर पड़ा है। अगस्त 2023 और इस वर्ष भी लिपिकों की हड़ताल के कारण काम प्रभावित रहे थे।


पात्रों के कागजात में कई बार तकनीकी कमी रह जाती है। इसे सुधारने में कुछ समय लगता है लेकिन एक साल पहले पेंशन बनने के बाद भी लागू न होने का कारण जानने के लिए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
- राहुल मोदी, एडीसी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed