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Fatehabad News: एनआरआई वैवाहिक मुद्दे और चुनौतियां विषय पर किया जागरूक
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। मनोहर मेमोरियल कॉलेज में मंगलवार को एनआरआई विवाह सावधानियां और उपाय विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत और राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से आयोजित किया गया।
शुभारंभ प्राचार्य डॉ. गुरचरण ने किया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विदेश में बसने और विवाह से जुड़ी विभिन्न सावधानियों पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ताओं ने कहा कि एनआरआई शादियों में जल्दबाजी से बचना चाहिए।
शादी से पहले वर/वधू के पासपोर्ट, वीजा स्टेटस, रोजगार, निवास स्थान और वैवाहिक स्थिति की पूरी तरह जांच और सत्यापन कराएं। वक्ताओं ने बताया कि एनआरआई विवाह का अनिवार्य रूप से भारत में कानूनी पंजीकरण होना चाहिए। इससे किसी भी अप्रिय परिस्थिति में कानूनी सहायता प्राप्त करना आसान हो जाता है।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत के कुलपति प्रो. देविंदर सिंह रहे। उनके साथ विषय विशेषज्ञ के रूप में ईश्वर दास चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, डॉ. बलविंदर कौर एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोजेक्ट समन्वयक, डॉ. मुकेश कुमार निदेशक, सेंटर फॉर क्लिनिकल लीगल एजुकेशन, प्रो. अशोक मक्कड़ विधि विभाग, सीडीएलू, सिरसा ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
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फतेहाबाद। मनोहर मेमोरियल कॉलेज में मंगलवार को एनआरआई विवाह सावधानियां और उपाय विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत और राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से आयोजित किया गया।
शुभारंभ प्राचार्य डॉ. गुरचरण ने किया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विदेश में बसने और विवाह से जुड़ी विभिन्न सावधानियों पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ताओं ने कहा कि एनआरआई शादियों में जल्दबाजी से बचना चाहिए।
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शादी से पहले वर/वधू के पासपोर्ट, वीजा स्टेटस, रोजगार, निवास स्थान और वैवाहिक स्थिति की पूरी तरह जांच और सत्यापन कराएं। वक्ताओं ने बताया कि एनआरआई विवाह का अनिवार्य रूप से भारत में कानूनी पंजीकरण होना चाहिए। इससे किसी भी अप्रिय परिस्थिति में कानूनी सहायता प्राप्त करना आसान हो जाता है।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत के कुलपति प्रो. देविंदर सिंह रहे। उनके साथ विषय विशेषज्ञ के रूप में ईश्वर दास चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, डॉ. बलविंदर कौर एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोजेक्ट समन्वयक, डॉ. मुकेश कुमार निदेशक, सेंटर फॉर क्लिनिकल लीगल एजुकेशन, प्रो. अशोक मक्कड़ विधि विभाग, सीडीएलू, सिरसा ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।