फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Left home to wildlife

बच गया वन्य जीवों का आशियाना

Tue, 24 Jun 2014 11:26 PM IST
fatehabad
fatehabad Updated Tue, 24 Jun 2014 11:26 PM IST
विज्ञापन

परमाणु बिजली संयंत्र के आवासीय क्षेत्र की अधिगृहीत जमीन पर वन्य जीवों का ठौर बन गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद एनपीसीएल ने अपनी सभी गतिविधियां इस क्षेत्र में बंद की हुई है। इसी कारण से वन्य जीव अब इसी क्षेत्र में दोबारा से रहने लगे हैं। इस समय इस क्षेत्र में हिरण, बारहसिंगा और नील गाय बड़ी संख्या में देखी जा सकती है।

विज्ञापन

एनपीसीएल ने बड़ोपल में 185 एकड़ भूमि को अधिगृहीत किया है।

 इस जमीन पर एनपीसीएल की ओर से कालोनी आबाद की जानी हैं। जो जगह एनपीसीएल को मिली है, इस क्षेत्र में पहले से वन्य जीवों का ठौर रहा है। इसलिए अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा ने इस जमीन को वन्य जीवों का क्षेत्र बताते हुए यहां की एनपीसीएल की गतिविधियां बंद करवाए जाने को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में दावा डाला।
विज्ञापन


 ट्रिब्यूनल ने तत्काल काम बंद करने के निर्देश दिए। इसके बाद से यहां काम बंद हैं और अब वन्य जीव ही इस क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। ज्ञात रहे कि पिछले दिनों उपायुक्त ने कॉलोनी को यहां न बसाने की बात कही। बल्कि उन्होंने कहा कि कॉलोनी के लिए कहीं और जगह देख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


देहरादून की टीम ने किया था दौरा
वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर देहरादून के भारतीय वन्य जीव संस्थान की विशेषज्ञ टीम ने दौरा किया और इस जगह को वन्य जीवों के लिए उपयुक्त माना। टीम की सिफारिश भी इस क्षेत्र से एनपीसीएल की गतिविधियां दूसरी जगह शिफ्ट करने की रही हैं।
 
सैकड़ों हिरण रहते हैं इस क्षेत्र में : कड़वासरा
संस्था की ओर से ग्रीन ट्रिब्यूनल में केस दायर करने वाले विनोद कड़वासरा का कहना है कि परमाणु संयंत्र अधिगृहीत जगह वन्य जीवों की रही है। इस समय सैकड़ों की संख्या में हिरण व नील गाय यहां रहते हैं। वन्य जीवों का क्षेत्र नहीं बदला जा सकता। इस समय यहां हिंसक कुत्ते हिरणों पर हमला कर देते हैं। उन्हें अपना शिकार बना लेते हैं। केंद्र सरकार ने एक विशेष प्लान के तहत हरियाणा में कुत्तों का बंधीकरण करने का फैसला किया है। इसके बाद यह जगह हिरणों के लिए अपने आप ही अभ्यारण बन जाएगी।

छोटे वन्य जीवों को बचाए सरकार : इंद्राज ज्याणी
जीव प्रेमी इंद्राज ज्याणी ने कहा कि बड़ोपल क्षेत्र में विलुप्त प्रजाति में शामिल हिरण के अलावा दूसरे वन्य जीव भी देखे गए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ोपल के टिब्बों में वन्य जीवों का प्रवास है। सरकार को चाहिए कि वन्य जीवों को बचाए जाने के लिए कोई अभियान चलाए ताकि इनके जीवन पर संकट को क किया जा सके।


कोट
गोरखपुर परमाणु संयंत्र के कर्मचारियों के लिए बड़ोपल-कुम्हारिया के बीच विकसित की जा रही आवासीय कालोनी स्थानांतरित करने के लिए सरकार को पत्र लिख दिया गया है ताकि वन्य जीवों को बचाया जा सके।
- डीके बेहरा, उपायुक्त, फतेहाबाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed