फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Korda Mar Holi was played in Baijalpur, 80 brother-in-law and sister-in-law pairs participated in two days

Fatehabad News: बैजलपुर में कोरड़ा मार होली की धूम 2 दिन में 80 देवर-भाभी ने खेला फाग

Sat, 15 Mar 2025 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 15 Mar 2025 11:37 PM IST
विज्ञापन
Korda Mar Holi was played in Baijalpur, 80 brother-in-law and sister-in-law pairs participated in two days
बैजलपुर गांव में फाग उत्सव में कोरड़ा मारती भाभी व पानी डालता देवर
भूना। हरियाणा की लोक संस्कृति की झलक बैजलपुर गांव में देखने को मिलती है। यहां पिछले कई वर्षों से लगातार फाग उत्सव मनाया जा रहा है। गांव के सार्वजनिक चौक में तीन दिन तक चलने वाले इस उत्सव में देवर-भाभी की कोरड़ा मार होली खेली जाती है। शुक्रवार से शनिवार तक 15 से 50 वर्ष तक के देवर-भाभी की जोड़ियां कोरड़ा मार होली खेलती रहीं हैं।
विज्ञापन


रविवार को 75 वर्षीय अमर सिंह झाझडिया और सहीराम अपनी हमउम्र भाभियों के साथ रंग उत्सव में भाग लेंगे। अब तक 80 देवर-भाभी की जोड़ियां इस खेल में हिस्सा ले चुकी हैं। खास बात यह है कि भाईचारा और पानी बचाने के लिए सामूहिक रूप से फाग खेली जाती है।
विज्ञापन


बैजलपुर में सामूहिक फाग उत्सव की शुरुआत 2004 में हुई थी। हवलदार सतबीर सिंह झाझड़िया, मास्टर रोहताश भाखर और धर्मवीर कादियान के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई थी। मकसद था कि होली के दौरान लड़ाई-झगड़े न हो। पहले हर मोहल्ले में अलग-अलग होली खेली जाती थी, जिससे विवाद होते थे। अब सार्वजनिक रूप से गांव के चौक में सामूहिक होली शुरू होने के बाद भाईचारा बढ़ा और झगड़े खत्म हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कमेटी के प्रधान सतबीर झाझडिया और सदस्य रण सिंह ओला, बलवान सिंह, धर्मबीर सिंह, जसबीर ओला, विकास मावलिया, जगदीश चंद्र, मोनू सिंह, गोला राम, प्रकाश सिंह, रोहताश कुमार, पवन कुमार और मडिया सूंडा पूरी व्यवस्था संभालते हैं। इससे आपसी भाईचारा मजबूत हुआ है और पानी की बर्बादी भी रुकी है।







रस्सी और चुन्नी से बनते हैं कोरड़े

होली के अगले दिन फाग उत्सव में देवर-भाभी की कोरड़ा मार होली सबसे खास होती है। गांव के चौक में महिलाएं और पुरुष एकत्रित होते हैं। लोहे की बड़ी कढ़ाई में पानी भरा जाता है और आसपास पानी के टैंकर रखे जाते हैं। महिलाएं चुन्नी और रस्सी से बने कोरड़े से देवरों को मारती हैं, जबकि युवक कढ़ाई से पानी निकालकर महिलाओं पर डालते हैं। फाग उत्सव में विजेता देवर और भाभी को आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया जाता है।








भाईचारा और पानी बचाना ही मुख्य उद्देश्य : हेमंत

गांव के सरपंच हेमंत बैजलपुरिया ने बताया कि कई साल पहले सामाजिक लोगों ने होली के दौरान बिगड़ते भाईचारे को बचाने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए सामूहिक कोरड़ा मार होली की परंपरा शुरू की थी। आज भी युवाओं की एक टीम बुजुर्गों की इस विरासत को कायम रखे हुए है। बैजलपुर की कोरड़ा मार होली दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed