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Fatehabad News: 10 साल में मलेरिया कम हुआ लेकिन खत्म नहीं, दूसरे राज्य से पीड़ित होकर आ रहे लोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2024 11:26 PM IST
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Malaria reduced in 10 years but not eliminated, people coming from other states suffering from it
फतेहाबाद में पानी से भरी टंकी को खाली करते हुए स्वाथ्यकर्मी
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग मलेरिया को खत्म करने के लिए हर साल टीमें बनाकर समय से पहले सर्वे करवा रहा है और लारवा को नष्ट करवाया जा रहा है। मलेरिया 10 सालों में कम हुआ है लेकिन अभी तक खत्म नहीं हुआ है। वर्ष 2014 में जिले में मलेरिया के 368 केस मिले थे लेकिन वर्ष 2023 में ये आंकड़ा 2 पर पहुंच गया है। पिछले साल जो दो केस मिले थे इनकी ट्रेवलिंग हिस्ट्री मिली थी यानि दूसरे राज्य में मलेरिया की चपेट आए थे। लेकिन आंकड़ा यहां दर्ज हुआ है। इसके चलते जिला मलेरिया मुक्त नहीं हो पा रहा है।
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मलेरिया को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल की तरह इस बार भी अप्रैल माह में रेपिड फीवर सर्वे शुरू किया है। सर्वे में जो भी बुखार पीड़ित मिला उसकी मलेरिया जांच के लिए स्लाइड बनाई गई। 1 अप्रैल से लेकर 10 अप्रैल तक चले अभियान में 1 लाख 32 हजार 651 घरों का सर्वे हुआ। सर्वे के दौरान 2067 लोग बुखार पीड़ित मिले। विभाग की तरफ से ब्लड स्लाइड बनाकर जांच की गई लेकिन मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है।
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50 घरों में मिल चुका है लारवा
स्वास्थ्य विभाग की टीमें रैपिड फीवर सर्वे के अलावा भी डोर-टू-डोर जाकर कूलर, पानी की टंकी आदि की जांच कर रही हैं। जांच के दौरान 50 घरों में अब तक लारवा मिल चुका है। विभाग की तरफ से इन्हें नोटिस जारी हो चुका है।
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जिले में ये रही है मलेरिया की स्थिति
वर्ष केस मिले
2014 368
2015 107
2016 59
2017 42
2018 2
2019 5
2020 0
2021 1
2023 2
मलेरिया के ये हैं लक्षण
- सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार आना
- सिर में तेज दर्द होना, शरीर में दर्द होना
- बुखार उतरते समय शरीर का पसीना-पसीना होना
मलेरिया के बचाव के ये है उपाय
- घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें।
- सप्ताह में एक बार कूलर, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों, टंकी, फ्रिज की को सुखाकर ही पानी भरें।
- प्रत्येक रविवार को सूखा दिवस जरूर बनाएं, मच्छर दानी का प्रयोग करें।
कोट
मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से गंभीर है। रेपिड फीवर सर्वे चलाया जा रहा है। अगर कोई बुखार केस मिल रहा है तो उसे स्लाइड बनाकर जांच की जा रही है। लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। अपने घरों व आसपास पानी न ठहरने दें।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ
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